फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Talents consolidate dreams of golden future

प्रतिभाओं ने संजोए हैं सुनहरे भविष्य के सपने

Wed, 20 Sep 2017 02:54 AM IST
अभिजात कांडपाल और दीपिका नेगी
अभिजात कांडपाल और दीपिका नेगी Updated Wed, 20 Sep 2017 02:54 AM IST
विज्ञापन
Talents consolidate dreams of golden future
nab - फोटो : amar ujala

नैब में पढ़ रहे बच्चों को उम्मीद है कि एक न एक दिन उनका सितारा बुलंद होगा। वे भी समाज की मुख्य धारा में शामिल होकर अपना मुकाम हासिल करेंगे। इसके लिए वे जमकर मेहनत कर रहे हैं। उन्हें दुनियादारी से कोई मतलब नहीं। बस नजर है तो लक्ष्य पर। इसके लिए वह रात दिन मेहनत कर रहे हैं।

विज्ञापन


बच्चे पढ़ाई में तो अव्वल हैं ही साथ ही संगीत, कंप्यूटर, नृत्य में भी रुचि रखते हैं। कईं बच्चे जहां कक्षा में सामान्य बच्चों को पढ़ाई में टक्कर देते हैं, वहीं कई ऐसे भी हैं जो आवासीय परिसर में रह रहे छोटे बच्चों को पढ़ाई में मदद करते हैं।
विज्ञापन


पूजा और भावना

रामनगर की दो बहनें पूजा बिष्ट और भावना सात साल पहले यहां आईं थीं। पूजा सातवीं में पढ़ती है और शिक्षक बनना चाहती है। वह छुट्टी के दिन संस्था के छोटे बच्चों को भी पढ़ाती हैं। आठवीं में पढ़ने वाली भावना बैंक में अकाउंटेंट बनना चाहती है। दोनों सेंट लॉरेंस सीनियर सेकेंड्री स्कूल में पढ़ती हैं। वार्डन मीना ने बताया कि दोनों ही बहनें पढ़ाई में अव्वल हैं और कक्षा में स्थान प्राप्त करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीना भाकुनी और प्रिया कोहली

अल्मोड़ा की बीना भाकुनी नैनी वैली स्कूल में आठवीं की छात्रा है। वह सात साल से नैब में रह रही है। उसके दादा उसे नैब में छोड़कर गए थे। चार साल पहले दादा की मौत हो गई। अब उससे कोई मिलने नहीं आता। वह शिक्षक बनना चाहती हैं।

चंपावत की मूल निवासी 13 वर्ष की प्रिया 2013 में नैब आई थीं। छठी कक्षा में पढ़ने वाली प्रिया ब्रेल और सामान्य दोनों ही लिपी पर समान अधिकार रखती है। शिक्षक बनने की चाहत रखने वाली प्रिया जिज्ञासु प्रवृति की है। वह ब्रेल लिपी में हुई वर्तनी की अशुद्धियों को भी पहचान लेती है।

दीपा कड़ाकोटी और गौरव 

इंदिरा प्रियदर्शनी राजकीय महिला महाविद्यालय में बीए तीसरे वर्ष की छात्रा दीपा 2010 से नैब में रह रही है। सुरीली आवाज की धनी दीपा संगीत के माध्यम से लोगों को भावुक कर देती है। वह शिक्षक बनना चाहती है।  गौरव छह सालों से यहां रहकर पढ़ाई कर रहा है। गौरव के दादा, सबके ‘दादा’ हैं। दीक्षांत स्कूल में तीसरी में पढ़ने वाले गौरव के दादा शिवराम हर पंद्रह दिन में पोते से मिलने आते हैं। 

धीरज सिंह और प्रदीप

राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आठवीं का छात्र धीरज सिंह मूलत: पौड़ी गढ़वाल का निवासी है। संगीत के शौकीन धीरज ने मात्र चार महीने में हारमोनियम बजाना सीखा है। वह संगीतगार बनना चाहता है।

लोकगीतों में विशेष रुचि रखने वाला प्रदीप भी पौड़ी गढ़वाल का मूल निवासी है। वह राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 10वीं का छात्र है। उसकी आवाज का जादू किसी भी आकर्षित करता है।

गोमती मेहता

चंपावत जिले की मूल निवासी गोमती को भी लोकगीतों से विशेष लगाव है। वह देशभक्ति और फिल्मी गाने भी गा लेती है। जीजीआईसी की छात्रा गोमती संगीत की अध्यापिका बनना चाहती है।  

दो बेटियां बन चुकी हैं पीओ

नैब गौलापार में रहकर पढ़ाई कर चुकीं दो बेटियां बैंक पीओ बन चुकी हैं। नैब संचालक श्याम सिंह धानक के मुताबिक आरती अग्रवाल वर्तमान में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में जबकि अरुणा सागर एसबीआई मुंबई में पीओ हैं।


धानक ने बताया कि पूजा मेहता, मंजू दानू, अंजू बिष्ट, मंजू नगरकोटी, प्रीति कनवाल, आकांक्षा रावत, संगीता बिष्ट इसी सत्र में डीएलएड करेंगी। वे मुंबई जा चुकी हैं। पूजा शर्मा ने एआईसीबी से एक वर्षीय कंप्यूटर पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है।

वार्डन मीना सिंह के मुताबिक बच्चों की दिनचर्या का चार्ट है। बच्चे उसी के अनुसार काम करते हैं। बच्चों में एक दूसरे के सहयोग की भावना है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed