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Nainital News: मदद की मशीन में हुनर का धागा बुन रहा स्वरोजगार की कहानी
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हल्द्वानी। लामाचौड़ स्थित रचिता स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नाबार्ड और गिरजा बुटीक संस्था के सहयोग से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। 10 महिलाओं का समूह अपनी कार्यकुशलता से जिले का नाम रोशन कर रहा है। महिलाओं ने नाबार्ड के सहयोग से 50 हजार रुपये की आधुनिक ऑटोमेटिक मशीन स्थापित की है। इससे प्रतिदिन 4-5 डिजाइनर स्वेटर तैयार किए जा रहे हैं।
समूह की अध्यक्ष पुष्पा बिष्ट ने बताया कि शुरुआत में भारतीय स्टेट बैंक से एक लाख रुपये का ऋण लेकर कार्य शुरू किया। महिलाओं ने संस्था के माध्यम से बुनाई, मोमबत्ती निर्माण और ऐपण कला का प्रशिक्षण लिया। बेहतर कार्यप्रणाली को देखते हुए वर्ष 2023 में नाबार्ड ने इस समूह को उत्तराखंड की पहली ग्राम दुकान परियोजना प्रदान की। लामाचौड़ में संचालित केंद्र में बुनाई के साथ-साथ हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं।
समूह न केवल उत्पाद बेच रहा है बल्कि अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से भी जोड़ रहा है। नाबार्ड के डीडीएम मुकेश बेलवाल ने बताया कि त्रैमासिक निगरानी समिति की बैठकों और निरंतर निरीक्षण से यह प्रोजेक्ट एक सफल मॉडल के रूप में उभरा है।
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समूह की अध्यक्ष पुष्पा बिष्ट ने बताया कि शुरुआत में भारतीय स्टेट बैंक से एक लाख रुपये का ऋण लेकर कार्य शुरू किया। महिलाओं ने संस्था के माध्यम से बुनाई, मोमबत्ती निर्माण और ऐपण कला का प्रशिक्षण लिया। बेहतर कार्यप्रणाली को देखते हुए वर्ष 2023 में नाबार्ड ने इस समूह को उत्तराखंड की पहली ग्राम दुकान परियोजना प्रदान की। लामाचौड़ में संचालित केंद्र में बुनाई के साथ-साथ हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं।
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समूह न केवल उत्पाद बेच रहा है बल्कि अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से भी जोड़ रहा है। नाबार्ड के डीडीएम मुकेश बेलवाल ने बताया कि त्रैमासिक निगरानी समिति की बैठकों और निरंतर निरीक्षण से यह प्रोजेक्ट एक सफल मॉडल के रूप में उभरा है।
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