{"_id":"5793b0934f1c1b7a41c4cf70","slug":"the-forest-raid-on-illegal-mining-storage","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध खनन भंडारण पर वन विभाग का छापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध खनन भंडारण पर वन विभाग का छापा
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
ख्ानिज का अवैध्ा भ्ांडारण्ा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बैतखेड़ी में चल रहे अवैध खनन भंडारण पर वन विभाग ने छापामार कार्रवाई की। नापजोख में टीम को 1665 घनमीटर उपखनिज अधिक मिला। जिस पर स्टॉक स्वामी को 32 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
शनिवार सुबह मुखबिर की सूचना पर वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बैतखेड़ी बाजपुर निवासी दीदार सिंह के उपखनिज भंडारण में छापा मारा। एसडीओ बलवंत सिंह शाही ने बताया कि स्टॉक के निरीक्षण के बाद पैमाइश की गई। जिसमें 1665 घनमीटर उपखनिज अधिक पाया गया।
उन्होंने बताया स्टॉक स्वामी ने दाबका नदी के प्रतिबंधित वन भूमि पर अवैध उपखनिज भंडारण किया था। जो अपराध की श्रेणी में आता है। एसडीओ ने बताया कि स्टॉक स्वामी पर 31 लाख 30 हजार 4 सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। टीम में बैतखेड़ी, बन्नाखेड़ा, बैलपड़ाव, खनन प्रभाग के अधिकारी कर्मचारियों के अलावा भारी पुलिस फोर्स था।
शनिवार सुबह मुखबिर की सूचना पर वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बैतखेड़ी बाजपुर निवासी दीदार सिंह के उपखनिज भंडारण में छापा मारा। एसडीओ बलवंत सिंह शाही ने बताया कि स्टॉक के निरीक्षण के बाद पैमाइश की गई। जिसमें 1665 घनमीटर उपखनिज अधिक पाया गया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया स्टॉक स्वामी ने दाबका नदी के प्रतिबंधित वन भूमि पर अवैध उपखनिज भंडारण किया था। जो अपराध की श्रेणी में आता है। एसडीओ ने बताया कि स्टॉक स्वामी पर 31 लाख 30 हजार 4 सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। टीम में बैतखेड़ी, बन्नाखेड़ा, बैलपड़ाव, खनन प्रभाग के अधिकारी कर्मचारियों के अलावा भारी पुलिस फोर्स था।