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हल्द्वानी में अब सांस ले सकेंगी सड़कें
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Wed, 08 Jun 2016 10:23 PM IST
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कल्पना कीजिए, आपका हल्द्वानी ऐसा हो जहां सड़कें खुली-खुली, सड़कों के किनारे फल-सब्जी की ठेलियां जाम का कारण न बने। साथ ही, फल-सब्जी के लिए जगह भी तय हो और आपको पता हो कि कहां क्या मिलेगा। यह अब संभव होने जा रहा है। नगर निगम हल्द्वानी ने वेंडर पॉलिसी को लागू करने के लिए कदम बढ़ा लिया है। शासन की ओर से हाल ही में जारी वेंडर पॉलिसी नगर निगम के हाथों में पहुंच भी गई है। निगम का कहना है कि वेंडर जोन पहले हीचिह्नित किए जा चुके हैं। अब इस पर अमल की बारी है। साथ ही, फल, सब्जी ठेली वालों और फड़ लगाने वालों को भी राहत मिलेगी और निगम की आय में भी इजाफा होगा।
राष्ट्रीय फड़ नीति (वेंडर पॉलिसी) को 2003 से लागू करने की कोशिश की जा रही है। अब जाकर इस नीति को नगर निगमों के आधार पर जारी करने की सूरत बन पाई है। हल्द्वानी में काठगोदाम, तिकोनिया, बरेली रोड, कालाढुंगी रोड आदि ऐसे क्षेत्र हैं जहां यातायात और फल सब्जी की ठेलियों, फड़ आदि के कारण सड़क पर चलना तक दूभर हो जाता है।
अब फड़ नीति के लागू होने पर इन स्थानों पर वेंडर जोन भी बनाए जा सकेंगे। इसके तहत जगह चिह्ति होगी और इन नियत स्थानों पर ही फल-सब्जी की दुकानें लगेंगी। फड़ के लिए भी जगह चिह्नित होंगी। ऐसे में सड़क के किनारे फुटपाथ भी खाली हो सकेंगे और उपभोक्ताओं को भी पता रहेगा कि रोजमर्रा का सामान किस स्थान से खरीदा जा सकता है।
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फड़ नीति के लागू होने का फायदा निगम को भी होगा। निगम के मुताबिक वेंडर जोन में साफ सफाई और इस स्थान को बेहतर बनाने के लिए निगम को काम करना होगा। इसकी ऐवज में निगम लाइसेंस शुल्क और तहबाजारी भी वसूल कर सकेगा। इससे निगम की आय में इजाफा होगा। हल्द्वानी में ही करीब तीन हजार फल-सब्जी ठेली वाले और फड़ लगाने वाले कारोबारी हैं। नीति के लागू होने का फायदा इन कारोबारियों को भी होगा। निगम की ओर से इनको व्यापार करने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। अधिकृत विक्रेता होने पर इनको स्थान से हटाना संभव नहीं होगा। ऐसे में इन कारोबारियों को भी राहत मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई थी कवायद
-निगम अधिकारियों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 2003 में इस नीति को लागू करने का निर्देश दिया था। प्रदेश में इस नीति को लागू करने के लिए धरने प्रदर्शन भी हुए पर यह मामला फाइलाें में ही अटका रहा। अब शासन की मंजूरी के बाद शहरी विकास निदेशालय ने इस नीति को लागू करने को हरी झंडी दी है।
काशीपुर, रुद्रपुर को भी फायदा
-नीति को नगर निगमों के जरिये लागू किया जाना है। ऐसे में काशीपुर और रुद्रपुर को भी इस नीति को फायदा मिलेगा। इस नीति के लागू होने पर इन शहरों को भी सड़कों के किनारे की भीड़ भाड़ से निजात मिल सकेगी।
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राष्ट्रीय फड़ नीति (वेंडर पॉलिसी) को 2003 से लागू करने की कोशिश की जा रही है। अब जाकर इस नीति को नगर निगमों के आधार पर जारी करने की सूरत बन पाई है। हल्द्वानी में काठगोदाम, तिकोनिया, बरेली रोड, कालाढुंगी रोड आदि ऐसे क्षेत्र हैं जहां यातायात और फल सब्जी की ठेलियों, फड़ आदि के कारण सड़क पर चलना तक दूभर हो जाता है।
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अब फड़ नीति के लागू होने पर इन स्थानों पर वेंडर जोन भी बनाए जा सकेंगे। इसके तहत जगह चिह्ति होगी और इन नियत स्थानों पर ही फल-सब्जी की दुकानें लगेंगी। फड़ के लिए भी जगह चिह्नित होंगी। ऐसे में सड़क के किनारे फुटपाथ भी खाली हो सकेंगे और उपभोक्ताओं को भी पता रहेगा कि रोजमर्रा का सामान किस स्थान से खरीदा जा सकता है।
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फड़ नीति के लागू होने का फायदा निगम को भी होगा। निगम के मुताबिक वेंडर जोन में साफ सफाई और इस स्थान को बेहतर बनाने के लिए निगम को काम करना होगा। इसकी ऐवज में निगम लाइसेंस शुल्क और तहबाजारी भी वसूल कर सकेगा। इससे निगम की आय में इजाफा होगा। हल्द्वानी में ही करीब तीन हजार फल-सब्जी ठेली वाले और फड़ लगाने वाले कारोबारी हैं। नीति के लागू होने का फायदा इन कारोबारियों को भी होगा। निगम की ओर से इनको व्यापार करने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। अधिकृत विक्रेता होने पर इनको स्थान से हटाना संभव नहीं होगा। ऐसे में इन कारोबारियों को भी राहत मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई थी कवायद
-निगम अधिकारियों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 2003 में इस नीति को लागू करने का निर्देश दिया था। प्रदेश में इस नीति को लागू करने के लिए धरने प्रदर्शन भी हुए पर यह मामला फाइलाें में ही अटका रहा। अब शासन की मंजूरी के बाद शहरी विकास निदेशालय ने इस नीति को लागू करने को हरी झंडी दी है।
काशीपुर, रुद्रपुर को भी फायदा
-नीति को नगर निगमों के जरिये लागू किया जाना है। ऐसे में काशीपुर और रुद्रपुर को भी इस नीति को फायदा मिलेगा। इस नीति के लागू होने पर इन शहरों को भी सड़कों के किनारे की भीड़ भाड़ से निजात मिल सकेगी।