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प्रदेश में प्रचारकों की संख्या तीन गुना करने पर मंथन
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हल्द्वानी। आरएसएस के प्रदेश में प्रचारकों की संख्या करीब 125 है। संघ आने वाले समय में प्रचारकों की संख्या तीन गुना बढ़ाते हुए तीन सौ तक करने पर विचार कर रहा है। आम्रपाली संस्थान में प्रचारकों की बैठक में इस पर मंथन हुआ। बैठक में आरएसएस सरसंघ चालक मोहन भागवत भी शामिल हुए। इसके अलावा प्रचारकों और संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी बैठक की तैयारियों से जुड़े स्वयं सेवकों से परिचय का कार्यक्रम भी रखा गया था।
अंतिम परिचय सत्र में संघ प्रमुख ने कहा कि व्यवस्था एकदम शानदार हो तो भी समीक्षा करनी चाहिए। अगली बार और बेहतर हो, इसकी चर्चा जरूर करनी चाहिए।
बच्चों को उनकी रुचि के अनुरूप शिक्षा दें
सवाल-जवाब के सत्र में अध्यापक कैसे नई पीढ़ी को पढ़ाएं, इस पर डॉ. भागवत ने कहा हर बच्चे को उसकी रुचि के अनुसार शिक्षा देनी चाहिए। उसके लिए हमें वैसा मॉडल तैयार करना होगा, उसी के अनुरूप ही हमें शिक्षक भी तैयार करने होंगे। नैतिक शिक्षा, संस्कारी शिक्षा देना अध्यापक का दायित्व है और यदि किसी बच्चे की कोई व्यक्तिगत दिक्कत है तो उसे भी दूर करना अध्यापक का कर्तव्य है।
प्रतिपक्ष की राजनीति होनी चाहिए
हल्द्वानी। भागवत ने कहा कि देश में विपक्ष नहीं प्रतिपक्ष की राजनीति होनी चाहिए। जो राष्ट्रीय होनी चाहिए। विपक्ष की राजनीति विरोध की है। प्रतिपक्ष की राजनीति सहमति-असहमति पर आधारित होती है। एक सवाल के जवाब में डॉ. भागवत ने कहा कि 2024 तक के संघ के कार्य निश्चित कर दिए गए हैं। सौ साल 2025 में होंगे उसके लिए 2024 आने पर योजना सामने आएगी। रात को हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से आरएसएस प्रमुख काठगोदाम- दिल्ली- जैसलमेर विशेष ट्रेन से रवाना हो गए। इस दौरान संघ के प्रांत सरसंघ चालक राकेश भट्ट, सह प्रांत प्रचारक देवेंद्र, क्षेत्र प्रचारक महेंद्र, प्रांत प्रचारक युद्धवीर, विभाग प्रचारक नरेंद्र, जिला सरसंघ चालक डॉ. नीलांबर भट्ट, नगर सरसंघ चालक विवेक कश्यप आदि मौजूद थे।
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चंदन और पारिजात का पौधा लगाया
हल्द्वानी। आरएसएस संघ चालक भागवत ने आम्रपाली संस्थान में चंदन और पारिजात का पौधा लगाया। उन्होंने परिवार प्रबोधन कार्यक्रम में पौधे लगाने का संदेश भी दिया था। इस दौरान आम्रपाली शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष सीएल ढींगरा, सचिव नरेंद्र ढींगरा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय ढींगरा मौजूद थे।
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अंतिम परिचय सत्र में संघ प्रमुख ने कहा कि व्यवस्था एकदम शानदार हो तो भी समीक्षा करनी चाहिए। अगली बार और बेहतर हो, इसकी चर्चा जरूर करनी चाहिए।
बच्चों को उनकी रुचि के अनुरूप शिक्षा दें
सवाल-जवाब के सत्र में अध्यापक कैसे नई पीढ़ी को पढ़ाएं, इस पर डॉ. भागवत ने कहा हर बच्चे को उसकी रुचि के अनुसार शिक्षा देनी चाहिए। उसके लिए हमें वैसा मॉडल तैयार करना होगा, उसी के अनुरूप ही हमें शिक्षक भी तैयार करने होंगे। नैतिक शिक्षा, संस्कारी शिक्षा देना अध्यापक का दायित्व है और यदि किसी बच्चे की कोई व्यक्तिगत दिक्कत है तो उसे भी दूर करना अध्यापक का कर्तव्य है।
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प्रतिपक्ष की राजनीति होनी चाहिए
हल्द्वानी। भागवत ने कहा कि देश में विपक्ष नहीं प्रतिपक्ष की राजनीति होनी चाहिए। जो राष्ट्रीय होनी चाहिए। विपक्ष की राजनीति विरोध की है। प्रतिपक्ष की राजनीति सहमति-असहमति पर आधारित होती है। एक सवाल के जवाब में डॉ. भागवत ने कहा कि 2024 तक के संघ के कार्य निश्चित कर दिए गए हैं। सौ साल 2025 में होंगे उसके लिए 2024 आने पर योजना सामने आएगी। रात को हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से आरएसएस प्रमुख काठगोदाम- दिल्ली- जैसलमेर विशेष ट्रेन से रवाना हो गए। इस दौरान संघ के प्रांत सरसंघ चालक राकेश भट्ट, सह प्रांत प्रचारक देवेंद्र, क्षेत्र प्रचारक महेंद्र, प्रांत प्रचारक युद्धवीर, विभाग प्रचारक नरेंद्र, जिला सरसंघ चालक डॉ. नीलांबर भट्ट, नगर सरसंघ चालक विवेक कश्यप आदि मौजूद थे।
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चंदन और पारिजात का पौधा लगाया
हल्द्वानी। आरएसएस संघ चालक भागवत ने आम्रपाली संस्थान में चंदन और पारिजात का पौधा लगाया। उन्होंने परिवार प्रबोधन कार्यक्रम में पौधे लगाने का संदेश भी दिया था। इस दौरान आम्रपाली शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष सीएल ढींगरा, सचिव नरेंद्र ढींगरा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय ढींगरा मौजूद थे।