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Nainital News: विश्वास के पन्ने को काला कर रही लापरवाही की स्याही

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Sep 2025 02:34 AM IST
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The ink of carelessness is blackening the pages of faith.
हल्द्वानी। पुलिस सूचना का अधिकारी (आरटीआई) में गलत सूचना दे रही है। गलत सूचना की स्याही से विश्वास के पन्ने काले हो रहे हैं। पुलिस की ओर से लापरवाही में दिए एक जवाब में बेगुनाह को गुनहगार बता दिया गया जबकि दूसरे में नाम बदलकर उसकी पहचान ही बदल दी।
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चोरगलिया निवासी समाजसेवी भुवन पोखरिया ने इसी साल फरवरी में पुलिस विभाग के लोक सूचना अधिकारी से अपने ऊपर दर्ज मुकदमे की जानकारी मांगी थी। जवाब में हल्द्वानी कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2004 में दर्ज दुष्कर्म के मामले में भुवन पोखरिया दोषसिद्ध हैं जबकि पोखरिया इस मामले में डिस्ट्रिक्ट और हाईकोर्ट से बरी हो चुके हैं। पोखरिया ने इसकी शिकायत आईजी व एसएसपी से की। मामले में आईजी ने एसएसपी से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी और एसएसपी ने कोतवाल यादव को कड़ी चेतावनी दे डाली।
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मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। पोखरिया ने एक और आरटीआई लगाकर पूछा कि जिलेभर के थानों में उनके ऊपर कितने मुकदमे दर्ज हैं। यह सूचना लोक सूचना अधिकारी ने सभी थानों को ट्रांसफर कर जवाब मांगा। रामनगर कोतवाल अरुण सैनी ने जवाब में बताया है कि जसवंत सिंह के ऊपर कोई अभियोग पंजीकृत नहीं है जबकि मामला पोखरिया से जुड़ा था।
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बार-बार त्रुटियों पर लोक सूचना अधिकारी खफा
लोक सूचना अधिकारी प्रकाश चंद्र ने जिले से सभी सीओ, कोतवाल व अग्निशमन अधिकारियों को पत्र भेजकर चेताया है। उन्होंने कहा है कि दो मामलों में भुवन पोखरिया को गलत सूचना देना गंभीर लापरवाही है। इस तरह की त्रुटियां सूचना का अधिकारी 2005 के अंतर्गत गलत व भ्रामक सूचना की श्रेणी में आता है। इसमें कठोर विभागीय कार्रवाई के साथ आर्थिक दंड का प्रावधान है। सूचना देने से पहले उसका ठीक से अवलोकन कर लें, नहीं तो कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


राज्य पुलिस प्राधिकरण में सुनवाई 16 को
नैनीताल पुलिस के तत्कालीन एसएसपी और निचले अधिकारियों के खिलाफ वर्ष 2022 में भुवन पोखरिया राज्य पुलिस प्राधिकरण पहुंच गए थे। आरोप था कि पुलिस अधिकारियों ने डीजीपी के आदेश की अवहेलना की। इसके बाद राज्य पुलिस प्राधिकरण को दिए स्टांप में गलत जानकारी दी। इस मामले में अब अगली सुनवाई 16 अक्तूबर को होनी है।


सूचना का अधिकार में गलत सूचना देने का मामला मेरे संज्ञान में आया। इसके बाद सभी थाना प्रभारियों व सीओ को पत्र जारी किया है और सही सूचना देने की सलाह दी है। - प्रकाश चंद्र, लोक सूचना अधिकारी, पुलिस।
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