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हर किसी को नचा रहा है सूरज का बैंड
भूपेश कन्नौजिया
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:05 AM IST
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हर किसी को नचा रहा है सूरज का बैंड
- फोटो : amar ujala
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पिथौरागढ के बोरागांव के सूरज वर्मा ने बचपन में ही ठान लिया था कि बड़े होकर कुछ ऐसा किया जाए जिसे देश-दुनिया में पहचान मिले। वह पढ़ाई में अव्वल तो था ही मगर मन कुछ नया करने का प्रेरित करता था। इंजीनियरिंग में चयन होने के बाद भी सूरज को गीत-संगीत का ऐसा शौक चढ़ा कि मुंबई जाने पर खुद का बैंड बनाने की ठान ली।
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आज उसकी टीम में छह सदस्य हैं। टीम एक शो में 70 हजार रुपये तक का चार्ज लेती है। टीम के लाखों फॉलोवर्स हैं। हर उम्र के लोगों के दिलों पर उनकी धुन, राग और ड्रम बीट्स का जादू छाया है। आईटीबीपी में इंस्पेक्टर पिता को बेटे सूरज ने बताया कि उसकी प्राइमरी शिक्षा गांव में हुई।
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सिक्किम मनिपाल विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई के बाद उसका चयन एआई ट्रिपल ई के लिए हो गया था। लेकिन मकसद कुछ और था इसलिए 2011 को वह मुंबई चला गया। वहां अभिजीत घोषाल से संगीत की तालीम ली। रामपुर घराने के उस्ताद उस्मान खां से भी बहुत कुछ सीखा।
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2012 में सूरज ने चंडीगढ़ की राह पकड़ी। वहां क्लब महेंद्रा में नौकरी मिल गई। इसी दौरान इंडो फ्यूजन नाम से अपना बैंड बना दिया। शौक का ऐसा जादू चढ़ा कि नौकरी छोड़कर अपने बैंड को ही संवारने की ठान ली। पिथौरागढ़ के ही मुख्य गिटारिस्ट पारस रोरियाल ने इस बैंड को नया रूप दिया।
रुद्रपुर के राजीव कोरी भी इसमें शामिल हो गए। कड़ी जुड़ती गई तो हवलबाग निवासी बेस गिटार प्लेयर अंकित रावत ने भी इस बैंड का दामन थाम लिया। यहीं से बैंड लोकप्रिय होने लगा। बैंड देशभर में अब तक 800 से अधिक शो कर चुका है। इंडो फ्यूजन बैंड ने अपना कंपोज और लिखा हुआ एक गीत यशराज फिल्म मुंबई में रिकॉर्ड किया है जिसका वीडियो जल्द आने वाला है।
इंडो फ़्यूज़न कई नामी बैंड वार भी जज कर चुका है जिनमें नैनीताल विंटर कार्निवल, अमेटी यूनिवर्सिटी, नोएडा, दयाल सिंह कॉलेज दिल्ल, किरोड़ीमल कॉलेज दिल्ली, जीबी पंत कॉलेज पंतनगर, बिरला कॉलेज भीमताल शामिल हैं। संजय बताते हैं कि वे महीने में 10 से 12 शो करते हैं। अब वह पहाड़ी गानों के फ्यूजन तैयार कर रहे हैं और जल्द हल्द्वानी में एक बडे़ शो की तैयारी कर रहे हैं।