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किराया दबाया, चार दुकानें हुई सील
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Wed, 28 Jan 2015 08:03 PM IST
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नगर निगम का किराया एवं स्वच्छता कर दुकानदार दबाए बैठे हैं। अब ऐसे दुकानदारों पर निगम ने कार्रवाई शुरू की है। बुधवार को रानीबाग क्षेत्र में चार दुकानों को निगम अधिकारियों ने सील करने के साथ ही उनका आवंटन निरस्त कर दिया है।
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नगर निगम की दुकानों का किराया दुकानदार जमा करने में आनाकानी कर रहे हैं। 2011 में रानीबाग में वीरेंद्र प्रताप सिंह, अजय कुमार, सरिता बिष्ट और मधुकर प्रसाद को नीलामी के जरिए दुकानें आवंटित की गई। निगम अधिकारियों के अनुसार आवंटन के बाद से इन दुकानदारों ने बकाया प्रीमियम जमा नहीं किया है। हद तो यह है कि बाद में दुकान का किराया और स्वच्छता कर भी जमा नहीं किया।
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इन पर करीब साढ़े पांच लाख रुपए तक का किराया बाकी है। उप नगर अधिकारी नीरज जोशी कहते हैं कि इन दुकानदारों को किराया, बकाया आदि जमा करने को भी कहा गया। लेकिन, इन्होंने कर जमा नहीं किया। इसके बाद मुख्य नगर अधिकारी के निर्देश पर दुकानों को सील करने के साथ ही इनका आवंटन निरस्त कर दिया है। निगम ने इन दुकानों पर कब्जा ले लिया है।
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दुकानदारों पर 50 लाख तक बकाया
नगर निगम का 50 लाख तक तक का राजस्व दुकानदार दबाए बैठे हैं। वहीं, निगम कर्मियों के कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों के नाम पर दुकान लेने की खूब चर्चा रही है। बताया जाता है कि निगम के नियमों के अनुसार कोई भी कर्मी दुकान आदि लेने की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकता है।
हालांकि इसके बारे में कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। वहीं, निगम अधिकारियों के अनुसार करीब पचास दुकानदार ऐसे हैं, जिनके ऊपर किराया, टैक्स आदि बकाया है। अब इनसे वसूली को लेकर सख्ती शुरू हुई है। बुधवार को करीब तीन लाख तक का टैक्स निगम में जमा हुआ है।