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सीआईएसएफ जवान की संदिग्ध मौत
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रामनगर के ढेला गांव में मृतक सीआईएसएफ जवान के घर पर पसरा हुआ सन्नाटा।
- फोटो : RAMNAGAR
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रामनगर (नैनीताल)। नेपाल की राजधानी काठमांडो में भारतीय दूतावास में तैनात रामनगर निवासी सीआईएसएफ जवान दीपक अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। शव दिल्ली लाया जा चुका है।
रामनगर के ढेला गांव निवासी 29 वर्षीय दीपक अधिकारी पुत्र स्व. राजेंद्र अधिकारी 2012 में सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) में कांस्टेबल के पद पर तैनात हुए थे। पिछले दो साल से वह काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास में तैनात थे। बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह पांच बजे संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से उनकी मौत हो गई। दूतावास में तैनात सीआईएसएफ जवानों ने दीपक के परिजनों को उनके निधन की खबर दी।
मंगलवार शाम पांच बजे जवान का शव नेपाल से दिल्ली लाया गया। देर रात या फिर बुधवार सुबह उनका शव रामनगर लाया जाएगा। ढेला गांव में ही जवान की अंत्येष्टि की जाएगी। दीपक की चार साल पहले शादी हुई थी। उनकी पत्नी हिमानी और डेढ़ वर्षीय पुत्र एकांश है। भाई धीरज अधिकारी वन निगम में कार्यरत हैं। परिजनों ने मृतक की मां व पत्नी को अभी तक जवान की मौत की सूचना नहीं दी है।
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गोली कैसे लगी, जांच कर दोषी को दें सजा
- परिजनों ने सवालों के साथ उठाई मांग
- अप्रैल में छुट्टी पर घर आया था दीपक
संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर (नैनीताल)। मेरे भाई को गोली कैसे लगी और गोली मारने वाला कौन है। इसकी जांच की जानी चाहिए ताकि दोषी को सजा मिल सके। केंद्र सरकार इस मामले में जांच करे और हमें इंसाफ दिलाए। यह बात दीपक के भाई धीरज अधिकारी ने कही।
सीआईएसएफ जवान दीपक अधिकारी के छोटे भाई धीरज अधिकारी ने बताया कि अप्रैल में वह घर आए थे। एक माह की छुट्टी कब बीत गई पता नहीं चला। दो साल से अधिक समय से वह काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में तैनात थे। वह केवल दो साल के लिए गए थे जो बीती फरवरी में पूरा हो गया था। दो साल पूरा होने के बाद भी दीपक की नेपाल से तैनाती नहीं हटाई गई। धीरज ने बताया कि सीआईएसएफ हेडक्वार्टर के अनुसार, सोमवार सुबह चार बजे जब ड्यूटी पर तैनात जवानों की लोकेशन मांगी गई, तब दीपक ने अपनी लोकेशन बताई थी। सुबह पांच बजे जिस जवान को दीपक की जगह ड्यूटी करनी थी उसने गोली लगने की जानकारी दी। चार से पांच बजे के बीच गोली कैसे लगी, इसकी पड़ताल होनी चाहिए ताकि दोषी को सजा मिल सके।
धीरज ने बताया कि दीपक की शादी 2018 में हुई थी, उनका डेढ़ वर्ष बेटा एकांश है। जब भाई के मौत की सूचना मिलने पर उसने सभी रिश्तेदारों को जानकारी दी, लेकिन भाभी हिमानी और मां अनिता को जानकारी नहीं दी गई। मौत की खबर मिलने पर दोनों की तबीयत बिगड़ने का अंदेशा। ऐसे में सभी रिश्तेदारों को गांव में अन्य जगह रुकवाया गया ताकि दोनों को कुछ पता न चल जाए। शव आने से कुछ देर पहले इसकी जानकारी दी जाएगी।
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रामनगर के ढेला गांव निवासी 29 वर्षीय दीपक अधिकारी पुत्र स्व. राजेंद्र अधिकारी 2012 में सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) में कांस्टेबल के पद पर तैनात हुए थे। पिछले दो साल से वह काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास में तैनात थे। बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह पांच बजे संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से उनकी मौत हो गई। दूतावास में तैनात सीआईएसएफ जवानों ने दीपक के परिजनों को उनके निधन की खबर दी।
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मंगलवार शाम पांच बजे जवान का शव नेपाल से दिल्ली लाया गया। देर रात या फिर बुधवार सुबह उनका शव रामनगर लाया जाएगा। ढेला गांव में ही जवान की अंत्येष्टि की जाएगी। दीपक की चार साल पहले शादी हुई थी। उनकी पत्नी हिमानी और डेढ़ वर्षीय पुत्र एकांश है। भाई धीरज अधिकारी वन निगम में कार्यरत हैं। परिजनों ने मृतक की मां व पत्नी को अभी तक जवान की मौत की सूचना नहीं दी है।
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गोली कैसे लगी, जांच कर दोषी को दें सजा
- परिजनों ने सवालों के साथ उठाई मांग
- अप्रैल में छुट्टी पर घर आया था दीपक
संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर (नैनीताल)। मेरे भाई को गोली कैसे लगी और गोली मारने वाला कौन है। इसकी जांच की जानी चाहिए ताकि दोषी को सजा मिल सके। केंद्र सरकार इस मामले में जांच करे और हमें इंसाफ दिलाए। यह बात दीपक के भाई धीरज अधिकारी ने कही।
सीआईएसएफ जवान दीपक अधिकारी के छोटे भाई धीरज अधिकारी ने बताया कि अप्रैल में वह घर आए थे। एक माह की छुट्टी कब बीत गई पता नहीं चला। दो साल से अधिक समय से वह काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में तैनात थे। वह केवल दो साल के लिए गए थे जो बीती फरवरी में पूरा हो गया था। दो साल पूरा होने के बाद भी दीपक की नेपाल से तैनाती नहीं हटाई गई। धीरज ने बताया कि सीआईएसएफ हेडक्वार्टर के अनुसार, सोमवार सुबह चार बजे जब ड्यूटी पर तैनात जवानों की लोकेशन मांगी गई, तब दीपक ने अपनी लोकेशन बताई थी। सुबह पांच बजे जिस जवान को दीपक की जगह ड्यूटी करनी थी उसने गोली लगने की जानकारी दी। चार से पांच बजे के बीच गोली कैसे लगी, इसकी पड़ताल होनी चाहिए ताकि दोषी को सजा मिल सके।
धीरज ने बताया कि दीपक की शादी 2018 में हुई थी, उनका डेढ़ वर्ष बेटा एकांश है। जब भाई के मौत की सूचना मिलने पर उसने सभी रिश्तेदारों को जानकारी दी, लेकिन भाभी हिमानी और मां अनिता को जानकारी नहीं दी गई। मौत की खबर मिलने पर दोनों की तबीयत बिगड़ने का अंदेशा। ऐसे में सभी रिश्तेदारों को गांव में अन्य जगह रुकवाया गया ताकि दोनों को कुछ पता न चल जाए। शव आने से कुछ देर पहले इसकी जानकारी दी जाएगी।

रामनगर के ढेला गांव के सीआईएसएफ जवान दीपक अधिकारी का फाइल फोटो।- फोटो : RAMNAGAR