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तथ्य छिपाकर कम उम्र में बनी प्रधान
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Thu, 23 Apr 2015 01:39 AM IST
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पोखरी मल्ली की प्रधान पर नाबालिग की उम्र में गलत सूचना देकर प्रधान का चुनाव लड़ने का आरोप लगाते हुए घोषित प्रधान को पद से बर्खास्त करने की मांग की गई है।
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डीएम को सौंपे ज्ञापन में पोखरी मल्ली (ओखलकांडा) के गिरीश चंद्र पोखरिया ने कहा है कि 73वें संविधान संशोधन स्थानीय पंचायती राज चुनाव एवं पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत ग्राम प्रधान प्रत्याशी की नामांकन की तिथि को 21 वर्ष की आयु पूर्ण होनी अनिवार्य है। ग्राम पंचायत मल्ली पोखरी (ओखलकांडा) में 27 जून 2014 को प्रधान का चुनाव हुआ था। निर्वाचित घोषित प्रधान सुनीता देवी पत्नी संदीप चंद्र की जन्मतिथि उनके शिक्षा लेने वाले विद्यालय राइंका पतलोट के अभिलेखानुसार 2 जुलाई 1995 है।
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इसकी प्रति सूचना अधिकार के तहत राइंका पतलोट के प्रधानाचार्य ने उपलब्ध कराई है। ग्राम पंचायत पोखरी मल्ला की मतदाता सूची एक जनवरी 2013 से बनी है। उसमें सुनीता देवी की उम्र 20 वर्ष अंकित है, जबकि विद्यालय के अभिलेख में उनकी उम्र उस समय मात्र 17 वर्ष 5 माह 29 दिन होती है। जो उस समय मतदाता सूची में दर्ज 20 वर्ष की आयु के हिसाब से भी ग्राम प्रधान पद के चुनाव लड़ने के लिए अर्ह नहीं थी। उन्होंने गैर कानूनी तरीके से तथ्य छिपाते हुए चुनाव लड़कर प्रधान बनी प्रत्याशी सुनीता देवी को बर्खास्त कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की है। ब्यूरो
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