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Sushila Tiwari Hospital: सुशीला तिवारी में एनेस्थीसिया के चलते अटके ऑपरेशन, हंगामा
Thu, 26 Oct 2023 10:51 AM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Thu, 26 Oct 2023 10:51 AM IST
सार
सुशीला तिवारी अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही के मामले आए दिन हो रहे हैं। इस बार एनेस्थीसिया न होने से ईएनटी विभाग के अंतर्गत भर्ती चार मरीजों का ऑपरेशन न होने से बुधवार को तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा।
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सुशीला तिवारी अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसटीएच में मरीजों के इलाज में लापरवाही के मामले आए दिन हो रहे हैं। इस बार एनेस्थीसिया न होने से ईएनटी विभाग के अंतर्गत भर्ती चार मरीजों का ऑपरेशन न होने से बुधवार को तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा। तीमारदारों ने अस्पताल में डॉक्टरों के सामने विरोध जताया। सूचना पर पहुंचे प्रभारी प्राचार्य के आदेश के बाद भी मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पाया है।
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सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में सोमवार को ऑपरेशन के लिए चार मरीज भर्ती हुए थे। इनमें से एक की नाक की सर्जरी और अन्य तीन की कान की सर्जरी होनी थी। ऑपरेशन के लिए एनेस्थीसिया विभाग को मंगलवार सुबह प्री-एनेस्थीसिया चेकअप (पीएसी) करना था। ओपीडी बंद होने के चलते तीमारदारों ने बेड साइड पीएसी के लिए अनुरोध किया था। पीएसी के लिए मरीजों को ओपीडी में बुलाया गया जबकि बेड साइड भी किया जा सकता था।
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बुधवार को ओपीडी खुलने के बाद भी पीएसी नहीं होने के चलते ऑपरेशन नहीं हो पाए। ऑपरेशन के लिए परेशान होने के चलते तीमारदार भड़क गए और डॉक्टरों से शिकायत की। अस्पताल में हंगामे की स्थिति बनने पर ईएनटी के विभागाध्यक्ष डॉ. शहजाद अहमद की सूचना पर प्रभारी प्राचार्य राम गोपाल नौटियाल और चिकित्सा अधीक्षक जीएस तितियाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों को पीएसी के लिए आदेश दिए। इसके बाद भी एनेस्थीसिया से ऑपरेशन के लिए फिटनेस नहीं मिल सकी।
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स्वयं एनेस्थीसिया की ओपीडी में जाकर मरीजों की पीएसी के लिए आदेश दिया था। इसके बाद भी पीएसी नहीं हुई। यह प्राचार्य के आदेश की अवहेलना और अनुशासनहीनता है। एनेस्थीसिया की विभागाध्यक्ष ने पीएसी का आश्वासन दिया था। - राम गोपाल नौटियाल, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
मरीज सोमवार को भर्ती हुए थे। मंगलवार सुबह पीएसी होना था। सरकारी अवकाश के चलते भर्ती मरीजों का पीएसी बेड साइड हो सकता था। पीएसी नहीं होने के कारण चार ऑपरेशन नहीं हो पाए हैं। - डॉ. शहजाद अहमद, ईएनटी विभागाध्यक्ष
जूनियर रेजिडेंट ने भी आदेश की अनसुनी की
मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य राम गोपाल नौटियाल ने पीएसी के लिए एनेस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष को निर्देश दिए। तीमारदारों के साथ ओपीडी में पहुंचे जहां कोई भी सीनियर रेजिडेंट नहीं होने पर नाराजगी जताई। आरोप है कि जूनियर रेजिडेंट ने भी ऑपरेशन के लिए फिटनेस मामले में प्रभारी प्राचार्य के आदेश की अनसुनी कर दी।
पहले विवाद में रहा है एनेस्थीसिया विभाग
एनेस्थीसिया विभाग पहले भी विवादों में रह चुका है। कुछ ही दिन पहले बागेश्वर की 11 वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में परिजनों ने एनेस्थीसिया विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मामले में न्यूरो और एनेस्थीसिया विभाग के बीच विवाद चला था। ऑपरेशन के इंतजार में बच्ची की मौत हो गई थी।
बेस की ओपीडी में पहुंचे 800 मरीज
बेस अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को 800 मरीज पहुंचे। इनमें सबसे अधिक रोगी सर्दी-खांसी और वायरल बुखार से पीड़ित रहे। चिकित्सकों ने जांच कर दवा दी। वहीं एसटीएच में भी मरीजों की संख्या अधिक रही। बेस अस्पताल के प्रभारी पीएमएस डॉ. केके पांडे ने बताया कि मरीजों की संख्या में कमी आई है। कुछ दिन पहले तक ओपीडी 1500 तक पहुंच रही थी। सबसे अधिक मरीज वर्तमान में फिजिशियन के पास इलाज के लिए पहुुंच रहे हैं। कमोबेश यही स्थिति एसटीएच में देखने को मिली।
जिले में डेंगू के मामले 700 के पार
डेंगू के कुल मामले 707 तक पहुंच गए हैं। बुधवार को नए 15 मरीज सामने आए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि अस्पतालों में कुल 142 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 14 एलाइजा पॉजीटिव हैं। बताया कि सभी का उपचार किया जा रहा है।