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पुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षकों ने तानी मुट्ठी
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हल्द्वानी में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रैली निकालते उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के स
हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने पुरानी पेंशन बहाली और नई शिक्षा नीति में प्राथमिक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण की मांग को लेकर तिकोनिया स्थित हरिप्रसाद टम्टा पार्क पार्क में धरना-प्रदर्शन किया और नारेबाजी के साथ रैली निकालकर एसडीएम विवेक राय के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर भारत के करीब 30 लाख शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाला यह एकमात्र संगठन है। संघ ने मांगों को लेकर पांच अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर में धरना दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार के उदासीन रवैये के कारण शिक्षक आंदोलन को बाध्य हैं। कहा कि 23 नवंबर से ब्लॉक स्तर से शुरू हुआ आंदोलन राष्ट्रीय स्तर तक चलेगा।
17 से 22 जनवरी तक राज्य स्तर और 21 से 27 फरवरी तक राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन किए जाएंगे। धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष मनोज तिवारी, जिला मत्री डिकर पडियार, जिला कोषाध्यक्ष मदन मोहन बिष्ट, मदन बर्थवाल, विजय गुरुरानी, सुभाष जुयाल, प्रकाश फुलोरिया, अनिल शर्मा, शमशेर दिगारी, बंशीधर कांडपाल, अनुपमा सिंह, गीता जंतवाल, उषा जोशी, ममता गुप्ता, अंजू मिश्रा, दीक्षा जोशी, नवीन चंद्र, नंद राम, अनुराधा सक्सेना आदि रहे।
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शिक्षकों की प्रमुख मांगें
-पुरानी पेंशन तत्काल बहाल की जाए
-छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर कर सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुरूप संशोधन लागू हो
-देश के अनुबंधित, पैरा, गण शिक्षकों को समान वेतन मिले
-शिक्षक पात्रता परीक्षा शिक्षकों के व्यावसायिक प्रशिक्षण लेने से पूर्व कराई जाए।
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धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर भारत के करीब 30 लाख शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाला यह एकमात्र संगठन है। संघ ने मांगों को लेकर पांच अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर में धरना दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार के उदासीन रवैये के कारण शिक्षक आंदोलन को बाध्य हैं। कहा कि 23 नवंबर से ब्लॉक स्तर से शुरू हुआ आंदोलन राष्ट्रीय स्तर तक चलेगा।
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17 से 22 जनवरी तक राज्य स्तर और 21 से 27 फरवरी तक राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन किए जाएंगे। धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष मनोज तिवारी, जिला मत्री डिकर पडियार, जिला कोषाध्यक्ष मदन मोहन बिष्ट, मदन बर्थवाल, विजय गुरुरानी, सुभाष जुयाल, प्रकाश फुलोरिया, अनिल शर्मा, शमशेर दिगारी, बंशीधर कांडपाल, अनुपमा सिंह, गीता जंतवाल, उषा जोशी, ममता गुप्ता, अंजू मिश्रा, दीक्षा जोशी, नवीन चंद्र, नंद राम, अनुराधा सक्सेना आदि रहे।
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शिक्षकों की प्रमुख मांगें
-पुरानी पेंशन तत्काल बहाल की जाए
-छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर कर सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुरूप संशोधन लागू हो
-देश के अनुबंधित, पैरा, गण शिक्षकों को समान वेतन मिले
-शिक्षक पात्रता परीक्षा शिक्षकों के व्यावसायिक प्रशिक्षण लेने से पूर्व कराई जाए।