नैनीताल: श्रेणी-4 भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में हाईकोर्ट ने डीएम को जांच के दिए आदेश
हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले में श्रेणी-4 की विवादित भूमि पर अनधिकृत कब्जे के नियमितीकरण मामले में गंभीर आरोपों को देखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल को जांच के निर्देश दिए हैं।
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हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले में विवादित श्रेणी-4 की भूमि पर अनधिकृत कब्जे के नियमितीकरण से जुड़े मामले में गंभीर आरोपों को देखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल को जांच के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अजय कुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में हस्तक्षेपकर्ता रवि शंकर जोशी ने कोर्ट को बताया कि संबंधित भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया वर्ष 1989 में शुरू हुई थी। जिलाधिकारी नैनीताल ने 23 अप्रैल 1991 को अनधिकृत कब्जेदारों के नियमितीकरण का दावा खारिज करते हुए तहसीलदार हल्द्वानी को भूमि का कब्जा वापस लेने के निर्देश दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, जिसमें 2016 में तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट भी शामिल है, रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ अधिकारी मामले से जुड़े दस्तावेजों के गायब होने में शामिल हो सकते हैं।
दो सप्ताह में जांच के आदेश
हाईकोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल को अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी से जांच कराने का निर्देश दिया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या याचिकाकर्ताओं के मामले को कमजोर करने वाला कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज रिकॉर्ड से गायब हुआ है। कोर्ट ने जांच को दो सप्ताह में पूरी करने को कहा गया है। इसके अलावा जिलाधिकारी को विवादित भूमि से संबंधित वर्ष 1980 से अब तक के सभी प्रासंगिक दस्तावेज तीन सप्ताह के भीतर सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर 2026 की तिथि नियत की है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि हस्तक्षेपकर्ता को अपने जीवन या स्वतंत्रता को लेकर खतरा महसूस होता है तो वह एसएसपी नैनीताल से सुरक्षा मांग सकता है।