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Nainital News: नीदरलैंड के नुस्खे से बढ़ेगी कुमाऊं के फलों की मिठास
Mon, 15 Sep 2025 02:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 15 Sep 2025 02:12 AM IST
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नीदरलैंड में पेड़ पर इस तरह लगे फलों की वैरायटी यहां तैयार की जाएगी। स्रोत:विभाग
हल्द्वानी। कुमाऊं में अब यूरोपीय देशों की तकनीक से फलों की वैरायटी तैयार की जाएगी। यह कवायद पूरी होने के बाद प्रदेश में ही विश्वभर में अपने स्वाद के लिए प्रसिद्ध फल खाने के लिए मिलेंगे। नीदरलैंड के एक्सपर्ट यहां उद्यान विभाग के साथ मिलकर रानीखेत के चौबटिया गार्डन में सेब, चेरी, नाशपाती व अखरोट का उत्पादन करेंगे। इससे जहां पलायन कम होगा वहीं किसानों के लिए आय के नए स्रोत भी खुलेंगे।
केंद्र व राज्य सरकार की ओर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत नीदरलैंड सरकार से उद्यान के क्षेत्र में नई तकनीकें विकसित करने के क्रम में यह कवायद की जा रही है। नीदरलैंड से पहुंची टीम दो बार रानीखेत का दौरा कर चुकी है। एक्सपर्ट यहां समुद्र तल से पांच से छह हजार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जलवायु के हिसाब से फलों की वैरायटी तैयार करने की कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए प्लांटेशन के साथ ही सेंटर तैयार किया जाएगा। इसके जरिये किसानों को नई तकनीक की जानकारी दी जाएगी। संवाद
यूरोपीय देशों के फलों की वैरायटी तैयार की जाएगी। इसके लिए एक्सपर्ट की टीम यहां का दौरा कर चुकी है। पहले प्लांटेशन किया जाएगा, इनमें से ऐसी वैरायटी को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे राज्य के किसानों की आय बढ़े। - सुरभि, समन्वयक हार्टीकल्चर टेक्नोलॉजी मिशन, उत्तराखंड
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उद्यान निदेशक व मिशन निदेशक के अथक प्रयास से यूरोपीय तकनीक का यहां के किसानों को लाभ मिलेगा। इस तकनीक को अपनाने के लिए किसानों को जागरूक कर फल उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस तकनीक से कम जगह पर अधिक उत्पादन हो सकेगा। नारायण सिंह राणा, बागवानी सहायक, उत्कृष्टता राजकीय उद्यान चौबटिया, रानीखेत
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केंद्र व राज्य सरकार की ओर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत नीदरलैंड सरकार से उद्यान के क्षेत्र में नई तकनीकें विकसित करने के क्रम में यह कवायद की जा रही है। नीदरलैंड से पहुंची टीम दो बार रानीखेत का दौरा कर चुकी है। एक्सपर्ट यहां समुद्र तल से पांच से छह हजार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जलवायु के हिसाब से फलों की वैरायटी तैयार करने की कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए प्लांटेशन के साथ ही सेंटर तैयार किया जाएगा। इसके जरिये किसानों को नई तकनीक की जानकारी दी जाएगी। संवाद
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यूरोपीय देशों के फलों की वैरायटी तैयार की जाएगी। इसके लिए एक्सपर्ट की टीम यहां का दौरा कर चुकी है। पहले प्लांटेशन किया जाएगा, इनमें से ऐसी वैरायटी को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे राज्य के किसानों की आय बढ़े। - सुरभि, समन्वयक हार्टीकल्चर टेक्नोलॉजी मिशन, उत्तराखंड
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उद्यान निदेशक व मिशन निदेशक के अथक प्रयास से यूरोपीय तकनीक का यहां के किसानों को लाभ मिलेगा। इस तकनीक को अपनाने के लिए किसानों को जागरूक कर फल उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस तकनीक से कम जगह पर अधिक उत्पादन हो सकेगा। नारायण सिंह राणा, बागवानी सहायक, उत्कृष्टता राजकीय उद्यान चौबटिया, रानीखेत