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Nainital News: चार्टन लॉज भूस्खलन उपचार कार्य पर रोक से नाराजगी
Mon, 10 Aug 2026 11:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:25 PM IST
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नैनीताल। 2023 के भीषण भूस्खलन के बाद खतरे की जद में आए चार्टन लॉज क्षेत्र के स्थायी उपचार कार्य पर रोक लगने से लोगों में नाराजगी है। शासन स्तर से तकनीकी खामी के चलते योजना पर रोक लगाने के आदेश ने बनाई गई डीपीआर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि 15 जुलाई को विधायक सरिता आर्य की ओर से कार्य के शुभारंभ के बाद गुरुग्राम की एमएफबी जियोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट का कार्य शुरू किया था। प्रभावित क्षेत्र में दो मशीनें पहुंचाकर सफाई का कार्य शुरू किया गया। इसके बाद तीन अगस्त को शासन से प्रोजेक्ट में तकनीकी सुधार का हवाला देते हुए कार्य को अगले आदेश तक रोक दिया गया। इस पर स्थानीय लोगों का कहना है कि चार्टन लॉज क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए लंबे समय से स्थायी उपचार की मांग की जा रही थी। ऐसे में करोड़ों रुपये की डीपीआर तैयार करने के बाद काम शुरू होते ही तकनीकी कारणों से रोक लगाना गंभीर सवाल खड़े करता है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ललित मोहन कश्यप ने बताया कि शासन के आदेश के अनुपालन में फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है। अगले निर्देश प्राप्त होते ही परियोजना का कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।
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कार्य शुरू करने के लिए दो मशीनें, लेबर समेत रोकथाम में प्रयोग होने वाला शुरुआती सामान भी खरीद लिया। रोक लगने से करीब एक माह में 35 से 40 लाख का नुकसान हो गया है। - राजेश कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर
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बता दें कि 15 जुलाई को विधायक सरिता आर्य की ओर से कार्य के शुभारंभ के बाद गुरुग्राम की एमएफबी जियोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट का कार्य शुरू किया था। प्रभावित क्षेत्र में दो मशीनें पहुंचाकर सफाई का कार्य शुरू किया गया। इसके बाद तीन अगस्त को शासन से प्रोजेक्ट में तकनीकी सुधार का हवाला देते हुए कार्य को अगले आदेश तक रोक दिया गया। इस पर स्थानीय लोगों का कहना है कि चार्टन लॉज क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए लंबे समय से स्थायी उपचार की मांग की जा रही थी। ऐसे में करोड़ों रुपये की डीपीआर तैयार करने के बाद काम शुरू होते ही तकनीकी कारणों से रोक लगाना गंभीर सवाल खड़े करता है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ललित मोहन कश्यप ने बताया कि शासन के आदेश के अनुपालन में फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है। अगले निर्देश प्राप्त होते ही परियोजना का कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।
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कार्य शुरू करने के लिए दो मशीनें, लेबर समेत रोकथाम में प्रयोग होने वाला शुरुआती सामान भी खरीद लिया। रोक लगने से करीब एक माह में 35 से 40 लाख का नुकसान हो गया है। - राजेश कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर
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