गरमपानी(नैनीताल)। रामगढ ब्लॉक के ढोकाने से सुयालबाड़ी सड़क निर्माण के लिए खुदाई के दौरान शिव मंदिर के पास 13वीं और 14वीं शताब्दी के चंद वंश काल में मंदिर के ऊपर वजन रखने के लिए बनाए जाने वाला आमलक मिला है। इसकी पुष्टि पुरातत्ववेत्ता डॉ. यशोधर मठपाल ने की है। इसका वजन 5 क्विंटल है। आमलक मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। आमलक मिलने की सूचना सड़क कटान में लगे जेसीबी चालक ने सुयालबाड़ी निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश सुयाल को दी। ग्रामीणों की मदद से शिला को मिट्टी के ढेर से बाहर निकालकर सुरक्षित रखा गया है। गांव के रमेश सुयाल, भुवन चंद्र सुयाल, खयालीराम कर्नाटक, हंसादत्त उप्रेती ने बताया कि 2006 में शिव मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान भी मूर्तियों के अवशेष मिले थे। उन्हें मंदिर के पीछे के खेत की खुदाई को रोककर बंद कर दिया। सभी मूर्तियां एक ही प्रकार के पत्थर जैसी मिली है। ग्रामीणों ने शिला के 100 साल पुराना होने का अंदेशा जताया है।
सड़क कटान में जो शिला मिली है वह 13वीं और 14वीं शताब्दी के चंद वंश काल की है। यह उस काल में मंदिर के ऊपर वजन बढ़ाने के लिए रखे जाने वाला आमलक है। यह आमलक ज्यादा पुराना नहीं लग रहा है। जिस क्षेत्र में आमलक मिला है वहां कोई बड़ा मंदिर रहा होगा। इस तरह के आमलक बैजनाथ, जागेश्वर सहित अन्य मंदिरों में भी हैं।
डॉ. यशोधर मठपाल, पुरातत्ववेत्ता, भीमताल