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बड़े भाई को बचाने के चक्कर में छोटा भी डूब गया
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बच्चों की मौत की खबर सुनकर रोती बिलखती मां व अन्य परिजन। संवाद
- फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। दो बच्चों की जिद ने एक परिवार की उम्मीदें तोड़ दी। हंसते खेलते परिवार ने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा दिन भी देखना पड़ेगा कि घर के दो चिराग साथ चले जाएंगे। बड़ा भाई रोबिन डूबने लगा तो छोटे भाई रोहन उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा लेकिन वह खुद भी डूब गया।
मां कमलेश ने रोते हुए बताया कि कुछ दिन पहले बताया था कि वे गौला नदी में स्नान करने जा रहे हैं। उस समय मना कर दिया गया था और डराया कि गौला नदी में स्नान करते समय लोग डूब जाते हैं। कमलेश का कहना था कि आज दोनों बेटों ने नहीं बताया कि वे कहां जा रहे हैं। बिना बताए साथियों के साथ चले गए।
मां तेरे लिए घर बनाऊंगा
हल्द्वानी। कमलेश ने कहा कि रोहन कहता था कि मां खूब पढ़ाई करूंगा। बड़ा होकर तेरे लिए घर बनाऊंगा। मां एक व्यवसायी परिवार में घरेलू कार्य करती है। पिता मजदूरी करते हैं। बेटोें की मौत से मां का सपना पानी में बह गया। दो दशकों से यह परिवार गौलाजाली में रह रहा है। मकान मालिक पूरन भट्ट ने बताया कि यह परिवार तीन महीने से उनके घर पर किराए पर रह रहा है।
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व्यवसायी की पत्नी दोनों बच्चों को पढ़ाती थी
हल्द्वानी। गौला नदी में डूबे दोनों बच्चों की मां कमलेश व्यवसायी की पत्नी अमरजीत कौर के घर का काम करती है। इसी कारण व्यवसायी की बत्नी दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाती थी। मकान मालिक पूरन भट्ट ने बताया कि मजदूर राम प्रकाश के पास दोनों बच्चों को पढ़ाने की क्षमता नहीं थी लेकिन व्यवसायी की पत्नी अमरजीत कौर अंग्रेजी माध्यम से दोनों बच्चों को पढ़ाने के लिए पूरा खर्च वहन करती थी। मजदूर की एक छोटी बेटी पूजा है।
20 दिन पहले मायके से आई थी कमलेश
हल्द्वानी। पूरन भट्ट ने बताया कि लॉकडाउन के चलते कमलेश काशीपुर स्थित मायके चली गई थी। 20 दिन पहले वह बच्चों को लेकर यहां रहने के लिए आई थी।
17 दिन पहले गौला नदी में डूबा था युवक
हल्द्वानी। काठगोदाम स्थित गौला नदी में 17 दिन पहले बरेली का एक युवक अरबाज स्नान करते समय डूब गया था। वह अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए हल्द्वानी आया था। जल पुलिस ने युुवक के शव को बाहर निकाला था।
गौला नदी में स्नान करना खतरनाक
हल्द्वानी। जिला प्रशासन ने गौला नदी से दूर रहने का अलर्ट पहले ही जारी कर दिया था। इस मामले में पुलिस भी किसी स्थिति से निबटने के लिए तैयार है। पुलिस का कहना है कि अवैध खनन में लगे लोगों ने जगह जगह 15 से लेकर 25 फीट नीचे तक गड्डे खोद दिए हैं। इसी कारण लोग डूब जाते हैं।
खनन के चलते बन गए गहरे गड्ढे
हल्द्वानी। पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया कि खनन में लगे ठेकेदारों ने गौला नदी में काफी गहरे गड्ढे कर दिए हैं। इसी कारण गौला नदी में स्नान करना खतरे से खाली नहीं है। सभी बच्चे आंवला गेट से होते हुए सामने गौला नदी में गए थे।
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मां कमलेश ने रोते हुए बताया कि कुछ दिन पहले बताया था कि वे गौला नदी में स्नान करने जा रहे हैं। उस समय मना कर दिया गया था और डराया कि गौला नदी में स्नान करते समय लोग डूब जाते हैं। कमलेश का कहना था कि आज दोनों बेटों ने नहीं बताया कि वे कहां जा रहे हैं। बिना बताए साथियों के साथ चले गए।
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मां तेरे लिए घर बनाऊंगा
हल्द्वानी। कमलेश ने कहा कि रोहन कहता था कि मां खूब पढ़ाई करूंगा। बड़ा होकर तेरे लिए घर बनाऊंगा। मां एक व्यवसायी परिवार में घरेलू कार्य करती है। पिता मजदूरी करते हैं। बेटोें की मौत से मां का सपना पानी में बह गया। दो दशकों से यह परिवार गौलाजाली में रह रहा है। मकान मालिक पूरन भट्ट ने बताया कि यह परिवार तीन महीने से उनके घर पर किराए पर रह रहा है।
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व्यवसायी की पत्नी दोनों बच्चों को पढ़ाती थी
हल्द्वानी। गौला नदी में डूबे दोनों बच्चों की मां कमलेश व्यवसायी की पत्नी अमरजीत कौर के घर का काम करती है। इसी कारण व्यवसायी की बत्नी दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाती थी। मकान मालिक पूरन भट्ट ने बताया कि मजदूर राम प्रकाश के पास दोनों बच्चों को पढ़ाने की क्षमता नहीं थी लेकिन व्यवसायी की पत्नी अमरजीत कौर अंग्रेजी माध्यम से दोनों बच्चों को पढ़ाने के लिए पूरा खर्च वहन करती थी। मजदूर की एक छोटी बेटी पूजा है।
20 दिन पहले मायके से आई थी कमलेश
हल्द्वानी। पूरन भट्ट ने बताया कि लॉकडाउन के चलते कमलेश काशीपुर स्थित मायके चली गई थी। 20 दिन पहले वह बच्चों को लेकर यहां रहने के लिए आई थी।
17 दिन पहले गौला नदी में डूबा था युवक
हल्द्वानी। काठगोदाम स्थित गौला नदी में 17 दिन पहले बरेली का एक युवक अरबाज स्नान करते समय डूब गया था। वह अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए हल्द्वानी आया था। जल पुलिस ने युुवक के शव को बाहर निकाला था।
गौला नदी में स्नान करना खतरनाक
हल्द्वानी। जिला प्रशासन ने गौला नदी से दूर रहने का अलर्ट पहले ही जारी कर दिया था। इस मामले में पुलिस भी किसी स्थिति से निबटने के लिए तैयार है। पुलिस का कहना है कि अवैध खनन में लगे लोगों ने जगह जगह 15 से लेकर 25 फीट नीचे तक गड्डे खोद दिए हैं। इसी कारण लोग डूब जाते हैं।
खनन के चलते बन गए गहरे गड्ढे
हल्द्वानी। पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया कि खनन में लगे ठेकेदारों ने गौला नदी में काफी गहरे गड्ढे कर दिए हैं। इसी कारण गौला नदी में स्नान करना खतरे से खाली नहीं है। सभी बच्चे आंवला गेट से होते हुए सामने गौला नदी में गए थे।