फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Stop animal sacrifice persisted at Naina Devi temple

नयना देवी मंदिर में पशु बलि पर रोक कायम

Wed, 07 Sep 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल Updated Wed, 07 Sep 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन

नंदाष्टमी से ठीक पहले हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर में पशु बलि पर रोक को कायम रखा है। हालांकि ,इस बार नौ सितंबर को होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए हाईकोर्ट ने भक्तों को मंदिर में पूजा के लिए बकरा ले जाने की रियायत जरूर दी है।

विज्ञापन


पिछले साल हाईकोर्ट ने पशु बलि के साथ ही भक्तों के मंदिर परिसर में बकरा ले जाने तक को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया था।

नैनीताल इस समय नंदा उत्सव में डूबा हुआ है और नौ सितंबर को इसी के तहत नंदाष्टमी मनाई जाएगी। इससे ठीक पहले बुधवार को हाई कोर्ट ने नैनीताल के नयना देवी मंदिर में पशु बलि से संबंधित याचिका को निस्तारित किया।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने इस मामले में पूर्व में लगाई गई पशु बलि पर प्रतिबंध को पूरी तरह से कायम रखा है। हाईकोर्ट ने इतनी रियायत जरूर दी है कि भक्त इस बार मंदिर परिसर में बकरा लेकर आ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जिला प्रशासन किसी भी हालत में किसी भी व्यक्ति को मंदिर परिसर और मेला परिसर में बलि की अनुमति नहीं देगा। साथ ही कहा कि पूजा के बाद भक्त बकरे को अपने साथ वापस लेकर जाएगा।

नैनीताल निवासी जगदीश प्रसाद साह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि संविधान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति अपने धर्म की मान्यताओं के अनुसार उपासना का अधिकार है। हमारी परंपरा में देवी की पूजा में बलि प्रथा चली आ रही है, इसलिए हमें अपनी परंपरा का अनुसरण करने दिया जाए।

पुलिस प्रशासन बकरा शहर से बाहर ही रोक देता है। जिस कारण वह अपनी परंपरा का निर्वाह नहीं कर पा रहे हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि वे सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों का पालन करने को तैयार है, जिसमें सार्वजनिक स्थान पर बलि पर रोक लगाकर स्लॉटर हाउस में बलि देने का उल्लेख है।

बकरा ले जाने वाले भक्त को कराना होगा पंजीकरण

डीएम दीपक रावत के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश का पूरा पालन किया जाएगा। बकरे के मालिक को अपनी फोटो व पहचान पत्र देना होगा और उसका पंजीकरण करना होगा। मंदिर में फोटोग्राफी कराई जाएगी।


राम सेवक सभा और अन्य सामाजिक संस्थाओं व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर प्रक्रिया  तय की जाएगी। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मंदिर परिसर में बलि किसी हालत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शेष प्रक्रिया बैठक में तय की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed