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गांव वालों के समन्वय को प्रधानमंत्री ने सराहा, मन की बात में किया जिक्र
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सुनियाकोट में पूर्व में श्रमदान करते ग्रामीण और गांव व टैंक।
- फोटो : BHIMTAL
गरमपानी(नैनीताल)। अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत विकासखंड की ग्राम पंचायत सुनियाकोट के ग्रामीणों ने सरकारी मदद नहीं मिलने पर आपसी सहयोग से गांव में पानी पहुंचाकर एक शानदार मिसाल पेश की है। लंबे समय से पानी की समस्या से परेशान गांव की युवा पीढ़ी ने अपनी सोच और सहयोग के चलते असंभव कार्य को संभव करके दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस पर मन की बात में सुनियाकोट की इस खूबी का जिक्र करके ग्रामीणों के सहयोग की भावना को सराहा है।
सुनियाकोट निवासी राजेंद्र सिंह परिहार, देव सिंह परिहार, राजेंद्र और देव सिंह ने बताया पिछले साल अक्तूबर माह में दीपावली के त्योहार पर अन्य प्रदेशों में रोजगार करने के लिए गए युवा जब घर आए तो उन्होंने गांव के लोगों के साथ पानी की समस्या पर बैठक की। बैठक में तय हुआ कि आपसी सहयोग और श्रमदान से एक किलोमीटर दूर गधेरे से पानी गांव लाने का फैसला हुआ। गांव के 40 परिवारों की आर्थिक मदद और हर परिवार में मौजूद छोटे और बड़ों ने श्रमदान करके मात्र दो महीने में एक किलोमीटर दूर गधेरे से पानी गांव पहुंचाकर अपनी लंबे समय चली आ रही पानी की समस्या खुद हल करके सरकारी तंत्र को आइना दिखाने का काम किया।
ऐसे किया निर्माण
ग्रामीणों ने एक टैंक का निर्माण पानी स्टोर करने के लिए मुख्य स्रोत के पास किया, जबकि दूसरा टैंक गांव में बनाया। गांव तक पानी पहुंचाने के लिए 40 पाइप लगे और मोटर के जरिए गांव तक पानी पहुंचाया गया। गांव तक पानी पहुंचने में छह लाख रुपये खर्च आया, जिसे 40 परिवारों ने आपस में बांट लिया। इस तरह प्रत्येक परिवार को 15 हजार रुपये खर्च करके गांव में ही पानी मिल गया।
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गांव के युवाओं को ग्रामीणों ने सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के कार्यक्रम में सुनियाकोट के ग्रामीणों का जिक्र करके 20 साल पुरानी पानी की समस्या को दूर करने के कार्य को सराहा तो ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री का आभार जताया। साथ ही कहा कि हमें अपनी अन्य समस्याओं को प्रधानमंत्री के सामने रखने मौका मिलना चाहिए। योजना के रखरखाव और सुबह शाम पानी खोलने के लिए देव सिंह को 1000 रुपये के मानदेय पर रखा गया है। गांव में पानी आने से ग्रामीण काफी खुश हैं और अपने गांव के युवाओं की सराहना कर रहे हैं।
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सुनियाकोट निवासी राजेंद्र सिंह परिहार, देव सिंह परिहार, राजेंद्र और देव सिंह ने बताया पिछले साल अक्तूबर माह में दीपावली के त्योहार पर अन्य प्रदेशों में रोजगार करने के लिए गए युवा जब घर आए तो उन्होंने गांव के लोगों के साथ पानी की समस्या पर बैठक की। बैठक में तय हुआ कि आपसी सहयोग और श्रमदान से एक किलोमीटर दूर गधेरे से पानी गांव लाने का फैसला हुआ। गांव के 40 परिवारों की आर्थिक मदद और हर परिवार में मौजूद छोटे और बड़ों ने श्रमदान करके मात्र दो महीने में एक किलोमीटर दूर गधेरे से पानी गांव पहुंचाकर अपनी लंबे समय चली आ रही पानी की समस्या खुद हल करके सरकारी तंत्र को आइना दिखाने का काम किया।
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ऐसे किया निर्माण
ग्रामीणों ने एक टैंक का निर्माण पानी स्टोर करने के लिए मुख्य स्रोत के पास किया, जबकि दूसरा टैंक गांव में बनाया। गांव तक पानी पहुंचाने के लिए 40 पाइप लगे और मोटर के जरिए गांव तक पानी पहुंचाया गया। गांव तक पानी पहुंचने में छह लाख रुपये खर्च आया, जिसे 40 परिवारों ने आपस में बांट लिया। इस तरह प्रत्येक परिवार को 15 हजार रुपये खर्च करके गांव में ही पानी मिल गया।
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गांव के युवाओं को ग्रामीणों ने सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के कार्यक्रम में सुनियाकोट के ग्रामीणों का जिक्र करके 20 साल पुरानी पानी की समस्या को दूर करने के कार्य को सराहा तो ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री का आभार जताया। साथ ही कहा कि हमें अपनी अन्य समस्याओं को प्रधानमंत्री के सामने रखने मौका मिलना चाहिए। योजना के रखरखाव और सुबह शाम पानी खोलने के लिए देव सिंह को 1000 रुपये के मानदेय पर रखा गया है। गांव में पानी आने से ग्रामीण काफी खुश हैं और अपने गांव के युवाओं की सराहना कर रहे हैं।