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कल लगेगा सूर्य ग्रहण, भारत में असर नहीं
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हल्द्वानी। वर्ष 2020 का अंतिम सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लगेगा। 15 दिन के भीतर लगने वाला यह दूसरा ग्रहण है। इससे पहले 30 नवंबर को चंद्रग्रहण लगा था। ज्योतिषों के अनुसार ग्रहण रात्रि के समय लगेगा और इसका प्रभाव भारत में नहीं रहेगा।
जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से होते हुए गुजरता है तब वह सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से अपने पीछे ढकते हुए उसे पृथ्वी तक पहुंचने से रोक लेता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। हालांकि ग्रहण कैसा भी हो उसका मानव जीवन पर प्रभाव अवश्य पड़ता है। इसलिए ग्रहण के दौरान सावधानियां बरतनी चाहिए।
ज्योतिष डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया ग्रहण सायंकाल आठ बजकर पांच मिनट से रात्रि 11.30 मिनट तक रहेगा। इसका भारत में प्रभाव नहीं है। वृश्चिक के सूर्य मासांत में ग्रहण होने से यूरोपीय देशों में शुभ व अशुभ दोनों प्रकार के फल देगा। वृश्चिक राशि चतुर्ग्रही योग कोरोना महामारी में कमी लाएगा। रोग नाशक योग बनेंगे। 15 दिसंबर से सूर्य गुरु की राशि धनु में आएंगे।
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जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से होते हुए गुजरता है तब वह सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से अपने पीछे ढकते हुए उसे पृथ्वी तक पहुंचने से रोक लेता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। हालांकि ग्रहण कैसा भी हो उसका मानव जीवन पर प्रभाव अवश्य पड़ता है। इसलिए ग्रहण के दौरान सावधानियां बरतनी चाहिए।
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ज्योतिष डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया ग्रहण सायंकाल आठ बजकर पांच मिनट से रात्रि 11.30 मिनट तक रहेगा। इसका भारत में प्रभाव नहीं है। वृश्चिक के सूर्य मासांत में ग्रहण होने से यूरोपीय देशों में शुभ व अशुभ दोनों प्रकार के फल देगा। वृश्चिक राशि चतुर्ग्रही योग कोरोना महामारी में कमी लाएगा। रोग नाशक योग बनेंगे। 15 दिसंबर से सूर्य गुरु की राशि धनु में आएंगे।
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