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बाइक ने कार को ठोका, चालक ने आवाज लगाई तो जान गई
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हल्द्वानी। ऊंचापुल रोड पर हादसे के बाद भाग रहे बाइक सवार को रोकने के लिए तेज आवाज लगाने से कार चालक को हार्ट अटैक पड़ गया। एसटीएच पहुंचने पर डॉक्टर ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। पैसे नहीं होने पर पुलिस ने व्यक्ति का अंतिम संस्कार कराया।
कृष्ण कॉलोनी गली नंबर चार मुखानी निवासी विवेक शंकर जौहरी (50) कार से मंगलवार दोपहर अपनी बेटी को लेने के लिए स्कूल जा रहे थे। ऊंचापुल पहुंचने पर विवेक की कार को पीछे से बाइक सवार ने ठोक दिया। विवेक कार रोककर बाहर निकले। इस बीच भाग रहे बाइक सवार को तेज आवाज लगाते ही विवेक मौके पर सीना पकड़कर बैठ गए। बेहोश होने पर कुछ लोग विवेक को एसटीएच लेकर आए।
यहां डॉक्टरों ने विवेक को मृत घोषित कर दिया। विवेक किसी की कार मांगकर बेटी को लेने पहुंचे थे। विवेक की पत्नी रेनू जौहरी पति के मौत की जानकारी मिलने पर बदहवास हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन पत्नी के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे। मंगलवार रातभर शव मोर्चरी में पड़ा था।
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पत्नी ने पुलिस को बताया कि विवेक को पहले भी हार्ट अटैक पड़ा था, लेकिन पैसे की कमी के चलते इलाज नहीं चल सका। विवेक एक ट्रांसपोर्ट में काम करता था। परिवार की आर्थिक तंगी का पता चलने पर मेडिकल चौकी प्रभारी कैलाश सिंह नेगी ने मानवता का परिचय देते हुए अपने वेतन से एंबुलेंस का भाड़ा दिया और पैसे देकर बुधवार को विवेक का अंतिम संस्कार कराया।
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कृष्ण कॉलोनी गली नंबर चार मुखानी निवासी विवेक शंकर जौहरी (50) कार से मंगलवार दोपहर अपनी बेटी को लेने के लिए स्कूल जा रहे थे। ऊंचापुल पहुंचने पर विवेक की कार को पीछे से बाइक सवार ने ठोक दिया। विवेक कार रोककर बाहर निकले। इस बीच भाग रहे बाइक सवार को तेज आवाज लगाते ही विवेक मौके पर सीना पकड़कर बैठ गए। बेहोश होने पर कुछ लोग विवेक को एसटीएच लेकर आए।
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यहां डॉक्टरों ने विवेक को मृत घोषित कर दिया। विवेक किसी की कार मांगकर बेटी को लेने पहुंचे थे। विवेक की पत्नी रेनू जौहरी पति के मौत की जानकारी मिलने पर बदहवास हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन पत्नी के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे। मंगलवार रातभर शव मोर्चरी में पड़ा था।
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पत्नी ने पुलिस को बताया कि विवेक को पहले भी हार्ट अटैक पड़ा था, लेकिन पैसे की कमी के चलते इलाज नहीं चल सका। विवेक एक ट्रांसपोर्ट में काम करता था। परिवार की आर्थिक तंगी का पता चलने पर मेडिकल चौकी प्रभारी कैलाश सिंह नेगी ने मानवता का परिचय देते हुए अपने वेतन से एंबुलेंस का भाड़ा दिया और पैसे देकर बुधवार को विवेक का अंतिम संस्कार कराया।