फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Traders will not be able to sell jewelery without hallmark in Nainital-Haridwar

Exclusive: नैनीताल-हरिद्वार में बगैर हॉलमार्क की ज्वैलरी नहीं बेच सकेंगे व्यापारी, होगी कार्रवाई

Sun, 22 Oct 2023 02:23 PM IST
हीरा मेहरा अमित उप्रेती, संवाद
अमित उप्रेती, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Sun, 22 Oct 2023 02:23 PM IST
सार

भारतीय मानक ब्यूरो उत्तराखंड के वरिष्ठ निदेशक सुधीर बिश्नोई का कहना है कि नैनीताल जिले में 190 और हरिद्वार में 300 कारोबारी हॉलमार्क के तहत रजिस्टर्ड हैं। 40 लाख प्रतिवर्ष तक टर्नओवर वाले कारोबारी अनिवार्य हॉलमार्क लाइसेंस के दायरे में नहीं आते हैं। 

विज्ञापन
Traders will not be able to sell jewelery without hallmark in Nainital-Haridwar
बगैर हॉलमार्क की ज्वैलरी नहीं बेच सकेंगे व्यापारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल और हरिद्वार में सराफा कारोबारी बगैर भारतीय मानक ब्यूरो से रजिस्टर्ड हॉलमार्क ज्वैलरी अब नहीं बेच सकेंगे। ऐसे कारोबारियों पर मानक ब्यूरो कानूनी कार्रवाई कर सकता है। 

विज्ञापन


अब तक भारतीय मानक ब्यूरो की ओर से यह नियम पौड़ी गढ़वाल, दून और पिथौरागढ़ में ही लागू था। अब इसमें नैनीताल और हरिद्वार जिले को भी शामिल कर दिया है। भारतीय मानक ब्यूरो उत्तराखंड के वरिष्ठ निदेशक सुधीर बिश्नोई का कहना है कि नैनीताल जिले में 190 और हरिद्वार में 300 कारोबारी हॉलमार्क के तहत रजिस्टर्ड हैं। 40 लाख प्रतिवर्ष तक टर्नओवर वाले कारोबारी अनिवार्य हॉलमार्क लाइसेंस के दायरे में नहीं आते हैं। 
विज्ञापन


ग्रीन सिटी सराफा और स्वर्णकार एसो. के अध्यक्ष घनश्याम रस्तोगी ने बताया कि नैनीताल जिले में करीब 300 से अधिक, हरिद्वार में 450 से अधिक सर्राफ हैं।  हाॅलमार्क के जो भी आभूषण होते हैं वह 22 कैरेट में होते हैं यानी 92 प्रतिशत सोना होता है। बगैर हॉलमार्क के ज्वैलरी बेचने में ग्राहक को 80 से 85 प्रतिशत शुद्ध सोना मिल पाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले में हॉलमार्क के तीन सेंटर हैं 
जिले में हॉलमार्क के तीन सेंटर हल्द्वानी में हैं। सराफा कारोबारी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के बाद बाहर से जो भी स्वर्ण आता है उसे लेकर हाॅल मार्क सेंटर जाएगा। प्रत्येक पीस का यहां 53 रुपया चार्ज लिया जाता है। जिसमें 45 रुपया चार्ज हॉलमार्क सेंटर का और आठ रुपया जीएसटी के तौर पर सरकार के खाते में जाता है।

ऑनलाइन होता है रजिस्ट्रेशन 
हॉल मार्क का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन नि:शुल्क होता है। हॉल मार्क में 22 कैरेट को शुद्ध माना जाता है जबकि 18, 19, 20 कैरेट मानकों में नहीं आता है। 

स्वर्णकार को दुकानों में शुद्ध सोना रखना जरूरी
भारतीय मानक ब्यूरो ज्वेलर्स जागरूकता कार्यक्रम में सराफा कारोबारियों को हॉलमार्क के बारे में जानकारी दी गई। ग्रीन सिटी सराफा और स्वर्णकार एसोसिएशन की रामपुर रोड स्थित एक होटल में हुई बैठक में वरिष्ठ निदेशक भारतीय मानक ब्यूरो, सुधीर बिश्नोई और समन्वयक श्रीकांत मिश्रा ने कारोबारियों से शुद्ध आभूषण बेचने को कहा। उन्होंने कहा कि दुकान में कम गुणवत्ता वाला सोना रखने पर कारोबारी पर कार्रवाई की जा सकती है। अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम रस्तोगी ने की। यहां पीयूष अग्रवाल, नरेश रस्तोगी, राजकुमार, सचिन, सुधीर जैन, लविश वर्मा, पवन सिंघल आदि स्वर्णकार मौजूद रहे। 


प्रदेश के तीन जिलों में यह नियम पहले से लागू था। नैनीताल और हरिद्वार के स्वर्णाभूषण कारोबारियों को एक हफ्ते का समय दिया गया है। इस दौरान ऐसे व्यापारी भारतीय मानक ब्यूरो से रजिस्ट्रेशन करा लें अन्यथा पकड़े जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -सुधीर बिश्नोई, वरिष्ठ निदेशक भारतीय मानक ब्यूरो उत्तराखंड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed