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स्वाइन फ्लू : न जांच की सुविधा, न आइसोलेशन वार्ड
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।
Updated Sat, 15 Jul 2017 01:49 AM IST
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swine flu
- फोटो : demo pic
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स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक ने भले ही अलर्ट जारी कर दिया हो मगर न तो यहां जांच की सुविधा है और न एसटीएच में मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड। हालांकि बेस और सुशीला तिवारी अस्पताल में टैमीफ्लू की गोलियां पर्याप्त मात्रा में हैं।
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देहरादून मेें अप्रैल से जुलाई तक स्वाइन फ्लू के तीन मामले मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस रावत ने अलर्ट जारी किया था। डॉ. रावत ने सभी सीएमओ को सतर्क रहने और स्वाइन फ्लू का मामला मिलने के बाद तत्काल सूचित करने के आदेश दिए थे।
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साथ ही निजी अस्पतालों में भी मरीज आने पर सूचना देनी होगी। बेस अस्पताल में आठ बेड का आइसोलेशन वार्ड तो है मगर वेंटीलेटर नहीं है। जबकि एसटीएच में अलग से आइसोलेशन वार्ड नहीं बनाया गया है। एसटीएच के एमएस डॉ. एके पांडे ने स्वाइन फ्लू के मरीजों को मेडिसिन आईसीयू में रखना पड़ता है।
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अलग से आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था नहीं है। कहा कि कई बार मरीजों को वेंटीलेटर की आवश्यकता पड़ जाती है। वेंटीलेंटर अलग से मांगा गया था मगर अभी तक नहीं मिला है। वेंटीलेटर न होने के कारण ही ऐसे मरीजों को मेडिसिन आईसीयू में रखना पड़ता है।
डॉ. पांडे ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों का ब्लड सैंपल जांच के लिए दिल्ली या पुणे भेजा जाता है। एलाइजा टेस्ट दिल्ली में ही होता है। पालीमरेज रिएक्शन टेस्ट से भी दिल्ली में ही होता है। इस जांच से स्वाइन फ्लू की पुष्टि होती है। हालांकि एसटीएच में लगभग एक हजार और बेस अस्पताल में डेढ़ सौ टैमीफ्लू की टैबलेट हैं।