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उद्यान विभाग में पहली बार हुआ अंबिका आम
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:09 AM IST
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आंम
- फोटो : अमर उजाला
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डेढ़ सौ हेक्टेयर में फैले उद्यान विभाग में पहली बार अंबिका आम लगा है। जिससे विभाग में खुशी की लहर है। इस आम को अभी व्यवसायिक रूप नहीं दिया गया है।
उद्यान प्रभारी एएस परवाल ने बताया तीन साल पहले वह भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईआरआई) नई दिल्ली से अंबिका आम की तीन कलम लाये थे। जिन्हें यहां ग्राफ्ट किया गया। श्री परवाल ने बताया यह आम रामनगर में बहुत कम मात्रा में पाया जाता है। इस आम का रंग बैगनी और स्वाद खट्टा मीठा होता है।
उन्होंने बताया कि अंबिका आम की फसल यदि अच्छी हुई तो आने वाले कुछ सालों में इस व्यवसायिक रूप से दिया जायेगा। परवाल के अनुसार लखनऊ के रहमानखेड़ा में अंबिका आम के सबसे अधिक बाग हैं। उद्यान विभाग परिसर में कई ऐसे वृक्ष रोपित किये गये हैं जो आने वाले दिनों में फलपट्टी क्षेत्र रामनगर में आमदनी का साधन बनेंगे। उन्होंने बताया उद्यान विभाग अपने बगीचे को सलाना ठेके पर देता है। इस वर्ष बगीचे को दो लाख 31 हजार रुपये में दिया गया है।
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उद्यान प्रभारी एएस परवाल ने बताया तीन साल पहले वह भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईआरआई) नई दिल्ली से अंबिका आम की तीन कलम लाये थे। जिन्हें यहां ग्राफ्ट किया गया। श्री परवाल ने बताया यह आम रामनगर में बहुत कम मात्रा में पाया जाता है। इस आम का रंग बैगनी और स्वाद खट्टा मीठा होता है।
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उन्होंने बताया कि अंबिका आम की फसल यदि अच्छी हुई तो आने वाले कुछ सालों में इस व्यवसायिक रूप से दिया जायेगा। परवाल के अनुसार लखनऊ के रहमानखेड़ा में अंबिका आम के सबसे अधिक बाग हैं। उद्यान विभाग परिसर में कई ऐसे वृक्ष रोपित किये गये हैं जो आने वाले दिनों में फलपट्टी क्षेत्र रामनगर में आमदनी का साधन बनेंगे। उन्होंने बताया उद्यान विभाग अपने बगीचे को सलाना ठेके पर देता है। इस वर्ष बगीचे को दो लाख 31 हजार रुपये में दिया गया है।
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