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एक बेड पर दो मरीज
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:58 AM IST
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स्वास्थ्य सेवाएं में सुधार को लेकर लाखों दावे करने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है। महिला अस्पताल में मरीजों को फजीहत झेलनी पड़ रही है। महिला अस्पताल एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। डिलीवरी के बाद भर्ती मरीजों में संक्रमण होने का खतरा है।
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महिला अस्पताल में मात्र 30 बेड हैं। प्राइवेट रूम को शामिल कर 34 बेड का अस्पताल है। डिलीवरी के सबसे अधिक मामले महिला अस्पताल में आते हैं। वर्षों से बन रही नई बिल्डिंग को अपने दिन बहुरने का इंतजार है।
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महिला अस्पताल में स्टाफ की भी कमी है। बिना स्टाफ के नई बिल्डिंग का संचालन होना भी मुश्किल है। अव्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। महिला अस्पताल में बुधवार को सात नार्मल और पांच आपरेशन से डिलीवरी हुई थी।
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अस्पताल में मरीजों की अधिकता के चलते डिलीवरी के बाद एक बेड पर दो-दो मरीजों को रखना पड़ा। ऐसे में बच्चों में या मरीजों को संक्रमण हो सकता है।
प्रतिदिन 10 से 15 डिलीवरी होती हैं। अस्पताल में संसाधन सीमित हैं। एसटीएच जाने को गर्भवती महिलाएं तैयार नहीं होती हैं। सीमित संसाधनों में ही व्यवस्था चल रही है। स्टाफ की कमी दूर होने और नई बिल्डिंग शुरू होने पर स्थिति में सुधार होगा।
डा. भागीरथी जोशी
सीएमएस, महिला अस्पताल, हल्द्वानी