धानक का घिनौना चेहरा: यौन शोषण मामले में धानक की बढ़ती जा रहीं मुश्किलें, तीसरी पीड़िता ने बयां किया दर्द
दृष्टिबाधित नाबालिग से यौन शोषण के मामले में फंसे श्याम धानक की मुश्किलें फिर बढ़ीं हैं। एक और पीड़िता ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने बताया कि धानक उसके साथ अश्लील हरकत करता था। इसकी जानकारी किसी को न देने के लिए डराता-धमकाता भी था।
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दृष्टिबाधित नाबालिग से यौन शोषण के मामले में फंसे श्याम धानक की मुश्किलें फिर बढ़ीं हैं। एक और पीड़िता ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि श्याम धानक लंबे समय से अश्लील हरकत कर रहा था। पुलिस की जांच में चौथी पीड़िता का नाम भी सामने आया है। पुलिस अब उसका भी पता ढूंढ रही है।
सबसे पहले सामने आई पीड़िता ने पुलिस को भेजे पत्र में दो अन्य पीड़िताओं के नाम भी लिखे थे। पुलिस टीम मंगलवार को दूसरी पीड़िता से बात कर चुकी है। बृहस्पतिवार को तीसरी के घर जाकर बयान दर्ज किए। पीड़िता ने बताया कि धानक उसके साथ अश्लील हरकत करता था। इसकी जानकारी किसी को न देने के लिए डराता-धमकाता भी था। उसने पुलिस को कई और बातें भी बताई हैं। अब पुलिस की जांच में एक और पीड़िता का नाम सामने आया है। वह संस्थान से पासआउट हो चुकी है। पुलिस उसका पता निकाल रही है।
ऊंची पहुंच के कारण शिकायत दब जाती थी
जांच टीम दृष्टिबाधित संस्थान पहुंची थी। वहां संस्थान में काम कर रहे कर्मचारियों से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार एक कर्मचारी ने पुलिस टीम को बताया कि उसे नाबालिग छात्राओं ने छेड़छाड़ के बारे में बताया था। उसने धानक को समझाया भी था कि वह ऐसा न करे लेकिन उसकी नहीं सुनी। कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि धानक की ऊंची पहुंच के कारण शिकायत दब जाया करती थी।
आज चुना जाएगा संस्था का कार्यवाहक महासचिव
दृष्टिबाधित संस्थान की बैठक शुक्रवार को होगी। इसमें सभी 12 सदस्यों को बुलाया गया है। बैठक में संस्था में नए सदस्यों को जोड़ने के अलावा कार्यवाहक महासचिव चुना जाएगा। संस्था की अध्यक्ष सविता ने बताया कि शुक्रवार को बैठक रखी गई है।
दृष्टिबाधित संस्थान में बदलेगी निरीक्षण व्यवस्था
दृष्टिबाधित बच्चों के संस्थान के मामले में डीएम वंदना के निर्देश पर गठित समिति ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसके आधार पर संस्थान में कई बदलाव करने का फैसला किया गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारी विशेष बच्चों से अलग से बातचीत करेंगे। इस दौरान संस्था का कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं रहेगा।
संस्थान में शिकायत पेटिका प्रोबेशन विभाग के माध्यम से लगाई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक संस्थान की आंतरिक शिकायत निवारण व्यवस्था पर बच्चों को भरोसा नहीं है। शिकायत करने वाली पेटिका संस्थान के नियंत्रण में रहेगी तो विशेष बच्चे अपनी दिक्कत रखने की हिम्मत कैसे कर सकेंगे। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी घटना का पता नहीं चलने पर विभागीय कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। ऐसे में निरीक्षण व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया गया।
समिति की रिपोर्ट में सामान्य स्थिति का उल्लेख
डीएम के निर्देश पर बनी समिति की रिपोर्ट में दृष्टिबाधित संस्थान में स्थिति सामान्य होने की बात कही गई है। डीएम वंदना ने बताया कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षण, व्यक्तिगत विकास प्रभावित होने समेत अन्य बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया था। समिति ने जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें बच्चों का स्वास्थ्य ठीक बताया गया है। इसके अलावा शैक्षणिक कार्य, संस्था के संचालन के साथ वित्तीय दिक्कत नहीं है।
समिति फिर संस्थान जाएगी बच्चों के संपर्क में रहेगी
डीएम वंदना ने बताया कि मामले की जांच और कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया तक समिति लगातार काम करेगी, वह सुनिश्चित करेगी कि बच्चों पर किसी तरह मानसिक दबाव न डाला जा सके। समिति बच्चों में भरोसा पैदा करेगी कि उनकी बात को सुनने के लिए अधिकारी मौजूद हैं। अपनी समस्या बताने के लिए उनमें किसी तरह का भय न हो।