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छात्रावास में कलक्ट्रेट आफिस शिफ्ट करने पर रोक जारी रहेगी
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने एमकेपीपीजी कॉलेज देहरादून के छात्रावास में कलक्ट्रेट आफिस शिफ्ट किए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद कलक्ट्रेट कार्यालय को शिफ्ट करने पर लगी रोक के आदेश को आगे बढ़ाया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह के भीतर प्रति शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी सोनिया बेनीवाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार एमकेपीपीजी परिसर में कलक्ट्रेट को शिफ्ट कर रही है जो गलत है। याचिकाकर्ता ने इस पर रोक को बढ़ाने के लिए प्रार्थना करते हुए कहा था कि शिक्षण संस्थानों में गैर शिक्षण संस्थानों के कार्यालयों को शिफ्ट करना नियम विरुद्ध है।
कार्यालय को शिफ्ट करने से कॉलेज के छात्रों पर गलत प्रभाव पड़ेगा और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होगी। कॉलेज प्रबंधन की ओर से छात्रावास को किराए पर देना व्यावहारिक नहीं है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कलक्ट्रेट कार्यालय को शिफ्ट करने पर रोक के आदेश को आगे बढ़ाते हुए याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह के भीतर प्रति शपथपत्र पेश करने के लिए कहा है।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी सोनिया बेनीवाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार एमकेपीपीजी परिसर में कलक्ट्रेट को शिफ्ट कर रही है जो गलत है। याचिकाकर्ता ने इस पर रोक को बढ़ाने के लिए प्रार्थना करते हुए कहा था कि शिक्षण संस्थानों में गैर शिक्षण संस्थानों के कार्यालयों को शिफ्ट करना नियम विरुद्ध है।
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कार्यालय को शिफ्ट करने से कॉलेज के छात्रों पर गलत प्रभाव पड़ेगा और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होगी। कॉलेज प्रबंधन की ओर से छात्रावास को किराए पर देना व्यावहारिक नहीं है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कलक्ट्रेट कार्यालय को शिफ्ट करने पर रोक के आदेश को आगे बढ़ाते हुए याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह के भीतर प्रति शपथपत्र पेश करने के लिए कहा है।
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