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Nainital: ई-रिक्शा किराये में बढ़ोतरी को कुछ ने सामान्य तो किसी ने ज्यादा बताया, लोगों ने बताई अपनी परेशानी

Mon, 23 Sep 2024 03:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Updated Mon, 23 Sep 2024 03:14 PM IST
सार

नैनीताल मॉलरोड पर रिक्शे से तल्लीताल और मल्लीताल आवागम करने वाले लोगों को अब 10 रुपये की बजाय 15 रुपये देने पड़ रहेे हैं। पालिका ने विभागीय औपचारिकता तथा गजट नोटिफिकेशन के बाद इसमें 50 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

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Some called the fare increase normal and some called it excessive
ई-रिक्शा किराये में बढ़ोतरी को कुछ ने सामान्य तो किसी ने ज्यादा बताया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल मॉलरोड पर रिक्शे से तल्लीताल और मल्लीताल आवागम करने वाले लोगों को अब 10 रुपये की बजाय 15 रुपये देने पड़ रहेे हैं। पालिका ने विभागीय औपचारिकता तथा गजट नोटिफिकेशन के बाद इसमें 50 फीसदी की बढ़ोतरी की है। हालांकि लगभग आठ वर्ष बाद हुई इस बढ़ोतरी को कुछ लोग सामान्य मान रहे हैं, जबकि प्रतिदिन स्कूल और कार्यालय आवागमन करने वाले लोग इसे अधिक भी बता रहे हैं।

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अमर उजाला प्रतिनिधि ने ऐसे कुछ लोगों से बातचीत की। नगर निवासी अशोक कुमार का कहना है कि किराये में एकाएक 50 फीसदी की बढ़ोतरी करना ठीक नहीं है। हालांकि यह धनराशि पांच रुपये हैं, लेकिन बढ़ोतरी 50 फीसदी है। इतने में तो दोपहिया टैक्सी चालक भी तल्लीताल से मल्लीताल छोड़ देते हैं। इधर जीतेश तिवारी का कहना है इस धनराशि से लोगों को बहुत ज्यादा फर्क नहीं पढ़ना चाहिए। गंदे नालों और झील की गंदगी की ओर इशारा करते हुए बोले कि पालिका नियत मानकों के क्रम में आमजन की रायशुमारी से दरें बढ़ाए, लेकिन इस धनराशि को विकास कार्य में लगाना चाहिए।
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महिपाल सिंह नेगी का कहना है कि रिक्शा चालक भी गरीब व्यक्ति हैं। न्यूनतम धनराशि से उन्हें भी परिवार का पालन पोषण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पांच रुपये की बढ़ोतरी सामान्य है। मल्लीताल निवासी सौरभ कुमार का कहना है कि प्रतिदिन दो से तीन बार आवाजाही करने वाले व्यक्ति व स्कूली बच्चों के लिए यह धनराशि अधिक है। एक किमी से कम के क्षेत्र के अनुरूप यह धनराशि थोड़ा ज्यादा लगती है।
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साइकिल रिक्शा चालक संगठन के व्यवस्थापक नंदा बल्लभ जोशी का कहना है साइकिल रिक्शा के समय तक इस धरनाशि में किसी तरह गुजारा होता था, लेकिन ई-रिक्शा आने के बाद उनकी किस्त, चार्जिंग समेत अन्य खर्चों से चालक व मालिक दोनों को दिक्कतें हो रही थी, दर बढ़ोतरी से राहत है। पालिका प्रशासक का कहना है कि लगातार बढ़ रही महंगाई में गरीब के भरण पोषण के अनुरूप नियमों के क्रम में बढ़ोतरी की गई है।

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