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Nainital News: वन्य जीवों का बसेरा बन गई हैं हनुमानगढ़ी की पहाड़ियां

Sat, 07 Oct 2023 01:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sat, 07 Oct 2023 01:48 AM IST
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The hills of Hanumangarhi have become a habitat for wild animals.
प्रतीकात्मक।
नैनीताल। अगर आप वाइल्ड लाईफ के शौकीन हैं तो नैनीताल के समीप हनुमानगढ़ी की पहाड़ियों में अपना शौक पूरा कर सकते हैं। घुरड़, कांकड़ व तेंदुओं से लेकर विभिन्न प्रकार के पक्षी यहां देखे जा सकते हैं। वाइल्ड लाइफ के शौकीन यहां मौजूद वन्य जीवों को अपने कैमरों से कैद कर चुके हैं। वन विभाग की देख रेख के चलते यहां वन्य जीवों की प्रजातियां खूब फलफूल रही हैं।
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नैनीताल से लगभग चार किमी दूर हनुमानगढ़ी की पहाड़ियां में सुबह शाम विभिन्न प्रजातियों के रंग बिरंगे पक्षियों समेत घुरड़ और कांकड़ टहलते दिखाई देते हैं। शाम को सूरज ढलते ही कई बार तेंदुओं की आवाज सुनाई देती है या फिर तेंदुए पहाड़ी में नजर आने लगते हैं। कई बार वन्य जीव निडर होकर सड़क किनारे भी खड़े नजर आते हैं। जिनको देख यहां से आवाजाही कर रहे लोग वाहनों को रोक इनका दीदार करते हैं। साथ ही अपने मोबाइलों में इनकी तस्वीदें कैद करते हैं। बरसात के बाद आजकल फिर यहां पहाड़ियों में वन्य जीव दिखाई देने लगे हैं। कभी घास चरते तो कभी धूप सेंकते। ऐसे में यह स्थान वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफरों की पसंदीदा जगह बन रही है, लिहाजा वन विभाग भी इस क्षेत्र में विशेष नजर बनाए हुए है।
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यहां पक्षियों की 20 से ज्यादा प्रजातियां हैं मौजूद

नैनीताल। हनुमानगढ़ी क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के पेड़ व झाड़ियां होने व आसपास के क्षेत्र में पानी होने के कारण यह क्षेत्र पक्षियों के लिए भी अनुकूल है। यहां 20 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां मौजूद हैं। इनमें स्ट्राइटेड लाफिंग थ्रस, व्हाइट क्रेस्टेड लाफिंग थ्रस, औरियंटल मैगीपाई रोबिन, व्हाइट थ्रोटेड लाफिंग थ्रस, व्हाइट आई, ग्रेट बारबेट, डव, सनबर्ड, कलीज फीसेंट, ब्लू बिसलिंग थ्रस, स्लेटी हैडेड पैराकीट, प्लम हैडेड पैराकीट, हिमालयन बुलबुल, रैड बिड ब्लू मैगपाई, हेयर क्रिस्टेड ड्रोंगो, स्ट्राइटेड लाफिंग थ्रस, तीतर, उल्लू, वूडपैकर, वर्डीटर फ्लाई कैचर समेत कभी कभी स्टैप इगल व ग्रीफन वल्चर भी दिखाई देते हैं। जिसके चलते यह क्षेत्र बर्ड वाचिंग के नजरिए से भी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है।
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- हनुमानगढ़ी व चीलचक्कर बैंड एक पहाड़ी क्षेत्र है जो पक्षियों व घुरड़ कांकड़ों के लिए अनुुकूल है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यह पक्षियों, कांकड़ व घुरड़ की पंसदीदा जगह बनी हुई है। पहाड़ के आस पास वन्य जीवों व पक्षियों को चारा व पानी भी उपलब्ध हो जाता है। जिस कारण इस क्षेत्र में पशु पक्षी हमेशा रहते हैं। जो बहुत खुशी की बात है।

- चन्द्रशेेेखर जोशी, डीएफओ नैनीताल


- शहर के समीप सड़क से ही वाइल्ड लाइफ का नजारा हनुमान गढ़ी व चील चक्कर क्षेत्र में किया जा सकता है। खड़ी पहाड़िया व झाड़ियां होने के कारण इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही नहीं है। जिस कारण इतने जंगली जीव व पक्षी इस क्षेत्र में दिखाई देते हैं। वन विभाग इस क्षेत्र में हमेशा नजर बनाए रखता है।
नितिन पंत, वन क्षेत्राधिकारी, नैनीताल
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