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अस्पताल ने सिर्फ ‘बदनाम’ किया सुशीला तिवारी का नाम
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Sun, 17 May 2015 01:53 AM IST
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डाक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत और तीमारदारों के साथ अभद्रता होने पर ही डा. सुशीला तिवारी का नाम लोगों की जुबान पर आता है। वैसे डा. सुशीला तिवारी को अब याद करने वाला कोई नहीं है। विकास पुरुष एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की पत्नी डा. सुशीला तिवारी की आज पुण्यतिथि थी। कांग्रेसी तो दूर खुद अस्पताल प्रशासन उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करना भूल गया।
सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कालेज का नाम पूर्व में वन चिकित्सालय था। पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के कार्यकाल में अस्पताल का नाम डा. सुशीला तिवारी रखा गया। डा. सुशीला तिवारी की प्रतिमा अस्पताल के अंदर लगी है।
आमतौर पर हर साल 16 मई को पुण्यतिथि पर प्रतिमा पर एनडी तिवारी के शुभचिंतक, कांग्रेसी और अस्पताल के अधिकारी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देते थे। लेकिन इस साल डा. सुशीला तिवारी की किसी को याद नहीं आई। प्रतिमा पर पुरानी माली पड़ी है, जिसे बदलने की तक किसी ने जहमत नहीं उठाई। हालांकि, लखनऊ में डा. सुशीला तिवारी की पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई।
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सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कालेज का नाम पूर्व में वन चिकित्सालय था। पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के कार्यकाल में अस्पताल का नाम डा. सुशीला तिवारी रखा गया। डा. सुशीला तिवारी की प्रतिमा अस्पताल के अंदर लगी है।
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आमतौर पर हर साल 16 मई को पुण्यतिथि पर प्रतिमा पर एनडी तिवारी के शुभचिंतक, कांग्रेसी और अस्पताल के अधिकारी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देते थे। लेकिन इस साल डा. सुशीला तिवारी की किसी को याद नहीं आई। प्रतिमा पर पुरानी माली पड़ी है, जिसे बदलने की तक किसी ने जहमत नहीं उठाई। हालांकि, लखनऊ में डा. सुशीला तिवारी की पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई।
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