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सड़क खाई में समाई, भीमताल रोड पर बने पुल पर आवागमन ठप
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हल्द्वानी। बारिश के कारण रानीबाग के पास भीमताल रोड पर बने 53 साल पुराने पुल को जोड़ने वाली सड़क (एप्रोच रोड) टूटकर खाई में समा गई। पुलिस और प्रशासन ने इस सड़क पर आवागमन बंद कर दिया है। सड़क के टूटने से पुल को खतरा पैदा हो गया है। हालांकि लोनिवि के अधिकारियों ने पुल को सही बताते हुए प्रशासन से एप्रोच रोड सही करने के लिए चार दिन का समय मांगा है।
रानीबाग के पास भीमताल रोड पर इन दिनों नया पुल बन रहा है। पुराने पुल पर वाहनों का दबाव ज्यादा है। रविवार सुबह से हो रही बारिश से पुराने पुल की एप्रोच रोड नाले में समा गई। पुल की बुनियाद भी दिखने लगी है। इधर, लोक निर्माण विभाग भवाली के अधिशासी अभियंता एबी कांडपाल ने कहा कि पुल को कोई खतरा नहीं है। जिला प्रशासन से चार दिन का समय मांगा गया है। बारिश नहीं हुई तो चार दिन में एप्रोच रोड बना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण एप्रोच रोड सही करने में दिक्कत आ रही है।
ज्योलीकाट मार्ग पर मलबा गिरने से तीन घंटे जाम
हल्द्वानी। भीमताल रोड पर आवागमन ठप होने के बाद पुलिस ने वाहनों को ज्योलीकोट होते हुए भेजा गया लेकिन दोपहर में डोलमार पर मलबा गिरने पर करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान रानीबाग मार्ग पर वाहनों की कतारें लग गई। जाम को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस और लोनिवि ने मलबा हटाया तो एक घंटे बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। एसपी यातायात देवेंद्र पिंचा ने बताया कि भीमताल मार्ग स्थित पुल के दोनों तरफ फोर्स लगा दी गई है ताकि कोई वाहन लेकर पुल पर चढ़ न सके।
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रोडवेज और टैक्सी वालों ने बढ़ा दिया किराया
हल्द्वानी। भीमताल रूट बंद होने के कारण बस, भारी वाहन और टैक्सियों को ज्योलीकोट होते हुए भेजा जा रहा है। दूरी बढ़ने के कारण रोडवेज ने भीमताल, नकुचियाताल और बबियाड़ का किराया प्रति यात्री 40 रुपये बढ़ा दिया है। टैक्सी संचालकों ने भी किराए में 100 रुपये से 500 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। हल्द्वानी एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि भीमताल रोड बंद होने के कारण बसों का आवागमन ज्योलीकोट से किया जा रहा है। इसके चलते दूरी बढ़ गई है। बसों को भवाली से भीमताल जाना पड़ रहा है। इसे देखते हुए रोडवेज ने बसों का किराया प्रति यात्री 40 रुपये तक बढ़ा दिया है।
ज्योलीकोट-भवाली मार्ग में रेगते रहे वाहन
ज्योलीकोट/भवाली (नैनीताल)। भीमताल-रानीबाग मार्ग सोमवार सुबह से बंद हो गया। इसके बाद यातायात को ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग हाईवे से डायवर्ट किया गया। इसके चलते सुबह से शाम तक वीरभट्टी बैली ब्रिज में दिन भर जाम की स्थिति बनी रही। भवाली में भी रानीबाग मार्ग के बंद होने से यातायात बाधित रहा। बाजार में जाम होने से व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कोतवाली पुलिस जगह-जगह जाम खुलवाती रही।
जल्द आवागमन शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे
हल्द्वानी। रानीबाग-भीमताल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने और मार्ग स्थित पुल से आवागमन पर रोक लगाए जाने से रानीबाग के नजदीक के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब रानीबाग के पास के ग्रामीणों को हल्द्वानी आने के लिए करीब 60-65 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। अमृतरपुर, जमरानी गेट से लगे गांवों के लोगों को सबसे अधिक दिक्कतें होंगी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने जल्द मार्ग को आवागमन के लिए नहीं खोले जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
रानीबाग के पूर्व प्रधान आनंद कुजरवाल का कहना है कि भीमताल पुल के पास रानीबाग के निकट अमृतपुर, भौर्सा, डहरा, बानना, पिनरौ, पस्तोला आदि ग्राम पंचायतें हैं। यहां के लोगों का रोजाना हल्द्वानी और रानीबाग आना जाना रहता है। मार्ग बंद होने से राशन समेत जरूरी चीजों के लिए लोगों को वाया भीमताल-भवाली यहां आना पड़ेगा। बीमार, गंभीर रोगियों को लाने ले जाने की भी दिक्कतें आएंगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ग्रामीणों की दिक्कतों को देखते हुए जल्द से जल्द मार्ग खोले। जल्द मार्ग में आवागमन सामान्य नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
तीन दिन में खोलें भीमताल-रानीबाग मार्ग : कैड़ा
भीमताल (नैनीताल)। विधायक राम सिंह कैड़ा ने क्षतिग्रस्त सड़क के लिए लोनिवि के अधिकारियों और ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराते हुए तीन दिन के भीतर भीमताल-रानीबाग मार्ग को खोलने के निर्देश दिए। कैड़ा ने कहा कि लोनिवि के अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही के चलते अभी तक नया पुल नहीं बन सका। पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह ने कहा कि अगर जल्द मार्ग को नहीं खोला गया तो वह ग्रामीणों के साथ पुल के आगे आंदोलन करेंगे।
एसएसपी ने सड़क ठीक करने के लिए लोनिवि को भेजा था पत्र
हल्द्वानी। पुलिस की जांच में आया है कि रानीबाग-भीमताल मार्ग का पुल और नैनीताल मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया के चलते लंबा जाम लगता है। पुल के निर्माण में तेजी लाए जाने के लिए एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा था।
1887 में अंग्रेजों ने बनाया था झूला पुल
हल्द्वानी। रानीबाग निवासी दीपक नौगाई ने बताया कि 1887 में लोहे के पुल के पहले अंग्रेजों ने झूला पुल बनाया था। लोग इसी पुल से पैदल पहाड़ की ओर जाते थे। साठ के दशक में चंदादेवी की पहाड़ियों पर हुए भूस्खलन के चलते यह पुल टूट गया था। इसके बाद लोहे का पुल बनाया गया।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
हल्द्वानी। आठ दिन पहले अमर उजाला ने भीमताल पुल और एप्रोच रोड को लेकर खबर प्रकाशित की थी जिसमें एप्रोच रोड और पुल को खतरे की बात कही गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिला प्रशासन और लोनिवि के अधिकारियों ने इसका संज्ञान नहीं लिया।
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रानीबाग के पास भीमताल रोड पर इन दिनों नया पुल बन रहा है। पुराने पुल पर वाहनों का दबाव ज्यादा है। रविवार सुबह से हो रही बारिश से पुराने पुल की एप्रोच रोड नाले में समा गई। पुल की बुनियाद भी दिखने लगी है। इधर, लोक निर्माण विभाग भवाली के अधिशासी अभियंता एबी कांडपाल ने कहा कि पुल को कोई खतरा नहीं है। जिला प्रशासन से चार दिन का समय मांगा गया है। बारिश नहीं हुई तो चार दिन में एप्रोच रोड बना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण एप्रोच रोड सही करने में दिक्कत आ रही है।
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ज्योलीकाट मार्ग पर मलबा गिरने से तीन घंटे जाम
हल्द्वानी। भीमताल रोड पर आवागमन ठप होने के बाद पुलिस ने वाहनों को ज्योलीकोट होते हुए भेजा गया लेकिन दोपहर में डोलमार पर मलबा गिरने पर करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान रानीबाग मार्ग पर वाहनों की कतारें लग गई। जाम को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस और लोनिवि ने मलबा हटाया तो एक घंटे बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। एसपी यातायात देवेंद्र पिंचा ने बताया कि भीमताल मार्ग स्थित पुल के दोनों तरफ फोर्स लगा दी गई है ताकि कोई वाहन लेकर पुल पर चढ़ न सके।
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रोडवेज और टैक्सी वालों ने बढ़ा दिया किराया
हल्द्वानी। भीमताल रूट बंद होने के कारण बस, भारी वाहन और टैक्सियों को ज्योलीकोट होते हुए भेजा जा रहा है। दूरी बढ़ने के कारण रोडवेज ने भीमताल, नकुचियाताल और बबियाड़ का किराया प्रति यात्री 40 रुपये बढ़ा दिया है। टैक्सी संचालकों ने भी किराए में 100 रुपये से 500 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। हल्द्वानी एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि भीमताल रोड बंद होने के कारण बसों का आवागमन ज्योलीकोट से किया जा रहा है। इसके चलते दूरी बढ़ गई है। बसों को भवाली से भीमताल जाना पड़ रहा है। इसे देखते हुए रोडवेज ने बसों का किराया प्रति यात्री 40 रुपये तक बढ़ा दिया है।
ज्योलीकोट-भवाली मार्ग में रेगते रहे वाहन
ज्योलीकोट/भवाली (नैनीताल)। भीमताल-रानीबाग मार्ग सोमवार सुबह से बंद हो गया। इसके बाद यातायात को ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग हाईवे से डायवर्ट किया गया। इसके चलते सुबह से शाम तक वीरभट्टी बैली ब्रिज में दिन भर जाम की स्थिति बनी रही। भवाली में भी रानीबाग मार्ग के बंद होने से यातायात बाधित रहा। बाजार में जाम होने से व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कोतवाली पुलिस जगह-जगह जाम खुलवाती रही।
जल्द आवागमन शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे
हल्द्वानी। रानीबाग-भीमताल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने और मार्ग स्थित पुल से आवागमन पर रोक लगाए जाने से रानीबाग के नजदीक के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब रानीबाग के पास के ग्रामीणों को हल्द्वानी आने के लिए करीब 60-65 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। अमृतरपुर, जमरानी गेट से लगे गांवों के लोगों को सबसे अधिक दिक्कतें होंगी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने जल्द मार्ग को आवागमन के लिए नहीं खोले जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
रानीबाग के पूर्व प्रधान आनंद कुजरवाल का कहना है कि भीमताल पुल के पास रानीबाग के निकट अमृतपुर, भौर्सा, डहरा, बानना, पिनरौ, पस्तोला आदि ग्राम पंचायतें हैं। यहां के लोगों का रोजाना हल्द्वानी और रानीबाग आना जाना रहता है। मार्ग बंद होने से राशन समेत जरूरी चीजों के लिए लोगों को वाया भीमताल-भवाली यहां आना पड़ेगा। बीमार, गंभीर रोगियों को लाने ले जाने की भी दिक्कतें आएंगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ग्रामीणों की दिक्कतों को देखते हुए जल्द से जल्द मार्ग खोले। जल्द मार्ग में आवागमन सामान्य नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
तीन दिन में खोलें भीमताल-रानीबाग मार्ग : कैड़ा
भीमताल (नैनीताल)। विधायक राम सिंह कैड़ा ने क्षतिग्रस्त सड़क के लिए लोनिवि के अधिकारियों और ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराते हुए तीन दिन के भीतर भीमताल-रानीबाग मार्ग को खोलने के निर्देश दिए। कैड़ा ने कहा कि लोनिवि के अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही के चलते अभी तक नया पुल नहीं बन सका। पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह ने कहा कि अगर जल्द मार्ग को नहीं खोला गया तो वह ग्रामीणों के साथ पुल के आगे आंदोलन करेंगे।
एसएसपी ने सड़क ठीक करने के लिए लोनिवि को भेजा था पत्र
हल्द्वानी। पुलिस की जांच में आया है कि रानीबाग-भीमताल मार्ग का पुल और नैनीताल मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया के चलते लंबा जाम लगता है। पुल के निर्माण में तेजी लाए जाने के लिए एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा था।
1887 में अंग्रेजों ने बनाया था झूला पुल
हल्द्वानी। रानीबाग निवासी दीपक नौगाई ने बताया कि 1887 में लोहे के पुल के पहले अंग्रेजों ने झूला पुल बनाया था। लोग इसी पुल से पैदल पहाड़ की ओर जाते थे। साठ के दशक में चंदादेवी की पहाड़ियों पर हुए भूस्खलन के चलते यह पुल टूट गया था। इसके बाद लोहे का पुल बनाया गया।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
हल्द्वानी। आठ दिन पहले अमर उजाला ने भीमताल पुल और एप्रोच रोड को लेकर खबर प्रकाशित की थी जिसमें एप्रोच रोड और पुल को खतरे की बात कही गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिला प्रशासन और लोनिवि के अधिकारियों ने इसका संज्ञान नहीं लिया।