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सुर्खाब की सुरक्षा को लगेगा कैमरा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/रामनगर।
Updated Mon, 26 Oct 2015 12:25 AM IST
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रामनगर का कोसी बैराज प्रवासी पक्षी सुर्खाब (रूडी सैलडक) से गुलजार हो गया है। यूरोप और एशियाई देशों में मिलने वाला यह पक्षी अधिक ठंड बढ़ने के कारण भारत में प्रवेश करता है।
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ये अक्तूबर प्रारंभ या अंतिम सप्ताह से लेकर यहां मार्च अंतिम सप्ताह तक पलायन करते हैं। इन पक्षियों की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए जाएंगे।
वन्यजीव विशेषज्ञ दीप रजवार ने बताया सुर्खाब शर्मिले मिजाज का प्रवासी पक्षी है। जो वासस्थल, तालाब, रूके हुए पानी में रहने के साथ ही भोजन के रूप में काई, फंगस, छोटी मछलियां, केकड़ा और घोंघा को खाता है।
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श्री रजवार ने बताया इस पक्षी का उल्लेख पहली बार 1764 में जर्मन जियोलॉजिस्ट बोटॉनिस्ट मिस्टर पीटर सीमर ने किया। इसकी लंबाई 58 से 70 सेमी, पंखो का फैलाव 110 सेमी होता है।
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उन्होंने बताया यह पक्षी अक्तूबर से फरवरी तक रुकने के बाद मार्च में यूरोप, जम्मू कश्मीर, सिक्किम और मध्य एशिया को निकलते हैं।
दीप रजवार ने बताया कि प्राकृतिक आवास में इस पक्षी की उम्र तकरीबन आठ से 10 साल होती है। प्रजनन के समय यह चट्टान, नदियों के किनारे और पेड़ों की ओर चले जाते हैं।
यह आठ से 12 तक की संख्या में अंडे देते हैं। अंडे से बच्चे होने में 29 दिन लगते हैं। इनकी खास बात यह भी है कि सुर्खाब पक्षी हमेशा जोड़े में रहते हैं।
रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ कहकंशा नसीम ने बताया कि इस बार इन मेहमान पक्षियों की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। जिससे यह सुरक्षित रह सकें।