{"_id":"6a6bb393bb6eed7601026791","slug":"truck-loaded-with-wood-overturns-driver-injured-nainital-news-c-238-1-ntl1001-128841-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: ऊन की डोर से मजबूत होगा भाई-बहन का प्यार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: ऊन की डोर से मजबूत होगा भाई-बहन का प्यार
Fri, 31 Jul 2026 01:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 31 Jul 2026 01:56 AM IST
विज्ञापन
नैनीताल में महिलाओं की ओर से तैयार की गई ऊन की राखियां।
नैनीताल। ऊनी उत्पादों की मांग एवं इसके बाजार को देखते हुए महिलाएं नए प्रयोग कर रही हैं। ऊन की ज्वेलरी के बाद कई महिलाएं इससे आकर्षक राखियां बना रही हैं। रेशम के साथ ऊन से बनी राखियों को लोग पसंद कर रहे हैं।
नगर पालिका के सूडा अनुभाग के समूह संगठनकर्ता चंदन भंडारी ने बताया कि 20 से अधिक महिला समूह यहां सूचीबद्ध हैं। इनके माध्यम से निजी स्तर पर लघु रोजगार कर महिला स्वावलंबन की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। पालिका कीी ओर से इन्हें बाजार उपलब्ध कराया जाता है। रोजगार के लिए ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है। पालिका में संबंधित जानकारी के लिए पहुंची समूह की महिलाएं हेमा रौतेला एवं दीपा मेहरा ने बताया कि वह ऊन की टोपी, मोजे, दस्ताने आदि उत्पाद बनाते हैं। लगभग तीन चार वर्ष पूर्व उन्होंने क्रोशिया के माध्यम से ऊन से राखी बनाने की पहल की। इसे सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया। सामान्य तौर पर वह 20 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की राखियां बनाती हैं। ऑर्डर मिलने पर महंगी राखी भी बनाती हैं। रक्षाबंधन पर्व के दौरान उन्हें अच्छे ऑर्डर मिलते हैं। इन दिनों भी वह लोगों की मांग के क्रम में राखियां बना रही हैं। कुछ दुकानों में भी उनकी राखियां उपलब्ध हैं। उनके समूह की दस महिलाएं भी ऊन से संबंधित अन्य उत्पाद बना रही हैं।
फोटो...30एनटीएल08पी.
विज्ञापन
नगर पालिका के सूडा अनुभाग के समूह संगठनकर्ता चंदन भंडारी ने बताया कि 20 से अधिक महिला समूह यहां सूचीबद्ध हैं। इनके माध्यम से निजी स्तर पर लघु रोजगार कर महिला स्वावलंबन की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। पालिका कीी ओर से इन्हें बाजार उपलब्ध कराया जाता है। रोजगार के लिए ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है। पालिका में संबंधित जानकारी के लिए पहुंची समूह की महिलाएं हेमा रौतेला एवं दीपा मेहरा ने बताया कि वह ऊन की टोपी, मोजे, दस्ताने आदि उत्पाद बनाते हैं। लगभग तीन चार वर्ष पूर्व उन्होंने क्रोशिया के माध्यम से ऊन से राखी बनाने की पहल की। इसे सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया। सामान्य तौर पर वह 20 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की राखियां बनाती हैं। ऑर्डर मिलने पर महंगी राखी भी बनाती हैं। रक्षाबंधन पर्व के दौरान उन्हें अच्छे ऑर्डर मिलते हैं। इन दिनों भी वह लोगों की मांग के क्रम में राखियां बना रही हैं। कुछ दुकानों में भी उनकी राखियां उपलब्ध हैं। उनके समूह की दस महिलाएं भी ऊन से संबंधित अन्य उत्पाद बना रही हैं।
विज्ञापन
फोटो...30एनटीएल08पी.