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गैस पाइप लाइन के पाइपों के नीचे दबकर किशोर की मौत
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हल्द्वानी रामपुर रोड पर प्रेमविहार के पास इन्ही गैस के पाइप के नीचे दबकर मरे मनोज कश्यप की फाइल फ?
हल्द्वानी। दोस्तों और भाई के साथ घर लौटते समय एक छात्र सड़क किनारे पड़े गैस पाइप लाइनों के ऊपर बैठ गया। अचानक पाइप फिसले तो रामपुर रोड स्थित जीतपुर नेगी कॉलोनी निवासी छात्र मनोज कश्यप (15) उनके नीचे दब गया। स्थानीय लोगों की मदद पुलिस उसे लेकर अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मनोज के चाचा वीरेश कश्यप ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब तीन बजे मनोज अपने भाई नितिन और दोस्त रोहित व विमल के साथ रामपुर रोड से घर लौट रहा था। दौड़ते हुए थकान होने पर मनोज सड़क किनारे गैस लाइन बिछाने के लिए रखीं पाइपों पर बैठ गया। मनोज के भाई नितिन ने बताया कि उसी समय पाइप पीछे बह रही नहर की तरफ फिसलने लगे। इससे पहले कि मनोज संभलना, वह लोहे की करीब 10 पाइपों के नीचे दब गया। नितिन और उसके साथियों ने शोर मचाया तो स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। इसी समय टीपी नगर चौकी इंचार्ज संजीत भी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से मनोज को बाहर निकालकर एसटीएच ले गए, जहां चिकित्सकों ने मनोज को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने गैस पाइप लाइन डाल रही कंपनी के खिलाफ शिकायत करने की बात कही है।
कक्षा नौ में प्रवेश लेना था मनोज को, पिता हैं ड्राइवर
वीरेश कश्यप ने बताया कि मनोज ने इसी वर्ष कक्षा आठ उत्तीर्ण की थी और वह कक्षा नौ में प्रवेश लेने की तैयारी में था। मनोज के पिता उमेश कश्यप ड्राइवर हैं और गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके पास पक्का मकान भी नहीं है। मनोज पढ़ लिखकर पिता का हाथ बंटाना चाहता था। मनोज के दो भाई नितिन, करन और एक छोटी बहन ललिता हैं। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां रामवती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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कई टन वजन और रोक के लिए केवल बांस और एक लोहे का एंगल
गैस पाइप लाइन डालने वाली कंपनी की लापरवाही कुछ ऐसी थी कि कई टन भारी पाइपों को रोकने के लिए मिट्टी में केवल एक बांस और एक एंगल ही लगा रखा था। वजन इतना था
कि बांस और लोेहे का एंगल हल्का उखड़ भी चुका था और नहर की तरफ झुक गया था।
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मनोज के चाचा वीरेश कश्यप ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब तीन बजे मनोज अपने भाई नितिन और दोस्त रोहित व विमल के साथ रामपुर रोड से घर लौट रहा था। दौड़ते हुए थकान होने पर मनोज सड़क किनारे गैस लाइन बिछाने के लिए रखीं पाइपों पर बैठ गया। मनोज के भाई नितिन ने बताया कि उसी समय पाइप पीछे बह रही नहर की तरफ फिसलने लगे। इससे पहले कि मनोज संभलना, वह लोहे की करीब 10 पाइपों के नीचे दब गया। नितिन और उसके साथियों ने शोर मचाया तो स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। इसी समय टीपी नगर चौकी इंचार्ज संजीत भी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से मनोज को बाहर निकालकर एसटीएच ले गए, जहां चिकित्सकों ने मनोज को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने गैस पाइप लाइन डाल रही कंपनी के खिलाफ शिकायत करने की बात कही है।
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कक्षा नौ में प्रवेश लेना था मनोज को, पिता हैं ड्राइवर
वीरेश कश्यप ने बताया कि मनोज ने इसी वर्ष कक्षा आठ उत्तीर्ण की थी और वह कक्षा नौ में प्रवेश लेने की तैयारी में था। मनोज के पिता उमेश कश्यप ड्राइवर हैं और गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके पास पक्का मकान भी नहीं है। मनोज पढ़ लिखकर पिता का हाथ बंटाना चाहता था। मनोज के दो भाई नितिन, करन और एक छोटी बहन ललिता हैं। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां रामवती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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कई टन वजन और रोक के लिए केवल बांस और एक लोहे का एंगल
गैस पाइप लाइन डालने वाली कंपनी की लापरवाही कुछ ऐसी थी कि कई टन भारी पाइपों को रोकने के लिए मिट्टी में केवल एक बांस और एक एंगल ही लगा रखा था। वजन इतना था
कि बांस और लोेहे का एंगल हल्का उखड़ भी चुका था और नहर की तरफ झुक गया था।