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Nainital News: इंसान की जान पर भारी सिस्टम की बेजान व्यवस्था

Sat, 02 May 2026 01:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sat, 02 May 2026 01:01 AM IST
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The lifeless system is more important than human life.
हल्द्वानी। नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के साथ-साथ कुमाऊं के दूसरे जिलों में बाघ व तेंदुओं के अलावा अब भालू और हाथी के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस तरह की घटनाओं में कई लोगों को असमय मौत का सामना करना पड़ा है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वन्य जीवों के हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं जबकि शासन स्तर पर कार्रवाई केवल मुआवजा राशि बांटने तक सीमित है।
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हाल के दिनों में नैनीताल जिले के अलग-अलग विकासखंडों में बाघ और तेंदुए के हमले बढ़े हैं। इनमें इसी साल पांच लोगों की जान जा चुकी है। इसी साल अप्रैल में लालकुआं के रयालखत्ता में भालू के हमले में एक व्यक्ति को जान गंवानी पड़ी थी। बीते 72 घंटों में टांडा रेंज के जंगल में हाथी ने दो पुरुषों और एक महिला को मार डाला है।
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- सीएम ने कहा था, फिर भी तय नहीं हुई जिम्मेदारी
पिछले दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काठगोदाम सर्किट हाउस में मानव वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की थी। तब उन्होंने कहा था कि यदि फिर इस तरह की घटनाएं हुई तो वन विभाग के अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे। इस बैठक के बाद भीमताल ब्लॉक के अलावा टांडा रेंज के जंगल में टाइगर और हाथी के हमले में चार लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन अभी तक शासन स्तर पर इस तरह की घटनाओं होने पर किसी भी अधिकारी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
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मानवीय दखल के कारण प्राकृतिक आवास छोड़ रहे हैं वन्य जीव

वन्य जीव विशेषज्ञ अरविंद कुमार का कहना है कि वनाग्नि, अवैध कटान, निर्माण कार्य और बढ़ती मानवीय गतिविधियों के कारण वन्य जीवों का प्रकृति के साथ संतुलन बिगड़ रहा है। वन्य जीव अपने सुरक्षित आवास को छोड़ने पर मजबूर हैं। जंगलों के आसपास फेंका गया कूड़ा और खाद्य पदार्थों के अवशेष भी उन्हें आबादी की ओर खींच रहे हैं।

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- कुमाऊं में वन्य जीवों के हमलों की कुछ प्रमुख घटनाएं:-


बाघ-तेंदुए के हमले-

- 10 दिसंबर 2023 को बाघ के हमले में भीमताल ब्लॉक पिनरों के तोक डोब गांव में पुष्पा देवी की मौत।
- वर्ष 2023 में भीमताल के मलुवाताल कसाइल में इंद्रा देवी की मौत।
- वर्ष 2023 में भीमताल के अलचौना ताड़ा तोक में निकिता शर्मा की मौत।
- वर्ष 2024 में नौकुचियाताल के शिलौटी में लीला देवी की मौत।
- वर्ष 2025 में बेतालघाट के ओखलढूंगा में शांति देवी की मौत।
- 27 दिसंबर 2025 को धारी ब्लॉक के ग्राम पंचायत दीनी तल्ली के तोक धूरा में हेमा देवी की मौत।
- 30 दिसंबर को ओखलकांडा के ग्राम पंचायत चमोली में वन्य जीव के हमले में रेखा देवी की मौत।
- 02 जनवरी 2026 रामनगर में एक महिला की मौत।
- 11 जनवरी 2026 को धारी ब्लाक में गंगा देवी की मौत।
- 03 अप्रैल 2026 सूर्याजाला में हंसी देवी की मौत।
- 22 अप्रैल 2026 को ज्योली गांव में हेमा पांडे की मौत।
- 23 अप्रैल को भद्यूनी में कमल बिष्ट को निवाला बनाया।

- भालू के हमले-
- 07 दिसंबर 2025- पिथौरागढ़ जिले के थल क्षेत्र के चौसाला गांव में बाजार से घर लौटते समय भालू ने महिलाओं का पीछा किया। महिलाओं ने किसी तरह जान बचाई।
- 29 दिसंबर 2025 धारचूला के पांगला में भालुओं के आतंक के बाद लोगों में दहशत की स्थिति।

- 10 दिसंबर 2025 -पिथौरागढ़ के झूलाघाट के समीप दार्चुला स्थित दुहूं गांव में सुरेंद्र सिंह कुंवर भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल।
- दिसंबर 2025 - चंपावत जिले में चमोली के पोखरी ब्लॉक में स्कूल जाते समय भालू के हमले में एक छात्र घायल।
- दिसंबर 2025 - अल्मोड़ा के चौखुटिया में भालू के हमले में दो महिलाएं गीता देवी और चंपा देवी गंभीर रूप से घायल।
- जुलाई 2025 - शामा-मुनस्यारी मार्ग पर साइकिल से डाक बांटने जा रहे पोस्टमास्टर की भालू के हमले में मौत।
- 18 दिसंबर 2025 - अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया के जमनिया और चौकुड़ी के जंगल में घास काटने गई चंपा देवी और गीता देवी भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल।
- 25 अप्रैल 2026 - लालकुआं क्षेत्र के रयालखत्ता में भालू के हमले में एक युवक की मौत

-हाथी के हमले
- मार्च में कालाढूंगी क्षेत्र में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत।
- 29 अप्रैल 2026 में टांडा रेंज में हाथी ने दो लोगों को कुचलकर मार डाला।
इनसेट-
2020- 21- तेंदुओं के हमले में दो लोगों की मौत।
2022- 23- तेंदुओं के हमले में दो लोगों की मौत, सांप के काटने से तीन की मौत।
2023- 24- तेंदुओं के हमले में तीन लोगों की मौत, सांप के काटनेे से एक की मौत।

2024- 25- तेंदुए के हमले में एक की मौत, भालू के हमले में दो लोगों की मौत।

2025 से अब तक- तेंदुओं के हमले में चार लोगों की मौत हो गई है।
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कोट-
- नैनीताल डिविजन में लगातार मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आई हैं। इन्हें रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों के साथ ग्रामीण स्तर पर बैठक कर वन्यजीवों के व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। - आकाश गंगवार, डीएफओ, नैनीताल
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