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हंगामे का डर, एनआईसी से मांगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:27 PM IST
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एनआईसी ने वाहन-4 जो साफ्टवेयर लांच किया है, उसके चलते कुछ तकनीक अड़चन आ रही है। ऐसे में अक्तूबर से खनन के लिए हजारों सरेंडर हुए वाहन रिलीज हो सकेंगे? इसमें संदेह है। खनन व्यवसायियों के हंगामे को लेकर अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं, ऐसे में परिवहन विभाग ने एनआईसी से मदद मांगी है।
गौला, नंधौर आदि खनन क्षेत्र में बड़ी संख्या में यूपी, हरियाणा आदि राज्यों से आए वाहन लगे हैं। वाहन-4 जो साफ्टवेयर लांच हुआ है, उसमें पहले जिस जगह पर वाहन पंजीकृत हुआ था, वहां भी और हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय दोनों जगह डेटा दिखा रहा है। ऐसे में कई वाहनों का टैक्स, परमिट, फिटनेस आदि काम नहीं हो पा रहा है। अभी शुरुआती मामला आने के बाद ही परिवहन अधिकारियों ने जांच-पड़ताल की तो पता चला कि गौला में चलने वाले 7500 वाहनों में 4000 वाहनों में भी यही समस्या है, इसको लेकर विभागीय अधिकारियों के होश उड़ गए हैं।
ऐसे में अक्तूबर के महीने में जब खनन के लिए सरेंडर(विभाग में जमा किय जाता है कि वाहन से कोई भी कार्य नहीं हो रहा है, इस अवधि में टैक्स नहीं लगता है) से रिलीज कराने आएंगे और समस्या आई तो हंगामा होना तय माना जा रहा है। खनन में लगे वाहन स्वामी, उससे जुड़े व्यवसायी हल्द्वानी और लालकुआं सीट के मतदाता हैं, ऐसे में कोई भी गड़बड़ी होने पर ‘असर’ पड़ सकता है।
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बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के रोजगार के मुख्य साधन खनन है। अनुमान है कि अक्तूबर से वाहन रिलीज कराना लोग शुरू करेंगे, पर नए साफ्टवेयर के कारण वाहनों से जुड़े कार्य कराने में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है। समय रहते समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में नेशनल इनफारमेंशन ब्यूरो(एनआईसी) से मदद मांगने के साथ पत्र लिखा गया है।
एसके सिंह, आरटीओ हल्द्वानी संभाग
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गौला, नंधौर आदि खनन क्षेत्र में बड़ी संख्या में यूपी, हरियाणा आदि राज्यों से आए वाहन लगे हैं। वाहन-4 जो साफ्टवेयर लांच हुआ है, उसमें पहले जिस जगह पर वाहन पंजीकृत हुआ था, वहां भी और हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय दोनों जगह डेटा दिखा रहा है। ऐसे में कई वाहनों का टैक्स, परमिट, फिटनेस आदि काम नहीं हो पा रहा है। अभी शुरुआती मामला आने के बाद ही परिवहन अधिकारियों ने जांच-पड़ताल की तो पता चला कि गौला में चलने वाले 7500 वाहनों में 4000 वाहनों में भी यही समस्या है, इसको लेकर विभागीय अधिकारियों के होश उड़ गए हैं।
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ऐसे में अक्तूबर के महीने में जब खनन के लिए सरेंडर(विभाग में जमा किय जाता है कि वाहन से कोई भी कार्य नहीं हो रहा है, इस अवधि में टैक्स नहीं लगता है) से रिलीज कराने आएंगे और समस्या आई तो हंगामा होना तय माना जा रहा है। खनन में लगे वाहन स्वामी, उससे जुड़े व्यवसायी हल्द्वानी और लालकुआं सीट के मतदाता हैं, ऐसे में कोई भी गड़बड़ी होने पर ‘असर’ पड़ सकता है।
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बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के रोजगार के मुख्य साधन खनन है। अनुमान है कि अक्तूबर से वाहन रिलीज कराना लोग शुरू करेंगे, पर नए साफ्टवेयर के कारण वाहनों से जुड़े कार्य कराने में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है। समय रहते समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में नेशनल इनफारमेंशन ब्यूरो(एनआईसी) से मदद मांगने के साथ पत्र लिखा गया है।
एसके सिंह, आरटीओ हल्द्वानी संभाग