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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Three and a half million people at risk of unemployment

साढ़े तीन लाख लोग बेरोजगारी की कगार पर

Wed, 08 Jun 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Wed, 08 Jun 2016 12:17 AM IST
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आगे आने वाले पांच सालों में कुमाऊं के छह जिलों में करीब साढ़े तीन लाख लोगों को नए रोजगार के हिसाब से दक्ष बनाने की जरूरत होगी। ये वो लोग हैं जिन्हें उद्योग और संस्थाएं अर्द्ध कुशल मान कर चल रही हैं। औद्योगिक संगठनों के मुताबिक ऐसे लोगों की सबसे अधिक  संख्या ऊधमसिंहनगर में है। खास बात यह है कि कुमाऊं में ही पर्यटन, होटल और शिक्षा का क्षेत्र रोजगार के सबसे बड़े सेक्टर के रूप में उभर कर सामने आ रहे हैं।
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नेशनल स्क्लि डेवलपमेंट कारपोरेशन के मुताबिक प्रदेश में अब तक कृषि और संबंधित क्षेत्र पर रोजगार निर्भर रहा है। अब यह स्थिति बदल गई है। अब प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन तेजी से उभरता सेक्टर है। प्रदेश के लिए राहत की बात यह भी है कि पर्यटन में नए रोजगार की सबसे अधिक संभावना है। पर्यटन तेजी से बढ़ता सेक्टर है और इसकी क्षमता का पूरा उपयोग कर बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इस समय प्रदेश में करीब आठ लाख पंजीकृत बेरोजगार है। दूसरी ओर, पर्यटन, शिक्षा, होटल व्यवसाय आदि में ही अगले पांच सालों में दस लाख लोगों को रोजगार का अवसर देने की क्षमता मौजूद है।
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कारपोरेशन के अध्ययन के मुताबिक प्रदेश में ऐसे लोगों की भी भारी संख्या मौजूद है जो रोजगार के हिसाब से बदलते परिवेश से कदमताल नहीं कर पा रहे हैं। ये अर्द्ध कुशल हैं और कुमाऊं में ही इनकी संख्या करीब साढ़े तीन लाख है। इन लोगों को प्रशिक्षित कर उद्योगों और रोजगार के अन्य क्षेत्रों से जोड़ा जा सकता है।
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अध्ययन के मुताबिक ऊधमसिंह नगर में ऐसे लोगाें की संख्या करीब एक लाख 18 हजार के है। दूसरी ओर हकीकत यह भी है कि ऊधमसिंह नगर में ही कुमाऊं के अन्य जिलों के मुकाबले अधिक जनसंख्या है। पिथौरागढ़ में 32 हजार 965, बागेश्वर में 15424, अल्मोड़ा में 44141, चंपावत में 14594, नैनीताल में 141731 अर्द्ध कुशल लोग है। इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता के मुताबिक प्रदेश सरकार को उद्योगों और अन्य क्षेत्रों की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षण के लिए व्यवस्था करनी चाहिये। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स के पदाधिकारियों केमुताबिक चैंबर ने इस स्थिति को देखते हुये अब अपनी तरफ से भी शुरूआत की है। चैंबर तेजी से उभर रहे सेक्टरों के लिए रेाड मैप तैयार कर रहा है। 
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