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हल्द्वानी में दुकानदार को पीटकर हत्या
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हल्द्वानी। नवाबी रोड पर कलावती चौराहे के पास शुक्रवार देर रात हमलावरों ने दुकानदार को घर से बुलाकर पीटकर मार डाला। वारदात के कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि घटना के दो घंटे पहले युवकों के बीच झगड़ा हुआ था। दुकानदार ने बीच बचाव करते हुए एक युवक को थप्पड़ जड़ दिया था। पुलिस को शक है कि बदला लेने के लिए दुकानदार को मार डाला। पुलिस ने दुकानदार की पत्नी की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सात लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
मल्ला गोरखपुर में गुरु तेग बहादुर गली निवासी 38 वर्षीय भगीरथ सुयाल की नवाबी रोड पर कलावती चौराहे के पास छह दुकानों का कांप्लेक्स है। इसी कांप्लेक्स की एक दुकान में भगीरथ ऑटो पार्ट्स का व्यवसाय करते थे। पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात करीब नौ बजे दुकानदार के सामने नशे के लिए युवक आपस में झगड़ा कर रहे थे। भगीरथ बीच बचाव करने के लिए आए और उन्होंने एक युवक को दो थप्पड़ जड़ दिए। इस बीच, युवक की स्कूटी भी गिर गई। इसके बाद वह दुकान बंद कर अपने घर चले गए। रात 11 बजे घर में जब उनकी पत्नी मीना खाना परोस रही थी तभी उनके पास किसी का फोन आया। वह खाना छोड़कर निकल गया।
पता चला कि झगड़े में शामिल युवक भगीरथ से भिड़ने के लिए आ गए थे। उन्होंने दुकान के सामने ही उन्हें पीटकर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद हमलावर स्कूटी और बुलेट से फरार हो गए। राजपुरा के दो युवकों ने भगीरथ को लहूलुहान देखकर सोचा कि किसी दुर्घटना में घायल हो गए होंगे। वे उन्हें लेकर बेस अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। युवक उन्हें एसटीएच भी ले गए। घटना की सूचना मिलने के बाद आधी रात एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी, एसपी क्राइम देवेंद्र पिंचा, एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ प्रमोद शाह, कोतवाल मनोज रतूड़ी मौके का मुआयना करने पहुंचे। पुलिस ने मौके से घटना में प्रयुक्त दो डंडे और ईंट बरामद किया। दुकान की फर्श से लेकर नाली में तक खून फैला था। भगीरथ बांया कान कट गया था। पेट में नुकीली वस्तु घोंपी गई थी।
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पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो स्कूटी और बाइक सवार युवक दिखाई दिए। पुलिस की चार टीमों ने कातिलों का पता लगाने के लिए दोपहर तक सात लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल लोगों के बारे में जानकारी मिल गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
डॉक्टरों ने कराया एक्सरे
हल्द्वानी। पोस्टमार्टम के दौरान पेट के घाव की जांच करने के लिए डॉक्टरों ने एसटीएच भेजकर शव का एक्सरे कराया। पता चला कि गोली नहीं मारी गई थी, किसी नुकीली वस्तु को पेट में घोंपा गया है।
पत्नी खाना परोसकर करती रही इंतजार
हल्द्वानी। भगीरथ की पत्नी मीना रात में खाना परोसकर पति के आने का इंतजार कर रही थी। पति तो नहीं आए लेकिन उनकी मौत की खबर आ गई। मां मोहनी देवी, बेटी रचिता और बहन का भी रोते-रोते बुरा हाल हो गया। रात में ही मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों का कहना था कि भगीरथ किसी से झगड़ा नहीं करता था।
23 मार्च को था बेटी का जन्मदिन
हल्द्वानी। भगीरथ सुयाल की शादी चार साल पहले हुई थी। उनकी दो साल की बेटी रचिता का मंगलवार को बर्थडे था। परिवार के लोगों ने जन्मदिन धूमधाम से मनाया। सुबह घर में महिलाओं की भीड़ के बीच मासूम बेटी अपने पापा को ढूंढ रही थी। उसे पता नहीं था कि पापा अब इस दुनिया में नहीं है।
रात साढ़े आठ बजे तक देखा था टीवी
हल्द्वानी। पड़ोस के दुकानदार गोपाल कृष्ण ने बताया कि रात साढ़े आठ बजे तक भगीरथ उनके पास बैठकर टीवी में समाचार देख रहे थे। दोनों साथ-साथ दुकान बंद कर अपने-अपने घरों को चले गए थे। उन्हें सुबह पता चला कि लोगों ने उन्हें जान से मार दिया है।
इधर अपराध समीक्षा उधर हो गई हत्या
हल्द्वानी। एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी शुक्रवार की देर रात साढ़े 11 बजे तक जिले के अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बहुउद्देश्यीय भवन में अपराध समीक्षा बैठक ले रहीं थीं। इधर आधा किमी दूर नवाबी रोड पर बदमाशों ने दुकानदार की हत्या कर दी। पुलिस को इसका पता तब चला जब दुकानदार भगीरथ सुयाल ने अस्पताल में दम तोड़ा। देर रात तक पुुलिस घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी देने के लिए तैयार नहीं थी।
एसएसपी हिदायत दे रहीं थीं कि क्षेत्र में पुलिस गश्त होनी चाहिए। अपराधियों की धर पकड़ के लिए प्रयास तेज करना चाहिए। अब पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि रात नौ बजे झगड़ा होने के बाद किसी ने सूचना नहीं दी। यदि समय से सूचना मिलती तो झगड़ा कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती और वारदात बच सकती थी।
नशेड़ियों के खिलाफ नहीं होती कार्रवाई
हल्द्वानी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोज इस रोड पर नशेड़ी घूमते रहते हैं। आए दिन नशे के लिए झगड़ा करते हैं। यदि कोई टोकता है तो नशेड़ी झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। इसी कारण उनका मनोबल बढ़ा हुआ है। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा का कहना है कि नवाबी रोड, कलावती कालोनी चौराहा से डिग्री कॉलेज तक का क्षेत्र बहुत ही संवेदनशील हो गया है। यहां नशेड़ी युवा मुहल्लों की सुनसान सड़कों पर नशा करते दिखाई देते हैं और यहां आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन मूकदर्शक बना है।
सवाल
-क्यों बंद हो गई है क्षेत्र में पुलिस की गश्त, यदि गश्त होती तो शायद पुलिस के मुखबिर तंत्र मजबूत होते और शायद जान नहीं जाती
-नशे और नशेड़ियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई थम क्यों गई है।
-कौन था जिसने फोन कर भगीरथ को घर से बुलाया था। उसका नंबर ट्रेस कर अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
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मल्ला गोरखपुर में गुरु तेग बहादुर गली निवासी 38 वर्षीय भगीरथ सुयाल की नवाबी रोड पर कलावती चौराहे के पास छह दुकानों का कांप्लेक्स है। इसी कांप्लेक्स की एक दुकान में भगीरथ ऑटो पार्ट्स का व्यवसाय करते थे। पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात करीब नौ बजे दुकानदार के सामने नशे के लिए युवक आपस में झगड़ा कर रहे थे। भगीरथ बीच बचाव करने के लिए आए और उन्होंने एक युवक को दो थप्पड़ जड़ दिए। इस बीच, युवक की स्कूटी भी गिर गई। इसके बाद वह दुकान बंद कर अपने घर चले गए। रात 11 बजे घर में जब उनकी पत्नी मीना खाना परोस रही थी तभी उनके पास किसी का फोन आया। वह खाना छोड़कर निकल गया।
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पता चला कि झगड़े में शामिल युवक भगीरथ से भिड़ने के लिए आ गए थे। उन्होंने दुकान के सामने ही उन्हें पीटकर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद हमलावर स्कूटी और बुलेट से फरार हो गए। राजपुरा के दो युवकों ने भगीरथ को लहूलुहान देखकर सोचा कि किसी दुर्घटना में घायल हो गए होंगे। वे उन्हें लेकर बेस अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। युवक उन्हें एसटीएच भी ले गए। घटना की सूचना मिलने के बाद आधी रात एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी, एसपी क्राइम देवेंद्र पिंचा, एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ प्रमोद शाह, कोतवाल मनोज रतूड़ी मौके का मुआयना करने पहुंचे। पुलिस ने मौके से घटना में प्रयुक्त दो डंडे और ईंट बरामद किया। दुकान की फर्श से लेकर नाली में तक खून फैला था। भगीरथ बांया कान कट गया था। पेट में नुकीली वस्तु घोंपी गई थी।
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पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो स्कूटी और बाइक सवार युवक दिखाई दिए। पुलिस की चार टीमों ने कातिलों का पता लगाने के लिए दोपहर तक सात लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल लोगों के बारे में जानकारी मिल गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
डॉक्टरों ने कराया एक्सरे
हल्द्वानी। पोस्टमार्टम के दौरान पेट के घाव की जांच करने के लिए डॉक्टरों ने एसटीएच भेजकर शव का एक्सरे कराया। पता चला कि गोली नहीं मारी गई थी, किसी नुकीली वस्तु को पेट में घोंपा गया है।
पत्नी खाना परोसकर करती रही इंतजार
हल्द्वानी। भगीरथ की पत्नी मीना रात में खाना परोसकर पति के आने का इंतजार कर रही थी। पति तो नहीं आए लेकिन उनकी मौत की खबर आ गई। मां मोहनी देवी, बेटी रचिता और बहन का भी रोते-रोते बुरा हाल हो गया। रात में ही मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों का कहना था कि भगीरथ किसी से झगड़ा नहीं करता था।
23 मार्च को था बेटी का जन्मदिन
हल्द्वानी। भगीरथ सुयाल की शादी चार साल पहले हुई थी। उनकी दो साल की बेटी रचिता का मंगलवार को बर्थडे था। परिवार के लोगों ने जन्मदिन धूमधाम से मनाया। सुबह घर में महिलाओं की भीड़ के बीच मासूम बेटी अपने पापा को ढूंढ रही थी। उसे पता नहीं था कि पापा अब इस दुनिया में नहीं है।
रात साढ़े आठ बजे तक देखा था टीवी
हल्द्वानी। पड़ोस के दुकानदार गोपाल कृष्ण ने बताया कि रात साढ़े आठ बजे तक भगीरथ उनके पास बैठकर टीवी में समाचार देख रहे थे। दोनों साथ-साथ दुकान बंद कर अपने-अपने घरों को चले गए थे। उन्हें सुबह पता चला कि लोगों ने उन्हें जान से मार दिया है।
इधर अपराध समीक्षा उधर हो गई हत्या
हल्द्वानी। एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी शुक्रवार की देर रात साढ़े 11 बजे तक जिले के अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बहुउद्देश्यीय भवन में अपराध समीक्षा बैठक ले रहीं थीं। इधर आधा किमी दूर नवाबी रोड पर बदमाशों ने दुकानदार की हत्या कर दी। पुलिस को इसका पता तब चला जब दुकानदार भगीरथ सुयाल ने अस्पताल में दम तोड़ा। देर रात तक पुुलिस घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी देने के लिए तैयार नहीं थी।
एसएसपी हिदायत दे रहीं थीं कि क्षेत्र में पुलिस गश्त होनी चाहिए। अपराधियों की धर पकड़ के लिए प्रयास तेज करना चाहिए। अब पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि रात नौ बजे झगड़ा होने के बाद किसी ने सूचना नहीं दी। यदि समय से सूचना मिलती तो झगड़ा कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती और वारदात बच सकती थी।
नशेड़ियों के खिलाफ नहीं होती कार्रवाई
हल्द्वानी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोज इस रोड पर नशेड़ी घूमते रहते हैं। आए दिन नशे के लिए झगड़ा करते हैं। यदि कोई टोकता है तो नशेड़ी झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। इसी कारण उनका मनोबल बढ़ा हुआ है। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा का कहना है कि नवाबी रोड, कलावती कालोनी चौराहा से डिग्री कॉलेज तक का क्षेत्र बहुत ही संवेदनशील हो गया है। यहां नशेड़ी युवा मुहल्लों की सुनसान सड़कों पर नशा करते दिखाई देते हैं और यहां आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन मूकदर्शक बना है।
सवाल
-क्यों बंद हो गई है क्षेत्र में पुलिस की गश्त, यदि गश्त होती तो शायद पुलिस के मुखबिर तंत्र मजबूत होते और शायद जान नहीं जाती
-नशे और नशेड़ियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई थम क्यों गई है।
-कौन था जिसने फोन कर भगीरथ को घर से बुलाया था। उसका नंबर ट्रेस कर अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।