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अब सोशल मीडिया से मिलेगी अनुसंधान की जानकारी
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हल्द्वानी। वन अनुसंधान रिसर्च से जुड़े काम और रोचक जानकारी देने के लिए सोशल मीडिया की मदद लेगा। इसके अलावा शोध से जुड़ी संस्था, शोधार्थी से लेकर आम जनता भी विभागों के कामकाज को जान सके, उसके लिए भी प्रचार सामग्री(ब्रोसर) तैयार की है।
वन अनुसंधान ने जैव विविधता संरक्षण के लिए कई कदम उठाये हैं। इसमें घास, तुलसी, अल्पाइन फ्लावर से लेकर वाइल्ड मशरूम के संरक्षण के लिए नर्सरी आदि को तैयार किया है। इनको 28 अलग- अलग श्रेणी में बांटा गया है। इसकी जानकारी आम लोगों से लेकर शोध करने वालों तक पहुंचे? इसके लिए भी प्रयास शुरू किया है। वन अनुसंधान के वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी कहते हैं कि विभाग वनस्पतियों के संरक्षण, अनुसंधान, जागरूकता और आजीविका बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, यह जानकारी लोगों तक भी पहुंचे, इसके लिए भी प्रयास शुरू किया गया है। इसके तहत फेस बुक पर पेज बनाया गया है, जहां से पर लोगों को विभागों के द्व्रारा किए गए कार्य, योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सकेगी। साथ ही वनस्पतियों के अलावा वन्यजीवों से जुड़ी रोचक जानकारी होगी? उसकी पोस्ट भी अपलोड की जाएगी। जिस नर्सरी में अनुसंधान हो रहा है, वहां पर भी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
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वन अनुसंधान ने जैव विविधता संरक्षण के लिए कई कदम उठाये हैं। इसमें घास, तुलसी, अल्पाइन फ्लावर से लेकर वाइल्ड मशरूम के संरक्षण के लिए नर्सरी आदि को तैयार किया है। इनको 28 अलग- अलग श्रेणी में बांटा गया है। इसकी जानकारी आम लोगों से लेकर शोध करने वालों तक पहुंचे? इसके लिए भी प्रयास शुरू किया है। वन अनुसंधान के वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी कहते हैं कि विभाग वनस्पतियों के संरक्षण, अनुसंधान, जागरूकता और आजीविका बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, यह जानकारी लोगों तक भी पहुंचे, इसके लिए भी प्रयास शुरू किया गया है। इसके तहत फेस बुक पर पेज बनाया गया है, जहां से पर लोगों को विभागों के द्व्रारा किए गए कार्य, योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सकेगी। साथ ही वनस्पतियों के अलावा वन्यजीवों से जुड़ी रोचक जानकारी होगी? उसकी पोस्ट भी अपलोड की जाएगी। जिस नर्सरी में अनुसंधान हो रहा है, वहां पर भी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
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