{"_id":"62892db0c527b04e8d50d96e","slug":"road-from-kathgodam-to-nainital-will-be-20-meters-wide-haldwani-news-hld4634029167","type":"story","status":"publish","title_hn":"काठगोदाम से नैनीताल तक सड़क 20 मीटर चौड़ी होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काठगोदाम से नैनीताल तक सड़क 20 मीटर चौड़ी होगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। एनएच काठगोदाम से लेकर नैनीताल तक सड़क को 12 मीटर किया जाएगा। एक कंसल्टेंसी कंपनी इसका सर्वे कर रही है। 70 प्रतिशत सर्वे पूरा हो गया है। डीपीआर और वन भूमि हस्तांतरण काम भी अंतिम चरण में है। अब एनएच इस डीपीआर को राष्ट्रीय राजमार्ग एवं भूतल परिवहन मंत्रालय भारत सरकार को भेजेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं भूतल परिवहन मंत्रालय ने काठगोदाम से नैनीताल तक सड़क को 12 मीटर चौड़ा करने के सर्वे के लिए 40 लाख रुपये जारी किए थे। सर्वे का काम ब्लूम कंसल्टेंसी को सौंपा गया है। एनएच के अधिकारियों के अनुसार 10 मीटर सड़क पर डामरीकरण और एक-एक मीटर का शोल्डर बनाया जाएगा। कहा कि 70 प्रतिशत सर्वे का काम पूरा हो गया है।
एनएच के एई एमबी थापा ने बताया कि काठगोदाम से लेकर नैनीताल तक 33.400 किलोमीटर सड़क चौड़ी होनी है। कंपनी इसकी डीपीआर बना रही है। चौड़ीकरण के जद में वन भूमि आ रही है। वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति के लिए भी आवेदन किया जा रहा है। कहा कि डीपीआर बनने के बाद इसे स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं भूतल परिवहन मंत्रालय भारत सरकार को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं भूतल परिवहन मंत्रालय ने काठगोदाम से नैनीताल तक सड़क को 12 मीटर चौड़ा करने के सर्वे के लिए 40 लाख रुपये जारी किए थे। सर्वे का काम ब्लूम कंसल्टेंसी को सौंपा गया है। एनएच के अधिकारियों के अनुसार 10 मीटर सड़क पर डामरीकरण और एक-एक मीटर का शोल्डर बनाया जाएगा। कहा कि 70 प्रतिशत सर्वे का काम पूरा हो गया है।
विज्ञापन
एनएच के एई एमबी थापा ने बताया कि काठगोदाम से लेकर नैनीताल तक 33.400 किलोमीटर सड़क चौड़ी होनी है। कंपनी इसकी डीपीआर बना रही है। चौड़ीकरण के जद में वन भूमि आ रही है। वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति के लिए भी आवेदन किया जा रहा है। कहा कि डीपीआर बनने के बाद इसे स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं भूतल परिवहन मंत्रालय भारत सरकार को भेजा जाएगा।
विज्ञापन