{"_id":"63792e1bb9301d34e4172c48","slug":"survey-work-started-for-making-master-plan-in-prag-farm-haldwani-news-hld482572216","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राग फार्म में मास्टर प्लान बनाने के लिए सर्वे कार्य शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राग फार्म में मास्टर प्लान बनाने के लिए सर्वे कार्य शुरू
विज्ञापन
प्राग फार्म में मास्टर प्लान तैयार करने के लिए सर्वे का कार्य शुरू। विज्ञप्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। जमरानी बांध प्रभावितों के पुनर्वास के लिए प्राग फार्म में सर्वे कार्य शुरू हो गया है। शनिवार को जमरानी परियोजना इकाई की टीम ने राजस्व विभाग और कंसल्टेंट टीम के साथ प्राग फार्म में संयुक्त सर्वे किया। सर्वे का कार्य पूर्ण होने के बाद पुनर्वास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
किच्छा के प्राग फार्म में 300 एकड़ जमीन पर जमरानी बांध प्रभावितों का पुनर्वास किया जाना है। फिलहाल पुनर्वास स्थल की जमीन सिंचाई विभाग को हस्तांतरित नहीं हुई है। इसके लिए शासन स्तर पर कार्यवाही चल रही है। प्राग फार्म में विस्थापित परिवारों को खेती के लिए एक एकड़ जमीन, आवास के लिए 200 वर्ग मीटर प्लाट मिलेगा। साथ ही सड़क, पानी, बिजली, स्ट्रीट लाइट, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पार्क, खेल मैदान, पशु चिकित्सालय आदि की सुविधाएं दी जाएंगी।
जमरानी परियोजना इकाई के परियोजना प्रबंधक हिमांशु पंत ने बताया कि जमरानी बांध प्रभावितों के पुनर्वास के लिए मास्टर प्लान बनना है। इसके लिए सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही सीमांकन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद मास्टर प्लान बनाने की कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
इस दौरान जिलेदार सुभाष चंद्र तिवारी, डीआरओ सीएस कांडपाल, लेखपाल दीपक सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
किच्छा के प्राग फार्म में 300 एकड़ जमीन पर जमरानी बांध प्रभावितों का पुनर्वास किया जाना है। फिलहाल पुनर्वास स्थल की जमीन सिंचाई विभाग को हस्तांतरित नहीं हुई है। इसके लिए शासन स्तर पर कार्यवाही चल रही है। प्राग फार्म में विस्थापित परिवारों को खेती के लिए एक एकड़ जमीन, आवास के लिए 200 वर्ग मीटर प्लाट मिलेगा। साथ ही सड़क, पानी, बिजली, स्ट्रीट लाइट, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पार्क, खेल मैदान, पशु चिकित्सालय आदि की सुविधाएं दी जाएंगी।
विज्ञापन
जमरानी परियोजना इकाई के परियोजना प्रबंधक हिमांशु पंत ने बताया कि जमरानी बांध प्रभावितों के पुनर्वास के लिए मास्टर प्लान बनना है। इसके लिए सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही सीमांकन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद मास्टर प्लान बनाने की कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
इस दौरान जिलेदार सुभाष चंद्र तिवारी, डीआरओ सीएस कांडपाल, लेखपाल दीपक सिंह आदि मौजूद रहे।