Uttarakhand News: आश्वासन पर खुली मंडी, मांगों पर व्यापारियों ने दी 15 दिन की डेडलाइन
हल्द्वानी में सिटी मजिस्ट्रेट और भाजपा नेताओं के आश्वासन के बाद मंडी के व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला फिलहाल वापस ले लिया है। इसके बाद मंडी की अधिकतर दुकानें बृहस्पतिवार दोपहर में खुल गईं।
विस्तार
हल्द्वानी में सिटी मजिस्ट्रेट और भाजपा नेताओं के आश्वासन के बाद मंडी के व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला फिलहाल वापस ले लिया है। इसके बाद मंडी की अधिकतर दुकानें बृहस्पतिवार दोपहर में खुल गईं। कारोबारियों ने मंडी परिषद अध्यक्ष को हटाने समेत विभिन्न मांगों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में एक पखवाड़े बाद फिर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
आलू फल आढ़ती व्यापारी और गल्ला मर्चेंट एसोसिएशन ने 12 सूत्री मांगों के लिए बुधवार से बेमियादी हड़ताल शुरू की थी। बृहस्पतिवार सुबह हड़ताल के चलते मंडी की सभी दुकानें बंद रहीं। इस दौरान दोनों एसोसिएशन से जुड़े कारोबारी नारेबाजी करते हुए मंडी गेट के समीप धरने पर बैठ गए। सूचना पर कृषि उत्पादन मंडी विपणन बोर्ड के अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, भाजपा महामंत्री तरुण बंसल, आनंद दरम्वाल, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान और मंडी सचिव दिग्विजय सिंह देव व्यापारियों से वार्ता करने पहुंचे। भाजपा नेताओं ने 15 दिन के भीतर सीएम से वार्ता कर व्यापारियों की समस्याओं को हल कराने का आश्वासन दिया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने एक पखवाड़े के लिए आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। वार्ता में आलू फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश जोशी, अखिल भंडारी, जीवन कार्की, दुर्गा तिवारी, गिरीश गुप्ता, सोनू केशव पलड़िया, चीनू भिंडा आदि मौजूद रहे।
डब्बू हटाओ मंडी बचाओ के लगे नारे
वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन स्थगित करने का मन बना लिया था। इसी दौरान कृषि उत्पादन मंडी विपणन बोर्ड के अध्यक्ष डब्बू पर अमर्यादित भाषा का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए व्यापारी भड़क गए और दोबारा धरने पर बैठ गए। उन्होंने डब्बू हटाओ मंडी बचाओ के नारे लगाने शुरू कर दिए। यह देख डब्बू वहां से खिसक लिए। बाद में भाजपा नेताओं व सिटी मजिस्ट्रेट के समझाने पर आंदोलनकारी किसी तरह शांत हुए।
---व्यापारियों की प्रमुख मांगें---
मंडी परिसर में जाम का कारण बने अनावश्यक निर्माण को रोक लगाई जाए।
आवंटित दुकानों के किराया भुगतान की रसीद दी जाए।
काश्तकारों के लिए निर्मित सॉफ्टवेयर को आसान बनाएं।
प्रपत्रों को ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड पर करें।
फुटकर व्यवसाय पर रोक लगाकर शिफ्ट करें।
पुरानी दुकानों के पुनर्निर्माण की अनुमति दें।
दुकान विहीन लाइसेंसधारी व्यापारियों को दुकानें आवंटित कमी जाए।
यूजर चार्ज हटाया जाए।
रामनगर, रुद्रपुर और बरेली मंडी भेजे गए उत्पाद
व्यापारियों के हड़ताल पर जाने से पहले ही मंगलवार और बुधवार को पहाड़ को जाने वाले वाहनों को माल लेकर रवाना कर दिया गया था। बृहस्पतिवार को हल्द्वानी मंडी में हड़ताल की सूचना मिलने पर बहेड़ी, रामपुर, बिलासपुर आदि क्षेत्रों के काश्तकारों ने अपना माल रामनगर, रुद्रपुर और बरेली मंडी भेजा। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से फल, सब्जी और गल्ला मंडी की 24 गाड़ियां माल लेकर हल्द्वानी मंडी पहुंची थीं। हड़ताल से बृहस्पतिवार को मंडी को लगभग चार से पांच लाख रुपये मंडी शुल्क का नुकसान हुआ है।
28 दुकानों से अभी तक नहीं हुआ भुगतान
मंडी में करीब 800 लाइसेंसधारी व्यापारी हैं। 213 दुकानें हाय परचेज प्रणाली से आवंटित की गई हैं। इसमें से 162 दुकानों के लीज नवीनीकरण का विवाद चल रहा है। इन्हीं में शामिल 28 दुकानों का किराया व अन्य देयकों का भुगतान बीते चार दशक से नहीं हुआ है जबकि शेष दुकानों से नियमानुसार किराया वसूला जा रहा है।
आढ़तियों का ही उत्पाद बेच रहे फुटकर व्यापारी
मंडी परिसर में लगभग 200 फुटकर व्यापारी हैं जो सड़क किनारे बैठकर कारोबार करते हैं। इसमें से एक व्यापारी आढ़तियों से रोजाना करीब 10 से 12 हजार का माल खरीदता है। बताया जाता है कि दुकान के सामने बिक्री पर आढ़ती रोजाना हर व्यापारी से दो से तीन सौ रुपये लेते हैं। व्यापारी एसोसिएशन इन्हें हटाने की मांग कर रही है जबकि मंडी समिति का कहना है कि पूर्व में एसोसिएशनों ने ही फुटकर व्यापारियों को हटाने का विरोध किया था।
वायरल वीडियो : किसी कीमत पर परेशान न हो किसान
कृषि उत्पादन मंडी विपणन बोर्ड के अध्यक्ष अनिल डब्बू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें डब्बू मंडी के अधिकारियों से कह रहे हैं कि किसी भी कीमत पर किसान परेशान नहीं होना चाहिए। गौलापार के किसानों का सामान चबूतरे पर रखवाएं और वहीं पर बोली लगाएं। यदि किसानों का उत्पाद खराब होता है तो इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। किसी की तानाशाही से काम नहीं चलता। डब्बू मंडी सचिव से कह रहे हैं तुम्हारे पास स्टॉफ और पीआरडी है। पुलिस को फोन करें। कमिश्नर को मैं फोन करता हूं। मंडी में जितना स्टॉफ है, 35-40। आप अपनी स्थिति समझ लीजिए या तो छुट्टी पर चले जाइए।
जब तक अनिल डब्बू मंडी के अध्यक्ष रहेंगे हम काम नहीं करेंगे। इसके लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है। उन्होंने अभद्र भाषा का जो प्रयोग किया है उसकी शिकायत सांसद से भी की जाएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष ने व्यापारियों के शिष्टमंडल को सीएम से मिलाने का आश्वासन दिया है। जल्द ही आठ व्यापारियों का शिष्टमंडल गठित होगा जो इस मुद्दे पर वार्ता करेगा। -कैलाश जोशी अध्यक्ष आलू फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन
मैं 35 साल से व्यापार कर रहा हूं। इतने साल में पहली बार मंडी बंद हुई है। पहले अध्यक्ष और सभापति से वार्ता में व्यापारियों की समस्या का समाधान हो जाता था। अब कोई सुनने वाला नहीं है। -राकेश कुमार गुप्ता, महामंत्री, गल्ला मर्चेंट एसोसिएशन
मंडी के व्यापारियों की 12 सूत्री मांगों पर उनसे वार्ता हुई है। स्थानीय स्तर की मांगों पर कार्रवाई कराई जाएगी और जो निदेशालय या मंडी परिषद के स्तर के होंगे उन्हें वहां भेजा जाएगा। भविष्य में यदि मंडी परिषद में निर्माण कार्य या कोई अन्य कार्य होता है तो एसोसिएशनों के पदाधिकारियों को विश्वास में लेकर कराया जाएगा। - गोपाल सिंह चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी
मंडी समिति के प्रशासक व सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान ने व्यापारियों से वार्ता कर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है। -दिग्विजय सिंह देव सचिव मंडी परिषद
व्यापारियों ने जताया सिटी मजिस्ट्रेट का जताया आभार
प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने मंडी के व्यापारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने पर सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि मंडी के आंदोलन की सफलता व्यापारियों की एकजुटता की ताकत है। धैर्य और शांतिपूर्ण आंदोलन से व्यापारियों की जीत हुई है।