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दोस्त के जन्मदिन पर गया था, रेलवे पटरी के किनारे मिला शव
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Fri, 26 Jan 2018 01:18 AM IST
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हल्द्वनी कल रात हुए रेल हादसे में मृतक कमलेश साही की रोती बिलखती मां को सम्भालते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने की बात कहकर निकला इंस्पिरेशन स्कूल की नौंवी के छात्र का शव रेलवे पटरी के किनारे मिला। परिजनों ने छात्र की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की है। आरोप है कि बच्चों की आपसी लड़ाई में उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
बाद में हत्या को छिपाने के लिए पटरी पर शव रखकर आत्महत्या का रूप देने की साजिश की गई है। खड़िया व्यवसायी महिपाल सिंह शाही मूल रुप से बागेश्वर के रहने वाले हैं। वह यहां पनचक्की में पत्नी हेमा शाही और बच्चों कविता, योगेश, कमलेश के साथ रहते हैं। कविता महिला डिग्री कालेज से बीएससी कर रही है।
योगेश इंस्पिरेशन स्कूल में 12वीं और कमलेश शाही इसी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ता था। परिजनों के मुताबिक छोटा बेटा कमलेश बुधवार शाम को एक दोस्त के जन्मदिन में जाने की बात कहकर पैदल घर से निकला। शाम को वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की।
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जब दोस्तों के यहां भी कमलेश का पता नहीं चला तो परिजनों ने भोटिया पड़ाव चौकी में गुमशुदगी की तहरीर दी। बृहस्पतिवार सुबह कमलेश के फूफा हरीश सिंह भतीजे की तलाश में काठगोदाम थाने पहुंचे। यहां थाना पुलिस ने उन्हें बताया कि बुधवार रात राजपुरा फाटक के निकट रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन से कटा हुआ शव बरामद हुआ है।
पुलिस ने उन्हें मृतक का फोटो दिखाया। मृतक का फोटो देखकर हरीश सिंह व चाचा मनोज सिंह के होश उड़ गए, वह मृतक कमलेश ही था। उन्होंने तुरंत हादसे की सूचना कमलेश के माता-पिता को दी। लाडले बेटे की मौत की खबर सुनकर परिजनों का बुरा हाल हो गया। इधर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है। जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने कमलेश की हत्या की आशंका जताई है।
सबका लाडला था कमलेश
हल्द्वानी। कमलेश घर में सबसे छोटा होना की वजह से सबका लाडला था। वह पढ़ाई में होनहार और खेलकूद में भी अव्वल होने की वजह से शिक्षकों का भी पसंदीदा छात्र था। उसके हंसमुख स्वभाव से क्लास के साथ-साथ वह भाई योगेश के क्लास के विद्यार्थियों का भी दोस्त बन गया था।
अंतिम बार तिकोनिया में देखा गया
हल्द्वानी। छात्र की मौत के पीछे कई सवाल खड़े हो गए हैं। रिश्तेदारों का कहना है कि वह बुधवार शाम को स्टेडियम भी गया था। बाद में एक दोस्त ने उसे तिकोनिया चौराहे पर उतारा। अंतिम बार उसे इसी चौराहे पर देखा गया था। फिर पता नहीं चला, बाद में राजपुरा में रेलवे पटरी किनारे शव मिला। अब सवाल ये हैं कि वह घर से स्टेडियम कैसे और क्यों पहुंचा। किस दोस्त ने उसे तिकोनिया में उतारा और कैसे वह राजपुरा पहुुंच गया। वहां ऐसा क्या हुआ कि हादसा हो गया। इन सवालों को लेकर परिजन उलझे हुए हैं।
मां ने होश गंवाए, पिता भी फूट फूट कर रोए
हल्द्वानी। जिगर के टुकड़े कमलेश का क्षत विक्षत शव देखकर मां हेमा शाही बेहोश हो गईं। उन्हें बार-बार पानी पिलाकर होश में लाने की कोशिश की जा रही थी। पिता महिपाल भी बेटे का शव देख कर फूट-फूट कर रो रहे थे। यही हालत भाई योगेश और बहन कविता की थी। उनके गम को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो र्गईं।
दोस्त हो शिक्षक सभी दौड़े-दौड़े आए
हल्द्वानी। कमलेश की मौत की खबर सुनकर परिजन ही नहीं दोस्त, शिक्षक सब हक्के-बक्के रह गए। उसकी क्लास के दोस्त और स्कूल के शिक्षक भी वहां पहुंच गए और शोक जताया।
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बाद में हत्या को छिपाने के लिए पटरी पर शव रखकर आत्महत्या का रूप देने की साजिश की गई है। खड़िया व्यवसायी महिपाल सिंह शाही मूल रुप से बागेश्वर के रहने वाले हैं। वह यहां पनचक्की में पत्नी हेमा शाही और बच्चों कविता, योगेश, कमलेश के साथ रहते हैं। कविता महिला डिग्री कालेज से बीएससी कर रही है।
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योगेश इंस्पिरेशन स्कूल में 12वीं और कमलेश शाही इसी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ता था। परिजनों के मुताबिक छोटा बेटा कमलेश बुधवार शाम को एक दोस्त के जन्मदिन में जाने की बात कहकर पैदल घर से निकला। शाम को वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की।
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जब दोस्तों के यहां भी कमलेश का पता नहीं चला तो परिजनों ने भोटिया पड़ाव चौकी में गुमशुदगी की तहरीर दी। बृहस्पतिवार सुबह कमलेश के फूफा हरीश सिंह भतीजे की तलाश में काठगोदाम थाने पहुंचे। यहां थाना पुलिस ने उन्हें बताया कि बुधवार रात राजपुरा फाटक के निकट रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन से कटा हुआ शव बरामद हुआ है।
पुलिस ने उन्हें मृतक का फोटो दिखाया। मृतक का फोटो देखकर हरीश सिंह व चाचा मनोज सिंह के होश उड़ गए, वह मृतक कमलेश ही था। उन्होंने तुरंत हादसे की सूचना कमलेश के माता-पिता को दी। लाडले बेटे की मौत की खबर सुनकर परिजनों का बुरा हाल हो गया। इधर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है। जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने कमलेश की हत्या की आशंका जताई है।
सबका लाडला था कमलेश
हल्द्वानी। कमलेश घर में सबसे छोटा होना की वजह से सबका लाडला था। वह पढ़ाई में होनहार और खेलकूद में भी अव्वल होने की वजह से शिक्षकों का भी पसंदीदा छात्र था। उसके हंसमुख स्वभाव से क्लास के साथ-साथ वह भाई योगेश के क्लास के विद्यार्थियों का भी दोस्त बन गया था।
अंतिम बार तिकोनिया में देखा गया
हल्द्वानी। छात्र की मौत के पीछे कई सवाल खड़े हो गए हैं। रिश्तेदारों का कहना है कि वह बुधवार शाम को स्टेडियम भी गया था। बाद में एक दोस्त ने उसे तिकोनिया चौराहे पर उतारा। अंतिम बार उसे इसी चौराहे पर देखा गया था। फिर पता नहीं चला, बाद में राजपुरा में रेलवे पटरी किनारे शव मिला। अब सवाल ये हैं कि वह घर से स्टेडियम कैसे और क्यों पहुंचा। किस दोस्त ने उसे तिकोनिया में उतारा और कैसे वह राजपुरा पहुुंच गया। वहां ऐसा क्या हुआ कि हादसा हो गया। इन सवालों को लेकर परिजन उलझे हुए हैं।
मां ने होश गंवाए, पिता भी फूट फूट कर रोए
हल्द्वानी। जिगर के टुकड़े कमलेश का क्षत विक्षत शव देखकर मां हेमा शाही बेहोश हो गईं। उन्हें बार-बार पानी पिलाकर होश में लाने की कोशिश की जा रही थी। पिता महिपाल भी बेटे का शव देख कर फूट-फूट कर रो रहे थे। यही हालत भाई योगेश और बहन कविता की थी। उनके गम को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो र्गईं।
दोस्त हो शिक्षक सभी दौड़े-दौड़े आए
हल्द्वानी। कमलेश की मौत की खबर सुनकर परिजन ही नहीं दोस्त, शिक्षक सब हक्के-बक्के रह गए। उसकी क्लास के दोस्त और स्कूल के शिक्षक भी वहां पहुंच गए और शोक जताया।