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Nainital News: कुमाऊं विवि में टेंडर प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगी डिग्रियों की छपाई
Mon, 19 Oct 2026 11:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:50 PM IST
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में डिग्रियों की छपाई को लेकर महीनों से चल रहा गतिरोध अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। अमर उजाला के 16 अक्तूबर के अंक में टेंडर के चक्कर में महीनों से अटकीं डिग्रियां शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। इसके परिणामस्वरूप, तकनीकी और सुरक्षा मानकों के फेर में लंबे समय से लंबित पड़ी टेंडर प्रक्रिया को आखिरकार सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
टेंडर प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी परिसरों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को राहत मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, डिग्रियों की छपाई के लिए नई री-टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब जल्द ही प्रमाणपत्रों और डिग्रियों को तैयार करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस निर्णय से पिछले कई महीनों से अपनी डिग्रियों के इंतजार में भटक रहे सैकड़ों छात्र-छात्राओं की बड़ी चिंता दूर होगी।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. रीतेश साह ने कहा डिग्रियों और अंकपत्रों की छपाई में सुरक्षा और उच्च गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होता है। इसी वजह से तकनीकी स्तर पर प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने में कुछ समय लगा। वर्तमान में जिन छात्र-छात्राओं को अत्यंत आवश्यक या इमरजेंसी (आपातकालीन) जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर डिग्रियां दी जा रही हैं ताकि उनकी नौकरी या आगे की पढ़ाई प्रभावित न हो। जल्द ही अन्य सभी शेष विद्यार्थियों को भी उनकी डिग्रियां मिलनी शुरू हो जाएंगी।
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टेंडर प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी परिसरों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को राहत मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, डिग्रियों की छपाई के लिए नई री-टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब जल्द ही प्रमाणपत्रों और डिग्रियों को तैयार करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस निर्णय से पिछले कई महीनों से अपनी डिग्रियों के इंतजार में भटक रहे सैकड़ों छात्र-छात्राओं की बड़ी चिंता दूर होगी।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. रीतेश साह ने कहा डिग्रियों और अंकपत्रों की छपाई में सुरक्षा और उच्च गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होता है। इसी वजह से तकनीकी स्तर पर प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने में कुछ समय लगा। वर्तमान में जिन छात्र-छात्राओं को अत्यंत आवश्यक या इमरजेंसी (आपातकालीन) जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर डिग्रियां दी जा रही हैं ताकि उनकी नौकरी या आगे की पढ़ाई प्रभावित न हो। जल्द ही अन्य सभी शेष विद्यार्थियों को भी उनकी डिग्रियां मिलनी शुरू हो जाएंगी।
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