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सैकड़ों की भूख हड़ताल, हजारों का जुलूस

ब्यूरो/अमर उजाला, बिंदुखत्ता Updated Thu, 02 Apr 2015 02:05 AM IST
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अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले बिंदुखत्ता को पालिका बनाए जाने के विरोध में घेरा डालो डेरा डालो कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों की आठवें दिन भी भूख हड़ताल जारी रही। बुधवार को सैकड़ों लोग भूख हड़ताल पर बैठे। वहीं पूर्व कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों ने जुलूस निकाला और तहसील परिसर का घेराव कर राज्य सरकार और स्थानीय विधायक हरीश चंद्र दुर्गापाल के खिलाफ नारेबाजी की।
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तहसील परिसर में आयोजित सभा में किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार भूमाफिया के इशारे पर बिंदुखत्ता को नगर पालिका परिषद बनाकर यहां बसे लोगों को उनकी जमीन से बेदखल करने की साजिश कर रही है। नगर पालिका के खिलाफ  जनता की आपत्तियों पर सुनवाई किए बिना ही राज्य सरकार ने नगर पालिका की अधिसूचना जारी कर दी। कामरेड बहादुर सिंह जंगी और माले नेता राजेंद्र प्रथोली ने कहा कि जब तक राज्य सरकार नगर पालिका का शासनादेश वापस नहीं लेती है, आंदोलन जारी रहेगा।


भूख हड़ताल पर रहने वालों और जुलूस-प्रदर्शन में कैलाश पांडे, भुवन जोशी, कुंवर सिंह चौहान, बिशन दत्त जोशी, आनंद सिंह दानू, उमेद सिंह मेहता, ललित मटियाली, शंकर जोशी, किशन बघरी, हरीश चंद्र सिंह भंडारी, पान सिंह बिष्ट, शंकर दत्त कापड़ी, देव सिंह बिष्ट, शेर सिंह कोरंगा, मंगल सिंह कोश्यारी, महेंद्र सिंह रावत, लक्ष्मण सिंह राठौर, बसंती बिष्ट, सूरमा देवी, उदिया देवी, मीना देवी, गंगा देवी, समर गोस्वामी समेत हजारों ग्रामीण शामिल थे। इधर, आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक हरीश रावत, कमान सिंह धामी, लक्ष्मण भट्ट , मनोज पंत ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला, आंदोलन स्थगित
बिंदुखत्ता को नगर पालिका बनाए जाने के मामले में अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। इसके बाद से आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। किसान महासभा की ओर से याचिकाकर्ता पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि किसान महासभा की ओर से नगर पालिका परिषद की वैधता के विरुद्ध मंगलवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिस पर बुधवार को न्यायालय ने सुनवाई करते हुए उत्तराखंड सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि चूंकि अब मामला हाईकोर्ट पहुंच चुका है, इसलिए फिलहाल आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है।

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