फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Stay away from Nainital

टोल बूथ शिफ्ट हो, ई-रिक्शे चलें तो मिल सकती जाम से निजात

Tue, 28 Mar 2017 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल। Updated Tue, 28 Mar 2017 01:10 AM IST
विज्ञापन
Stay away from Nainital
एसेसपी नैनीताल - फोटो : अमर उजाला

नैनीताल।  नैनीताल में ग्रीष्मकालीन पर्यटन की आहट के साथ ही उमड़ने वाली गाड़ियों की सुनामी, हर वक्त लगने वाले जाम और पार्किंग के अभाव के खौफनाक अनुभव अभी से नागरिकों को डराने लगे हैं। माल रोड पर टोल बूथ के कारण लगने वाले जाम से प्रदूषण भी बहुत होता है। रुक-रुक कर चलने वाले वाहनों का धुआं नगर के पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचता है।

विज्ञापन


वर्ष भर में डीजल पेट्रोल की जो बरबादी होती है वह अलग है। केवल इस कारण  माल रोड में अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगानी पड़ती है वह भी एक खर्चा ही है। लोगों का मानना है कि इन तमाम गंभीर समस्याओं को देखते हुए टोल बूथ को शिफ्ट करना या फिर टोल ही समाप्त करना एक अच्छा विकल्प है। दो वर्ष पूर्व हाइकोर्ट मल्लीताल की ओर से बारापत्थर और राजभवन मार्ग में फांसी गधेरे में टोल समाप्त कर भी चुका है।
विज्ञापन


नगर में पहली समस्या पार्किंग की है। सीजन में भारी तादाद में वाहन शहर में आते हैं तो मल्लीताल फ्लैट्स स्थित पार्किंग जल्द ही पैक हो जाती है। अन्य स्थानों पर अधिक वाहनों की क्षमता वाले पार्किंग नहीं है। शहर में वाहनों का दबाव कम करने के लिए नगर के बाहर पार्किंग स्थल विकसित किया जाना चाहिए। ऐसा करके नगर में प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या पार्किंग की क्षमता के अनुरूप नियंत्रित की जा सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नैनीताल की दूसरी प्रमुख समस्या भी वाहनों की संख्या से जुड़ी हुई है और यह है जाम की समस्या। इसका एक कारण माल रोड में प्रवेश करने वाले वाहनों से टोल वसूली को बनाया गया बूथ है, जिस पर टोल वसूली में लगने वाले समय के कारण भी माल रोड पर जाम लगता है और इसका दायरा भवाली, कैलाखान और हल्द्वानी रोड में हनुमानगढ़ी तक बढ़ जाता है।

नगर में प्रवेश करने वाली गाड़ियों की संख्या नियंत्रित करने के साथ ही टोल बार को हल्द्वानी, भवाली रोड में स्थापित करके औैर ई  रिक्शा चलाकर इस समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। पहले ये बूथ कैलाखान व बल्दियाखान में ही थे। इनको कैलाखान व ताकुला में ही कर दिया जाए तो इसके कई फायदे होंगे।  

ताकुला में चौड़ी सड़क में वाहन खड़े होने से जाम नहीं लगेगा। दूसरा, मल्लीताल जाने वाले वाहन  इससे पहले कटने वाले खुर्पाताल बाईपास का प्रयोग करने को प्रोत्साहित होंगे। नैनीताल में लेक ब्रिज के नाम पर टैक्स वसूली होती है। लेक ब्रिज डांढ पोस्ट आफिस के सामने है।

यहां आकर भवाली और राजभवन मल्लीताल जाने वाले वाहन चुंगी नहीं देते। ताकुला में टोल बूथ होने से ऐसे वाहनों से भी टोल वसूला जा सकेगा, जिससे राजस्व भी बढ़ेगा। दो वर्ष पूर्व नव वर्ष के दौरान तीन दिन के लिए यह बूथ  हल्द्वानी रोड में शिफ्ट किया गया था उन दिनों नगर में वर्ष के सर्वाधिक भीड़ वाले सप्ताह के बावजूद माल रोड में एक बार भी जाम नहीं लगा था।

लोअर माल रोड के संकरी होने, इस पर चढ़ाई होने तथा इन कारणों से धीमी गति से चलने वाले रिक्शे के पीछे वाहनों की लंबी कतार से जाम लगता है। इस समस्या का समाधान पैडल रिक्शे के स्थान पर ई रिक्शा चलाने  से हो सकता है। इसके अनेक अन्य लाभ भी हैं। प़ैडल रिक्शा दो सवारी ढोती हैं जबकि ई- रिक्शा चार से छह सवारी तेज गति से ले जाएगी तो 80 रिक्शाओं के बजाय 15-20 से ही काम  चल जाएगा।


आमदनी का बंटवारा वर्तमान चालकों की सहकारिता बनाकर या अन्य विकल्प से किया  जा सकता है जिससे उन्हेें आमदनी की हानि नही होगी। बचे समय में वह अन्य  रोजगार से अतिरिक्त आमदनी कर सकेंगे। इससे आमजनों को भी सुविधा मिलेगी। गर्मियों में 15 मिनट की इस दूरी के लिए लोग एक-एक घंटा लाइन में खड़े देखे  जाते हैं जिससे उन्हें निजात मिल सकेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed