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बीमार व्यवस्था पर शासन का जख्म
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Mon, 04 May 2015 01:23 AM IST
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बदहाल चल रहे सरकारी अस्पतालों पर शासन के जख्म ने समस्या और बढ़ा दी है। चारधाम यात्रा और कैलास मानसरोवर यात्रा में बेस अस्पताल के डाक्टरों की ड्यूटी लगने के साथ ही पांच डाक्टरों का कांट्रेक्ट खत्म होने से मरीजों को ओपीडी में खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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बेस अस्पताल में एक दर्जन डाक्टरों की कमी है। कई बार शासन को लिखने के बावजूद आज तक डाक्टरों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। बेस अस्पताल के तीन डाक्टरों की ड्यूटी चारधाम यात्रा और दो डाक्टरों की ड्यूटी कैलास यात्रा मार्ग पर लगाई गई है। अस्पताल में दो फिजीशियन होने के कारण एक फिजीशियन ओपीडी में और दूसरे हृदय रोग विभाग में ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। पांच डाक्टरों डा. सीजे सिंह होरा, डा. एचसी भट्ट, डा. केएस पांगती, डा. केसी चौधरी और डा. सीएस हृयांकी का कांट्रेक्ट खत्म हो गया है।
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ऐसे में एक मात्र फिजीशियन डा. पीएस टाकुली के जिम्मे सामान्य ओपीडी और हृदय रोग विभाग की ओपीडी है। इस संबंध में बेस अस्पताल के सीएमएस डा. एससी पंत ने बताया कि कांट्रेक्ट समाप्त हो चुके डाक्टरों को मरीज देखने की अनुमति दी गई है साथ ही रिन्यूअल के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक और शासन को भेज दिया गया है। डाक्टरों की कमी से मरीजों को खासी परेशानी का सामना ओपीडी में करना पड़ेगा।
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