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साढ़े तीन लाख हो जाएंगे पेंशन से वंचित
राजीव शुक्ला हल्द्वानी।
Updated Wed, 06 Jul 2016 12:56 AM IST
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समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं का बखान कर रही सरकार अपने ही एक फैसले से करीब साढ़े तीन लाख पेंशनरों को दर किनार कर चुकी है। एपीएल और बीपीएल के झगड़े में ये पेंशनर अब तक मिल रही पेंशन से हाथ धो बैठेंगे।
वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन से राज्य में लगभग साढ़े छह लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन के तहत बीपीएल श्रेणी में आने वाले पात्रों की राशि का आंशिक हिस्सा केंद्र से आता है। कुछ हिस्सा राज्य सरकार देती है। जबकि आय के आधार पर दी जाने वाली पेंशन की राशि राज्य सरकार देती है। ऐसे लोग ग्रामीण विकास विभाग भारत सरकार की बीपीएल सूची में शामिल नहीं है। एपीएल/राज्यांश के रूप में आय के आधार पर दी जाने वाली पेंशन पर आने वाले खर्च को राज्य सरकार वहन करती है।
अभी राज्य में वृद्धावस्था पेंशन का लाभ 04,25,962, विकलांग पेंशन का लाभ 64,921 और विधवा पेंशन का लाभ 01,39,381 को मिल रहा है। पेंशन योजना से कुल 06,30,264 लोग लाभांवित हो रहे हैं। सरकार के एक निर्णय से लगभग 03,53,817 लोग पेंशन योजना के लाभ से वंचित हो जाएंगे। शासनादेश समाज कल्याण विभाग की सचिव डा. भूपिन्दर कौर औलख की ओर से 17 जून को जारी किया गया था। शासनादेश में कहा गया है कि ऐसे लाभार्थी जिनके पुत्र/पौत्र 20 वर्ष से अधिक आयु के हों लेकिन गरीबी रेखा के ऊपर जीवन यापन कर रहे हों ऐसी दशा में ऐसी लाभार्थी पेंशन के लिए पात्र नहीं होंगे।
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जिले वृद्धावस्था विधवा विकलांग (एपीएल/राज्यांश पेंशनरों की संख्या)
पिथौरागढ़ 8330 7115 2510
बागेश्वर 7536 4829 2325
चंपावत 4092 4267 1761
अल्मोड़ा 17,046 10603 4700
ऊधमसिंह नगर 24,960 13676 6506
नैनीताल 11,625 10372 4672
देहरादून 16,711 18304 11408
हरिद्वार 49,385 14233 8503
टिहरी 17,872 2765 6386
पौड़ी 6395 9826 5644
चमोली 5734 5904 2807
रुद्रप्रयाग 5250 4507 1777
उत्तरकाशी 6658 3454 3169
-----------------------------------------
योग :: 01,81,594 01,09,855 62,168
-----------------------------------------
कोट
शासनादेश में संशोधन किया जा रहा है। एक संशोधन 27 जून को किया गया। जिसमें पुत्र या पौत्र 20 वर्ष के हों और गरीबी रेखा के नीचे हो तो पेंशन का लाभ मिलेगा। संशोधन के बावजूद भी शासनादेश में कमी रह गई है। पुन: संशोधन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भी संशोधन के लिए आदेश दिए हैं।
विष्णु सिंह धानिक, निदेशक, समाज कल्याण
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वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन से राज्य में लगभग साढ़े छह लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन के तहत बीपीएल श्रेणी में आने वाले पात्रों की राशि का आंशिक हिस्सा केंद्र से आता है। कुछ हिस्सा राज्य सरकार देती है। जबकि आय के आधार पर दी जाने वाली पेंशन की राशि राज्य सरकार देती है। ऐसे लोग ग्रामीण विकास विभाग भारत सरकार की बीपीएल सूची में शामिल नहीं है। एपीएल/राज्यांश के रूप में आय के आधार पर दी जाने वाली पेंशन पर आने वाले खर्च को राज्य सरकार वहन करती है।
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अभी राज्य में वृद्धावस्था पेंशन का लाभ 04,25,962, विकलांग पेंशन का लाभ 64,921 और विधवा पेंशन का लाभ 01,39,381 को मिल रहा है। पेंशन योजना से कुल 06,30,264 लोग लाभांवित हो रहे हैं। सरकार के एक निर्णय से लगभग 03,53,817 लोग पेंशन योजना के लाभ से वंचित हो जाएंगे। शासनादेश समाज कल्याण विभाग की सचिव डा. भूपिन्दर कौर औलख की ओर से 17 जून को जारी किया गया था। शासनादेश में कहा गया है कि ऐसे लाभार्थी जिनके पुत्र/पौत्र 20 वर्ष से अधिक आयु के हों लेकिन गरीबी रेखा के ऊपर जीवन यापन कर रहे हों ऐसी दशा में ऐसी लाभार्थी पेंशन के लिए पात्र नहीं होंगे।
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जिले वृद्धावस्था विधवा विकलांग (एपीएल/राज्यांश पेंशनरों की संख्या)
पिथौरागढ़ 8330 7115 2510
बागेश्वर 7536 4829 2325
चंपावत 4092 4267 1761
अल्मोड़ा 17,046 10603 4700
ऊधमसिंह नगर 24,960 13676 6506
नैनीताल 11,625 10372 4672
देहरादून 16,711 18304 11408
हरिद्वार 49,385 14233 8503
टिहरी 17,872 2765 6386
पौड़ी 6395 9826 5644
चमोली 5734 5904 2807
रुद्रप्रयाग 5250 4507 1777
उत्तरकाशी 6658 3454 3169
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योग :: 01,81,594 01,09,855 62,168
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कोट
शासनादेश में संशोधन किया जा रहा है। एक संशोधन 27 जून को किया गया। जिसमें पुत्र या पौत्र 20 वर्ष के हों और गरीबी रेखा के नीचे हो तो पेंशन का लाभ मिलेगा। संशोधन के बावजूद भी शासनादेश में कमी रह गई है। पुन: संशोधन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भी संशोधन के लिए आदेश दिए हैं।
विष्णु सिंह धानिक, निदेशक, समाज कल्याण