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Nainital News: सिस्टम की थानेदारी ने बढ़ाई सहूलियत से दूरी, स्कूल में बच्चों के फटे जूतों से झांक रही मजबूरी

Sat, 06 Dec 2025 03:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sat, 06 Dec 2025 03:00 AM IST
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The police-like nature of the system has increased the distance from comfort, helplessness is visible in the torn shoes of children in school.
हल्द्वानी राजकीय प्राथमिक विद्यालय  कालाढुंगी रोड में छात्राओं के फटे जूते ।              अमर उ
हल्द्वानी। प्रदेश सरकार की योजना के तहत प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को जूते, ड्रेस और बैग के लिए धनराशि दी जाती है। कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं को 318 और कक्षा छह से 8वीं तक के हर विद्यार्थी को 462 रुपये का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाता है। सरकार ने स्कूलों को करीब एक माह पहले धनराशि जारी कर दी लेकिन सिस्टम की थानेदारी के कारण छात्र-छात्राओं के खालों में डीबीटी की रकम नहीं पहुंची है। सत्र समाप्ति की ओर है और हल्द्वानी के कई स्कूलों में बच्चों को अब तक जूते और बैग नहीं मिल पाए हैं। सर्दी के मौसम में बच्चे मजबूरन पुराने और फटे जूते पहनकर स्कूल पहुंच रहे है। संवाद
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प्राथमिक विद्यालय देवलचौड़
यहां 295 बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल के कई बच्चों के आधार नहीं बने हैं। इसकी वजह से उनके बैंक खाते नहीं खुल सके हैं। स्कूल के किसी भी बच्चे के खाते में जूते और बैग की रकम नहीं आई है। सिर्फ ड्रेस के लिए धनराशि आई थी। वह भी कुछ बच्चों को मिली है। जिन छात्र-छात्राओं के बीपीएल कार्ड नहीं है, उनका भुगतान रुका हुआ है।
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राजकीय पूर्ण माध्यमिक विद्यालय जेल रोड
इस स्कूल में 90 बच्चे अध्ययनरत हैं। पिछली बार तक यहां ब्लॉक से बच्चों के खातों में पैसा भेजा जा रहा था। इस बार ड्रेस का पैसा तो आ गया है जो कि बच्चों के खातों में भेजा भी जा चुका है लेकिन जूते और बैग का पैसा नहीं आया है। ड्रेस की रकम बालिका और एससी, एसटी एवं बीपीएल परिवार के बच्चों के लिए आती है।.........
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प्राथमिक विद्यालय कालाढूंगी
इस विद्यालय में 69 बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां भी बच्चों के लिए जूते और बैग का पैसा नहीं आया है। यह पैसा मिड डे मील में आता है जिसे फिर स्कूल प्रबंधन बच्चों के खातों में डालता है। बच्चों से बातचीत की गई तो उन्होंने भी बताया कि वह पुराने जूते और बैग से ही काम चला रहे हैं।


ट्रेजरी की ओर से देरी हो गई थी। हल्द्वानी ब्लॉक की डीबीटी हो चुकी है। जल्द स्कूलों में बच्चों के खातों में पैसा पहुंच जाएगा। - तारा सिंह, बीईओ-हल्द्वानी
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