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वायु प्रदूषण से निपटने को अनुभव सांझा करेंगे एशियाई देशों के वैज्ञानिक
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नैनीताल स्थित जोखिया रिसोर्ट में देश विदेश के वैज्ञानिकों का दल।
- फोटो : NAINITAL
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नैनीताल। आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) की ओर से वायु प्रदूषण को लेकर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला शनिवार को संपन्न हो गई। समापन पर कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे शोधार्थियों को बेहतरीन प्रस्तुति के लिए अवॉर्ड देकर सम्मानित किया। इनमें दो शोधार्थी एरीज के भी थे। कार्यशाला में तय किया कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एशियाई देश न केवल डाटा का आदान-प्रदान करेंगे, बल्कि अपने अनुभवों को भी साझा करेंगे।
नैनीताल-भवाली रोड में जोखिया स्थित एक रिजॉर्ट में आयोजित कार्यशाला की जानकारी देते हुए एरीज के वायुमंडलीय वैज्ञानिक और कार्यशाला समन्वयक डॉ. मनीष नाजा ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यशाला में एशिया के विभिन्न देशों से पहुंचे वैज्ञानिकों ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों की ओर से प्रस्तुत सुझावों के आधार पर अगले दो-तीन दिन में रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे केंद्र सरकार को भी भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में 19 विदेशी और दस भारतीय शोधार्थियों ने हिस्सा लेकर वायुमंडल में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर शोध पत्र प्रस्तुत किए। डॉ. नाजा ने बताया कि बेहतरीन प्रस्तुति और मूल्यांकन के लिए एरीज के दो शोधार्थियों प्रज्ज्वल रावत और प्रियंका श्रीवास्तव के अलावा जापान, बांग्लादेश और कंबोडिया के एक-एक शोधार्थी को अवॉर्ड से नवाजा गया। समापन अवसर पर भौतिकी रिसर्च अनुसंधान प्रयोगशाला अहमदाबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. श्याम लाल, जापान के वैज्ञानिक डॉ. हीरो सीता निमोतो, सिंगापुर के वैज्ञानिक डॉ. डेविट कोहे, ताइवान के डॉ.साईकुन कैंडिस, प्रो.सरीन एरो सेेल, डॉ.अब्दुल सलाम, डॉ. कैंडिस, एरीज के वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. समरेश भट्टाचार्य, डॉ. वीसी दुम्का आदि रहे।
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नैनीताल-भवाली रोड में जोखिया स्थित एक रिजॉर्ट में आयोजित कार्यशाला की जानकारी देते हुए एरीज के वायुमंडलीय वैज्ञानिक और कार्यशाला समन्वयक डॉ. मनीष नाजा ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यशाला में एशिया के विभिन्न देशों से पहुंचे वैज्ञानिकों ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों की ओर से प्रस्तुत सुझावों के आधार पर अगले दो-तीन दिन में रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे केंद्र सरकार को भी भेजा जाएगा।
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उन्होंने बताया कि कार्यशाला में 19 विदेशी और दस भारतीय शोधार्थियों ने हिस्सा लेकर वायुमंडल में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर शोध पत्र प्रस्तुत किए। डॉ. नाजा ने बताया कि बेहतरीन प्रस्तुति और मूल्यांकन के लिए एरीज के दो शोधार्थियों प्रज्ज्वल रावत और प्रियंका श्रीवास्तव के अलावा जापान, बांग्लादेश और कंबोडिया के एक-एक शोधार्थी को अवॉर्ड से नवाजा गया। समापन अवसर पर भौतिकी रिसर्च अनुसंधान प्रयोगशाला अहमदाबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. श्याम लाल, जापान के वैज्ञानिक डॉ. हीरो सीता निमोतो, सिंगापुर के वैज्ञानिक डॉ. डेविट कोहे, ताइवान के डॉ.साईकुन कैंडिस, प्रो.सरीन एरो सेेल, डॉ.अब्दुल सलाम, डॉ. कैंडिस, एरीज के वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. समरेश भट्टाचार्य, डॉ. वीसी दुम्का आदि रहे।
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